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RD Burman First Wife: हिंदी सिनेमा के महान संगीतकार आरडी बर्मन, जिन्हें प्यार से पंचम दा कहा जाता है. वह अपने अनोखी धुनों और प्रयोगधर्मी संगीत के लिए जाने जाते थे. लेकिन उनकी निजी जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही. खासतौर पर उनकी पहली शादी, जो एक फैन से शुरू हुई और महज कुछ सालों में खत्म भी हो गई और फिर कुछ सालों के बाद उन्होंने आशा भोसले से दूरी शादी की.
नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा के संगीत के जादूगर आरडी बर्मन की जिंदगी जितनी सुरों से भरी थी, उतनी ही उतार-चढ़ाव से भी… उनके गानों में जो दर्द और तन्हाई झलकती है, उसके पीछे उनकी निजी जिंदगी की अधूरी कहानी भी छिपी थी. बहुत कम लोग जानते हैं कि पंचम दा की पहली शादी एक ऐसी लड़की से हुई थी, जो कभी उनकी जबरदस्त फैन हुआ करती थी. फैन से शुरू हुआ यह रिश्ता प्यार और शादी तक पहुंचा, लेकिन ज्यादा समय तक टिक नहीं पाया. महज कुछ सालों में ही यह बंधन टूट गया और इसी टूटन के बाद उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने उनके संगीत को और गहराई दे दी. आखिर कौन थीं वह लड़की और क्या थी इस रिश्ते की असली कहानी, चलिए बताते हैं…
संगीत की दुनिया में आरडी बर्मन (पंचम दा) का नाम जादू की तरह लिया जाता है. उनकी धुनों ने पीढ़ियों को मोहित किया, लेकिन उनके निजी जीवन की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है. उनकी पहली पत्नी रीता पटेल थीं, जो एक दीवानी फैन से उनकी जिंदगी में आईं और महज 5 साल में रिश्ता टूट गया. इस दर्द ने ही उन्हें ‘मुसाफिर हूं यारों’ जैसी अमर धुन दी.
रीता पटेल मूल रूप से दार्जिलिंग से ताल्लुक रखती थीं. वे आरडी बर्मन की बड़ी फैन थीं. कहानी यूं शुरू हुई कि रीता ने अपनी दोस्तों से शर्त लगाई थी कि वे पंचम दा से मिलकर फिल्म डेट हासिल कर लेंगी. दार्जिलिंग की ठंडी हवाओं में दोनों की मुलाकात हुई. पंचम उस समय युवा और उभरते संगीतकार थे. रीता की खूबसूरती और उनकी दीवानगी ने पंचम को प्रभावित किया. दोस्ती प्यार में बदल गई और 1966 में दोनों ने शादी कर ली.
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शादी के समय पंचम दा महज 27 साल के थे. रीता पटेल एक साधारण लेकिन आकर्षक लड़की थीं. शादी के रिसेप्शन में संगीत जगत के दिग्गज मौजूद थे… एसडी बर्मन, मोहम्मद रफी, मुकेश, महमूद समेत कई नामी हस्तियां. शुरू के कुछ साल दोनों का रिश्ता अच्छा चला. लेकिन धीरे-धीरे दोनों के स्वभाव में अंतर सामने आने लगा.पंचम का पूरा ध्यान संगीत पर था, जबकि रीता पारिवारिक जीवन चाहती थीं. व्यस्त शेड्यूल, रात-दिन की रिकॉर्डिंग्स और क्रिएटिव प्रेशर ने रिश्ते पर असर डाला. फोटो साोभार-@jairajmukherjee_themoviemaniac/Instagram
आपसी अनबन और समझौतों की कमी के कारण साल 1971 में उनका तलाक हो गया. पांच साल की शादीशुदा जिंदगी के बाद दोनों अलग हो गए. यह दौर पंचम दा के लिए काफी कठिन रहा. निजी जिंदगी के इस टूटन का असर उनके संगीत पर भी देखने को मिला.
इसी भावनात्मक उथल-पुथल के बीच एक ऐसा गीत सामने आया, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया. उस गाने के बोल हैं ‘मुसाफिर हूं यारों’… यह गाना फिल्म ‘परिचय’ का हिस्सा था और इसे किशोर कुमार ने अपनी आवाज दी थी. इस गीत के बोल और धुन में एक अजीब सी तन्हाई और सफर का एहसास मिलता है, जिसे कई लोग पंचम दा की निजी जिंदगी से जोड़कर देखते हैं.
रीता से तलाक लेने के बाद पंचम दा बेहद दुखी थे. तलाक के बाद वह अपने घर न जाकर एक होटल में रुके, जहां उन्होंने गम के माहौल में ही एक गाना बना दिया, जो बाद में बेहद पॉपुलर हुआ. इस गाने के बोल हैं- ‘मुसाफिर हूं यारों ना घर है ना ठिकाना हमें चलते जाना है.’ फिल्म में ये गाना जीतेंद्र पर फिल्माया गया है.
रीता पटेल तलाक के बाद संगीत जगत से दूर हो गईं. उन्होंने दोबारा शादी नहीं की और काफी प्राइवेट लाइफ जीती रहीं. तलाक के बाद आशा ताई की नजदीकियां पंचम दा से हुईं. क्योंकि उस दौरान दोनों सिंगर जिंदगी की एक ही नाव पर सवार थे. आशा भोसले ने भी अपने पति से तलाक लिया था. आशा भी तलाक के बाद बेहद दुखी थी. अपने तीनों बच्चों को वह अकेले पढ़ा-लिखा रही थीं. दोनों की पहली मुलाकात 1956 में फिल्म तीसरी मंजिल के गाने के लिए हुई थी. लगातार साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे के बीच करीब बड़ी तो उन्होंने शादी का फैसला ले लिया. ये शादी भी आसान नहीं थी. क्योंकि इसके लिए आर डी बर्मन की मां बिलकुल तैयार नहीं थी.
दोनों ने साल 1980 में शादी की और एक दूसरे के साथी बन गए. लेकिन ये सफर काफी समय तक नहीं चला. आरडी बर्मन का 4 जनवरी 1994 को 54 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने 331 फिल्मों में संगीत दिया. आज भी जब ‘मुसाफिर हूं यारों’ सुनते हैं तो लगता है कि संगीत कभी अकेला नहीं होता… उसमें जिंदगी के टूटे हुए रिश्तों की कहानियां भी बसती हैं. फोटो साभार-@IMDb

