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जब भी बॉलीवुड का इतिहास 80 के दशक के आखिर और 90 के दशक की शुरुआत के आसपास घूमता है, तो यह अक्सर खान तिकड़ी या अजय और अक्षय कुमार के उदय के इर्द-गिर्द घूमता है. लेकिन उस दौर में एक सुपरस्टार ऐसा था जो किसी भी लहर से बेपरवाह था. वह अपनी धुन पर नाचता रहा और दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचता रहा. हम बात कर रहे हैं गोविंदा की. उन्होंने 1986 में ‘इल्जाम’ से अपनी पहचान बनाई. 1996 तक, गोविंदा ने 10 ऐसी फिल्में दीं जो उस साल की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल थीं. यह कहानी उस सुनहरे दौर की जब गोविंदा का नाम ही सफलता की गारंटी था.
नई दिल्ली. जब 1986 में फिल्म ‘इल्जाम’ रिलीज हुई तो बॉलीवुड को एक ऐसा एक्टर मिला, जिसने न केवल शानदार परफॉर्मेंस दी, बल्कि जिसके डांस मूव्स ने युवाओं को भी लुभाया. ‘इल्जाम’ उस साल की 7वीं सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी. गोविंदा ने उसी साल फिल्म ‘लव 86’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था और ‘इल्जाम’ उनकी दूसरी फिल्म थी, जो बस एक ट्रेलर था, क्योंकि आने वाले दशक में वह बॉक्स ऑफिस के बिना किसी शक के किंग बनने वाले थे.
गोविंदा की खासियत यह थी कि वह हर जॉनर में फिट हो जाते थे. 1987 में ‘खुदगर्ज’ रिलीज हुई, जो साल की तीसरी सबसे बड़ी हिट बनी. इसके बाद, 1988 में उन्होंने ‘दरिया दिल’ (8वीं सबसे ज्यादा कमाई) और ‘हत्या’ (9वीं सबसे ज्यादा कमाई) जैसी फिल्मों से अपनी काबिलियत साबित की. एक ऐसे दौर में जब बड़े स्टार्स भी अपनी इमेज को लेकर परेशान रहते थे, गोविंदा ने अपनी सादगी और एनर्जी से खान्स और कपूर खानदान के दबदबे को चुनौती दी.
जैसे ही बॉलीवुड 90 के दशक में आया, जहां शाहरुख खान और आमिर खान जैसे नए स्टार्स अपनी जगह बना रहे थे, गोविंदा ने अपनी जगह और मजबूत कर ली. 1990 में ‘महासंग्राम’ (9वीं सबसे ज्यादा कमाई) और इमोशनल ड्रामा ‘स्वर्ग’ (11वीं सबसे ज्यादा कमाई) ने उन्हें घर-घर में मशहूर कर दिया. ‘स्वर्ग’ में उनकी परफॉर्मेंस ने दिखाया कि वह सिर्फ कॉमेडी और डांस तक ही सीमित नहीं थे.
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1991 में गोविंदा ने मेगास्टार अमिताभ बच्चन के साथ ‘हम’ में काम किया. यह फिल्म उस साल की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी. हालांकि अमिताभ बच्चन ने लीड रोल किया था, लेकिन गोविंदा की मौजूदगी ने फिल्म को युवाओं के बीच बहुत पॉपुलर बना दिया. अगले साल, 1992 में गोविंदा ने डेविड धवन के साथ अपनी जादुई जोड़ी शुरू की और ‘शोला और शबनम’ दी, जो साल की चौथी सबसे बड़ी हिट बनी.
गोविंदा के करियर का पीक 1993 में आया. फिल्म ‘आंखें’ ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी सुनामी ला दी जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. यह 1993 की नंबर वन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई, जिसने उस जमाने की सभी एक्शन और रोमांटिक फिल्मों को पीछे छोड़ दिया. इस फिल्म की सफलता ने गोविंदा को ‘नंबर 1’ का टैग दिलाया.
खान सुपरस्टार्स के जम जाने के बाद भी, गोविंदा का जादू बरकरार रहा. 1996 में उनकी फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ रिलीज हुई, जो उस साल की नौवीं सबसे ज्यादा कमाने वाली फिल्म बनी. अजय देवगन, अक्षय कुमार और खान्स के जमाने में भी गोविंदा की कॉमेडी का जबरदस्त असर रहा.
गोविंदा की ये 10 ब्लॉकबस्टर फिल्में सिर्फ आंकड़े नहीं हैं, बल्कि आम जनता से मिले उनके प्यार का सबूत हैं. बिना किसी गॉडफादर या बड़े कैंपेन के उन्होंने अपने दम पर यह एम्पायर खड़ा किया. उन्होंने साबित कर दिया कि अगर आपके पास टैलेंट है और जनता से जुड़ने की काबिलियत है, तो कोई भी मुकाबला आपकी रफ्तार को कम नहीं कर सकता. हालांकि, बाद में कुछ गलत फैसलों ने उनके करियर को तबाह कर दिया और आज वह बॉलीवुड से पूरी तरह गायब हैं.

