गंभीर बीमारियों को रखना है दूर तो सुबह-सुबह करें ‘बॉक्स ब्रीदिंग’! जानें 4-4-4-4 तकनीक के फायदे और अभ्‍यास का तरीका

गंभीर बीमारियों को रखना है दूर तो सुबह-सुबह करें ‘बॉक्स ब्रीदिंग’! जानें 4-4-4-4 तकनीक के फायदे और अभ्‍यास का तरीका


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Box Breathing Technique Benefits: बॉक्स ब्रीदिंग सिर्फ एक एक्सरसाइज नहीं, बल्कि स्वस्थ रहने का एक शक्तिशाली टूल है. अगर आप भी भयंकर बीमारियों को खुद से दूर रखना चाहते हैं और मानसिक शांति पाना चाहते हैं, तो कल सुबह से ही 5 मिनट ‘बॉक्स ब्रीदिंग’ के लिए जरूर निकालें! बॉक्स ब्रीदिंग एक डीप ब्रीदिंग तकनीक है जो तनाव, एंग्जायटी, हाई ब्लड प्रेशर और अनिद्रा में मदद करती है, फोकस बढ़ाती है, सुबह कुछ मिनट अभ्यास की सलाह दी गई है.

बीमारियों को रखना है दूर तो सुबह करें ‘बॉक्स ब्रीदिंग’! जानें फायदे और तकनीकZoom

इस तकनीक को शुरू करने के लिए किसी शांत जगह पर सीधे बैठ जाएं और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें.

Box Breathing Technique Step By Step: आज हर दूसरा इंसान किसी न किसी रूप में शारीरिक ही नहीं, मानसिक तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन के करीब जा रहा है.  शरीर को फिट रखने के लिए लोग जिम तो जाते हैं, डाइट भी कंट्रोल करते हैं, लेकिन सेहत है कि बेहतर होती ही नहीं. एक्‍सपर्ट के मुताबिक, अगर आप अपनी सांसों पर ध्यान दें तो शरीर की कई परेशानियों को दूर रखा जा सकता है. क्या आप जानते हैं कि सांस लेने का एक खास तरीका आपकी पूरी सेहत को बदल सकता है?

जी हां, इसे ‘बॉक्स ब्रीदिंग’ (Box Breathing) या ‘स्क्वायर ब्रीदिंग’ कहते हैं. नेवी सील्स से लेकर बड़े एथलीट्स तक इसका इस्तेमाल अपना फोकस बढ़ाने और तनाव कम करने के लिए करते हैं. आइए जानते हैं क्या है यह तकनीक और सुबह के समय इसे करना क्यों जरूरी है.

क्या है बॉक्स ब्रीदिंग तकनीक?
बॉक्स ब्रीदिंग डीप ब्रीदिंग यानी गहरी सांस लेने की प्रक्रिया है जिसमें चार मुख्य स्‍टेप होते हैं- सांस लेना, रोकना, छोड़ना और फिर से रोकना. क्योंकि इसमें हर चरण का समय बराबर (4 सेकंड) होता है, इसलिए इसे ‘स्क्वायर’ या ‘बॉक्स’ ब्रीदिंग कहा जाता है. हेल्‍थलाइन के मुताबिक, यह तकनीक हमारे ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम को रेगुलेट करने में मदद करती है.

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बॉक्स ब्रीदिंग के फायदे (Benefits)-

1.तनाव और चिंता से मुक्ति: यह तकनीक दिमाग को तुरंत शांत करती है और एंग्जायटी या पैनिक अटैक की स्थिति में रामबाण की तरह काम करती है.
2.ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण: गहरी सांस लेने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कम होता है, जिससे हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद मिलती है.
3.फेफड़ों की सेहत: विशेष रूप से COPD (फेफड़ों की बीमारी) से जूझ रहे लोगों के लिए यह बहुत प्रभावी है. एक रिसर्च के अनुसार, ब्रीदिंग फ्रीक्वेंसी सुधारने में यह 99.2% तक असरदार पाई गई है.
4.बेहतर एकाग्रता (Focus): सुबह इसे करने से दिमाग फ्रेश रहता है और आप पूरे दिन बेहतर तरीके से फोकस कर पाते हैं.
5.नींद में सुधार: जिन्हें अनिद्रा (Insomnia) की शिकायत है, उनके लिए बॉक्स ब्रीदिंग गहरी और सुकून भरी नींद लाने में मदद करती है.

कैसे करें बॉक्स ब्रीदिंग? (Step-by-Step Guide)-
इस तकनीक को शुरू करने के लिए किसी शांत जगह पर सीधे बैठ जाएं और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें.

  • Step 1: धीरे से सांस छोड़ें (Exhale) – अपने मुंह से धीरे-धीरे पूरी सांस बाहर निकालें और फेफड़ों को खाली करें.
  • Step 2: धीरे से सांस लें (Inhale) – अब नाक से धीरे-धीरे 4 सेकंड तक गहरी सांस लें. महसूस करें कि हवा आपके फेफड़ों और पेट तक जा रही है.
  • Step 3: सांस रोकें (Hold) – अब 4 सेकंड के लिए अपनी सांस को अंदर ही रोक कर रखें.
  • Step 4: फिर से सांस छोड़ें (Exhale) – अब धीरे-धीरे 4 सेकंड में मुंह से पूरी सांस बाहर निकालें.
  • Step 5: दोबारा सांस रोकें (Hold) – खाली फेफड़ों के साथ 4 सेकंड के लिए फिर रुकें. इसके बाद दोबारा यही प्रक्रिया दोहराएं.

प्रो-टिप: शुरुआती तौर पर इसे एक बार में 4 बार दोहराएं. दिन में दो से तीन बार इसका अभ्यास आपकी सेहत में बड़ा बदलाव ला सकता है.

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