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किस्मत कब किसके दरवाजे पर दस्तक दे जाए, कोई नहीं जानता. ऐसा ही कुछ गोविंदा, सलमान खान और संजय दत्त के साथ काम कर चुके इस एक्टर के साथ हुआ था. जावेद अख्तर ने इस शख्स को देखते ही एक्टर बना दिया था.
नई दिल्ली. वो उम्दा एक्टर, जिसने छोटे-छोटे रोल के जरिए बड़ी पहचान बनाई. अपने करियर में इस एक्टर ने अपनी कॉमेडी से ऐसी धाक जमा रखी थी कि उसके पर्दे पर आते ही तालियां बजने लगती थीं. इस शख्स का चेहरा देखते ही जावेद ने उन्हें एक्टिंग का ऑफर दे दिया था.
वो जाने माने एक्टर कोई और नहीं, रजाक खान हैं. उनका नाम बॉलीवुड के उन कलाकारों में लिया जाता है, जिन्होंने छोटे रोल करके भी बड़ा असर छोड़ा. एक वक्त ऐसा था जब वह काम की तलाश में भटक रहे थे.
रजाक खान एक बार एक होटल में बैठे थे. उसी वक्त वहां से रजाक खान गुजर रहे थे. उसी वक्त उनकी नजर पड़ी. उन्होंने रजाक से पूछा कि फिल्मों में काम करोगे. फिर क्या था उन्होंने हां कह दी और यहीं उनके करियर की शुरुआत हुई थी.
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रजाक खान की सबसे बड़ी ताकत उनकी कॉमिक टाइमिंग थी. वह छोटे से रोल में भी ऐसा रंग भर देते थे कि दर्शक उन्हें नोटिस किए बिना नहीं रह पाते थे. उनका अलग अंदाज और डायलॉग डिलीवरी उन्हें बाकी कॉमेडियंस से अलग बनाती थी.
अपने करियर में उन्होंने हर बड़े एक्टर के साथ काम किया है. अजय देवगन के साथ उन्होंने कई यादगार फिल्में की. इनमें इश्क, राजू चाचा और होगी प्यार की जीत जैसी फिल्में शामिल हैं.इन फिल्मों में उनके छोटे लेकिन मजेदार किरदारों ने कहानी में हल्कापन और मनोरंजन का तड़का लगा दिया था.
संजय दत्त के साथ भी उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया है. इनमें रजाक के किरदार को काफी पसंद किया गया था. इनमें हसीना मान जाएगी, जोड़ी नंबर वन और एक और एक ग्यारल जैसी फिल्में हैं.
गोविंद के साथ तो उनकी जोड़ी काफी हिट मानी जाती थी. गोविंदा और रजाक की केमिस्ट्री तो दर्शकों को खूब पसंद आती थी. ये दोनों साथ आते थे, तो दर्शकों का हंस-हंस कर बुरा हाल हो जाता था. दोनों ने साथ में आंटी नंबर 1, अंखियों से गोली मार और बड़े मियां छोटे मियां में काम किया था.
रजाक खान ने कभी लीड रोल की जरूरत महसूस नहीं की. उन्होंने हर छोटे रोल को इस तरह निभाया कि वह दर्शकों के दिलों में बस गए. यही वजह है कि आज भी उनकी कॉमेडी को लोग याद करते हैं. रजाक खान भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्मों के जरिए वह हमेशा जिंदा रहेंगे. उन्होंने साबित किया कि असली टैलेंट किसी बड़े रोल का मोहताज नहीं होता.

