Site icon Aaj Ki Baat

जिस गाने को नहीं गा पाए मोहम्मद रफी, किशोर कुमार ने उसे कर दिया अमर, 52 साल भी कम नहीं हुआ क्रेज

जिस गाने को नहीं गा पाए मोहम्मद रफी, किशोर कुमार ने उसे कर दिया अमर, 52 साल भी कम नहीं हुआ क्रेज


Last Updated:

Kishore Kumar Vs Mohammed Rafi : 70 का दशक शुरू होने से पहले ही किशोर कुमार कई निर्माता-निर्देशकों की पहली पसंद बनने लगे थे. मोहम्मद रफी का वो बहुत सम्मान करते थे. रफी साहब उनके सीनियर थे. एक मौका ऐसा भी आया जब रफी साहब एक सदाबहार गाना नहीं गा पाए. उन्होंने संगीताकर से उस गाने को किशोर कुमार से रिकॉर्ड करवाने के लिए कहा. साथ ही यह भी कहा कि किशोर दा ही इस गाने के साथ न्याय कर पाएंगे. किशोर दा ने उस गाने को अपनी बुलंद आवाज से अमर कर दिया. यह गाना उस फिल्म की पहचान बन गया. यह फिल्म कौन सी थी, और वो गाना कौन सा था, आइये जानते हैं दिलचस्प किस्सा…….

शक्ति सामंत के निर्देशन में बनी राजेश खन्ना की ‘आराधना’ फिल्म 1969 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में एसडी बर्मन का म्यूजिक था. किशोर कुमार ने गाने गए थे. फिल्म ने इतिहास रच दिया. राजेश खन्ना रातोंरात स्टार बन गए. वो राजेश खन्ना की आवाज बनकर उभरे. रफी साहब और किशोर कुमार एकदूसरे का बहुत सम्मान करते थे. एक मौका ऐसा भी आया जब मोहम्मद रफी एक गाने को नहीं गा सके. उन्होंने संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल से कहा कि इस गाने के साथ न्याय किशोर कुमार ही कर पाएंगे. फिर जो हुआ वो इतिहास बन गया. हम धर्मेंद्र स्टारर ‘दोस्त’ फिल्म की बात कर रहे हैं.

‘दोस्त’फिल्म अप्रैल 1974 में रिलीज हुई थी. दलाल गुहा के निर्देशन में बनी धर्मेंद्र की इस फिल्म का म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने कंपोज किया था. लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल को मोहम्मद रफी से बहुत लगाव था. जब इस संगीतकार जोड़ी ने अपना करियर शुरू किया था तो मोहम्मद रफी ने ही साथ दिया था. ऐसे में वो अपनी हर फिल्म के एक-दो गाने रफी साहब से रिकॉर्ड करवाया करते थे. जब ‘दोस्त’ फिल्म बन रही थी तो लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने मोहम्मद रफी-लता मंगेशकर से एक गाना ‘आ बता दें तुझे कैसे जीते हैं भला’ रिकॉर्ड करवाया.

अब बारी फिल्म के सबसे कर्णप्रिय गाने की थी. मोहम्मद रफी ने जब गाना सुना तो उन्होंने लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल से इस गाने को रिकॉर्ड करने का अनुरोध किया. रफी साहब ने जो कहा उसकी उम्मीद किसी को नहीं थी. उन्होंने गाना किशोर दा से रिकॉर्ड करवाने की सलाह दी. रफी साहब की बात सुनकर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल हैरान रह गए. उन्होए किशोर कुमार से संपर्क किया. यह गाना था : ‘गाड़ी बुला रही है, सीटी बजा रही है…’. गाना कितना पॉप्युलर हुआ, आप सब जानते हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

इस कालजयी गाने को आनंद बख्शी ने लिखा था. 22वें फिल्म फेयर अवॉर्ड में किशोर कुमार और आनंद बख्शी को इस गाने के लिए नॉमिनेशन भी मिला था. यह गाना 70 के जमाने में जितना हिट था, आज भी उतना ही दिल को छू लेने वाला है.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि धर्मेंद्र को इस फिल्म की शूटिंग के दौरान ही ऐसा लगने लगा कि यह मूवी फ्लॉप हो जाएगा. ‘दोस्त’ फिल्म का ट्रायल देखने के बाद ही तो शक यकीन में बदल गया. धर्मेंद्र फिल्म रिलीज होने से पहले ही मुंबई से कश्मीर भाग गए मगर तकदीर को कुछ और ही मंजूर था. जिस फिल्म को उन्होंने फ्लॉप समझा, वही हिट निकली. सिनेमाघरों के बाहर हाउसफुल के बोर्ड लगे हुए थे. जब धर्मेंद्र को इसकी खबर मिली तो वो मुंबई पहुंचे. सीधे डायरेक्टर दलाल गुहा से मिले और माफी मांगी.

सवाल उठता है कि धर्मेंद्र को ऐसा क्यों लगा कि ‘दोस्त’ मूवी फ्लॉप हो जाएगा. इसके पीछे की वजह उनकी 1969 की फिल्म ‘सत्यकाम’ थी. इस फिल्म को धर्मेंद्र के पूरे करियर की बेस्ट मूवी माना जाता है लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई थी. दोस्त फिल्म में जैसा उनका रोल था, उसी से मिलता-जुलता किरदार उन्होंने सत्यकाम में निभाया था. धर्मेंद्र ने अधूरे मन से दोस्त फिल्म में काम किया. जैसे-जैसे ‘दोस्त’ फिल्म की शूटिंग आगे बढ़ी, धर्मेंद्र को यकीन होता चला गया कि फिल्म फ्लॉप हो जाएगी. फिल्म का ट्रायल देखने के बाद धर्मेंद्र प्रीमियर में शामिल नहीं हुए और मुंबई से भागकर कश्मीर चले गए.

दोस्त फिल्म में अमिताभ बच्चन का एक छोटा सा रोल था. उन्हें इस रोल के लिए कोई क्रेडिट नहीं दिया गया. पूरी फिल्म में ‘गाड़ी बुला रही है’ गाना अलग-अलग सिचुएशन के हिसाब से चलता है. दोस्त फिल्म से जुड़ा सबसे दिलचस्प पहलू यह भी है कि इस मूवी में काम करने वाले सभी हीरो-हीरोइन सांसद बने. अमिताभ बच्चन, शत्रुघ्न सिन्हा, धर्मेंद्र लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं. हेमा मालिनी भी सांसद हैं. दोस्त 1974 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तीसरी फिल्म थी.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Exit mobile version