200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली की एक अदालत में जैकलीन की उस याचिका का विरोध किया, जिसमें उन्होंने ‘सरकारी गवाह’ बनने की मांग की थी। ईडी ने कोर्ट में साफ कहा कि जैकलीन को सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक बैकग्राउंड की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद वे उसके साथ लगातार संपर्क में रहीं और अपराध की कमाई से करोड़ों के गिफ्ट्स लेती रहीं। सुकेश के साथ लगातार संपर्क में थीं जैकलीन
स्पेशल जज प्रशांत शर्मा के सामने दाखिल अपने जवाब में ईडी ने कहा कि जैकलीन कोई ऐसी मासूम पीड़िता नहीं हैं जिन्हें सुकेश के बारे में कुछ पता न हो। एजेंसी के मुताबिक, एक्ट्रेस सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक रिकॉर्ड को जानने के बाद भी उसके साथ रेगुलर और सस्टेंड कॉन्टैक्ट में थीं। सुकेश ने अपराध के जरिए कमाए गए पैसों से जैकलीन और उनके परिवार के लिए महंगे गिफ्ट्स, लग्जरी सामान और सुविधाओं का इंतजाम किया था। ईडी ने जोर देकर कहा कि जैकलीन का सुकेश के साथ जुड़ाव पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया फैसला था। जांच में सहयोग न करने का आरोप
एजेंसी ने जैकलीन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। ईडी ने कोर्ट को बताया कि एक्ट्रेस ने जांच के दौरान बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया और उनके बयान भ्रामक रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2021 से जून 2022 के बीच दर्ज किए गए जैकलीन के बयानों में कई विरोधाभास थे। ईडी ने आरोप लगाया कि एक्ट्रेस ने अपनी स्क्रिप्ट राइटर अद्वैता काला को किए गए कैश ट्रांजेक्शन, विदेश में रहने वाले भाई-बहनों को भेजे गए फंड और बहरीन में माता-पिता के लिए खरीदी गई कारों जैसी अहम जानकारियां एजेंसी से छिपाईं। ‘खुद को पीड़ित बताना सजा से बचने का पैंतरा’
ईडी ने स्पष्ट किया कि जैकलीन का खुद को ‘विक्टिम’ बताना केवल कानून से बचने का एक तरीका है। एजेंसी ने कहा, जैकलीन इस मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया में एक सक्रिय भागीदार थीं और उन्होंने अपराध की कमाई का जमकर आनंद लिया है। उन्हें सरकारी गवाह बनाना न्याय के साथ धोखा होगा और इससे अपराध की गंभीरता कम हो जाएगी। ईडी ने इस अर्जी को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है। अब मामले की सुनवाई 12 मई को होगी। 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला बता दें कि यह पूरा मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपए ठगे थे। जैकलीन को इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके खिलाफ मामले को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी।
Source link
