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टाटा संस की लिस्टिंग के पक्ष में आए शापूरजी मिस्त्री:बोले- यह केवल रेगुलेटरी जरूरत नहीं, बल्कि ट्रांसपेरेंसी के लिए जरूरी कदम

टाटा संस की लिस्टिंग के पक्ष में आए शापूरजी मिस्त्री:बोले- यह केवल रेगुलेटरी जरूरत नहीं, बल्कि ट्रांसपेरेंसी के लिए जरूरी कदम




शापूरजी पलोनजी (SP) ग्रुप के चेयरमैन शापूरजी पलोनजी मिस्त्री ने एक बार फिर टाटा संस की लिस्टिंग की वकालत की है। शुक्रवार को जारी एक बयान में मिस्त्री ने कहा कि टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट करना जरूरी है। इससे न केवल ग्रुप में पारदर्शिता यानी ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी, बल्कि गवर्नेंस और जवाबदेही भी मजबूत होगी। बता दें कि टाटा संस में शापूरजी पलोनजी ग्रुप की करीब 18% हिस्सेदारी है। पब्लिक लिस्टिंग से टाटा ट्रस्ट्स को फायदा होगा शापूरजी मिस्त्री ने कहा कि टाटा संस की लिस्टिंग केवल कानूनी नियमों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह टाटा ग्रुप के बुनियादी सिद्धांतों को और मजबूती देगी। उन्होंने तर्क दिया कि अब तक ऐसा कोई ठोस कारण या सबूत सामने नहीं आया है जो यह बताए कि पब्लिक लिस्टिंग से टाटा ट्रस्ट्स के हितों को नुकसान होगा या उनकी लोक कल्याणकारी गतिविधियों में कोई कमी आएगी। आम निवेशकों और शेयरधारकों को लाभ मिलेगा मिस्त्री के अनुसार, टाटा संस के लिस्ट होने से बोर्ड की जवाबदेही बढ़ेगी और निवेशकों का आधार भी बड़ा होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे लाखों रिटेल शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक होगी। इसके अलावा, टाटा ट्रस्ट्स के लिए डिविडेंड (लाभांश) का एक तय और मजबूत जरिया बनेगा, जिससे समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए किए जाने वाले परोपकारी कामों में और तेजी आएगी। RBI के नियमों का हवाला दिया समाधान के लिए RBI से उम्मीद शापूरजी मिस्त्री ने बताया कि SP ग्रुप इस मामले के शांतिपूर्ण समाधान के लिए टाटा संस के नेतृत्व के साथ चर्चा कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मामले में एक ठोस दिशा के लिए रिजर्व बैंक की ओर देख रहे हैं। उन्हें भरोसा है कि भारत सरकार और RBI इस लिस्टिंग को लेकर निर्णायक कदम उठाएंगे। क्या है पूरा विवाद? हिस्सेदारी का गणित: टाटा संस में टाटा ट्रस्ट्स की करीब 66% हिस्सेदारी है, जबकि शापूरजी पलोनजी परिवार के पास 18.4% हिस्सा है। RBI का नियम: सितंबर 2022 में RBI ने टाटा संस को ‘अपर लेयर’ NBFC घोषित किया था। इसके तहत कंपनी को 3 साल के भीतर (सितंबर 2025 तक) शेयर बाजार में लिस्ट होना जरूरी है। टाटा का रुख: टाटा संस अपनी होल्डिंग कंपनी के ढांचे को बदलने या कर्ज चुकाकर इस नियम से बचने के रास्ते तलाश रही है, ताकि उसे लिस्ट न होना पड़े। वहीं, SP ग्रुप चाहता है कि लिस्टिंग हो ताकि उनकी हिस्सेदारी की सही वैल्यू लग सके। ये खबर भी पढ़ें… चांदी आज ₹4855 बढ़कर ₹2.41 लाख पर पहुंची: सोना ₹368 महंगा होकर ₹1.50 लाख के पार, इस साल ₹17 हजार दाम बढ़े सोना-चांदी के दाम में शुक्रवार को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 4,855 रुपए बढ़कर 2,41,013 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले 9 अप्रैल को कीमत 2,36,158 रुपए प्रति किलो थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 368 रुपए बढ़कर 1,50,305 रुपए पर पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को कीमत 1,49,937 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। पूरी खबर पढ़ें…



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