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टॉप-10-कंपनियों में से 8 की वैल्यू 1.87 लाख करोड़ बढ़ी:एयरटेल टॉप गेनर रही, वैल्यू ₹58.83 हजार करोड़ बढ़ी; LIC का मार्केट कैप भी बढ़ा




मार्केट कैप के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों में से 8 की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 1.87 लाख करोड़ रुपए बढ़ गई। इस दौरान भारती एयरटेल की वैल्यू सबसे ज्यादा बढ़ी है। एयरटेल का मार्केट कैप 58,831 करोड़ रुपए बढ़कर ₹11.25 लाख करोड़ हो गया है। LIC की मार्केट वैल्यू ₹27,608 करोड़ बढ़कर ₹5.32 लाख करोड़ पर पहुंच गई। TCS की मार्केट वैल्यू ₹20,731 करोड़ बढ़कर ₹9.34 लाख करोड़ हो गई है। वहीं रिलायंस, लार्सन एंड टुब्रो, ICICI बैंक, SBI और इंफोसिस की वैल्यू भी बढ़ी है। HDFC बैंक का मार्केट कैप 16,163 करोड़ रुपए घटकर ₹12.31 लाख करोड़ पर आ गया। वहीं बजाज फाइनेंस की मार्केट वैल्यू ₹9,769 करोड़ घटकर ₹5.65 लाख करोड़ पर आ गई है। बीते हफ्ते सेंसेक्स 943 अंक चढ़ा था पिछले हफ्ते सेंसेक्स 943.29 (1.21%) और निफ्टी 302.95 (1.25%) अंक चढ़ा था। वहीं हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार 17 अप्रैल को सेंसेक्स 505 अंक (0.65%) की तेजी के साथ 78,494 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 157 अंकों (0.65%) की तेजी रही थी, ये 24,354 के स्तर पर बंद हुआ था। मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है? मार्केट कैप किसी भी कंपनी के टोटल आउटस्टैंडिंग शेयरों यानी वे सभी शेयर जो फिलहाल उसके शेयरहोल्डर्स के पास हैं, उनकी वैल्यू है। इसका कैलकुलेशन कंपनी के जारी शेयरों की कुल संख्या को उनकी कीमत से गुणा करके किया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझें… मान लीजिए… कंपनी ‘A’ के 1 करोड़ शेयर मार्केट में लोगों ने खरीद रखे हैं। अगर एक शेयर की कीमत 20 रुपए है, तो कंपनी की मार्केट वैल्यू 1 करोड़ x 20 यानी 20 करोड़ रुपए होगी। कंपनियों की मार्केट वैल्यू शेयर की कीमतों के बढ़ने या घटने के चलते बढ़ता-घटता है। इसके और कई कारण हैं… मार्केट कैप के उतार-चढ़ाव का कंपनी और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ता है? कंपनी पर असर : बड़ा मार्केट कैप कंपनी को मार्केट से फंड जुटाने, लोन लेने या अन्य कंपनी एक्वायर करने में मदद करता है। वहीं, छोटे या कम मार्केट कैप से कंपनी की फाइनेंशियल डिसीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है। निवेशकों पर असर : मार्केट कैप बढ़ने से निवेशकों को डायरेक्ट फायदा होता है। क्योंकि उनके शेयरों की कीमत बढ़ जाती है। वही, गिरावट से नुकसान हो सकता है, जिससे निवेशक शेयर बेचने का फैसला ले सकते हैं। उदाहरण: अगर TCS का मार्केट कैप ₹12.43 लाख करोड़ से बढ़ता है, तो निवेशकों की संपत्ति बढ़ेगी, और कंपनी को भविष्य में निवेश के लिए ज्यादा पूंजी मिल सकती है। लेकिन अगर मार्केट कैप गिरता है तो इसका नुकसान हो सकता है।



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