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तमिलनाडु में ‘धुरंधर 2’ पर बैन की मांग:मद्रास हाईकोर्ट पहुंचा मामला, विधानसभा चुनाव से पहले फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग उठी




रणवीर सिंह स्टारर फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब तमिलनाडु में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग उठी है, जिसके बाद मामला मद्रास हाईकोर्ट पहुंच गया है। चुनावी माहौल के बीच इस फिल्म की रिलीज को लेकर आपत्ति जताई गई है। Daily Thanthi की रिपोर्ट्स के मुताबिक, एडवोकेट शीला ने मद्रास हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग करते हुए फिल्म पर बैन लगाने की अपील की। याचिकाकर्ता का कहना है कि फिल्म की कहानी और विषय राजनीतिक प्रकृति के हैं, ऐसे में चुनाव से ठीक पहले इसका प्रदर्शन आचार संहिता का उल्लंघन कर सकता है। हालांकि कोर्ट ने इस मौखिक अपील पर तुरंत रोक लगाने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा है। अब इस मामले में अगला फैसला याचिका दाखिल होने के बाद ही लिया जाएगा। तमिलनाडु में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में किसी भी राजनीतिक या संवेदनशील कंटेंट वाली फिल्म को लेकर प्रशासन और अदालत दोनों सतर्क नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि फिल्म की रिलीज टाइमिंग पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। फिल्म ‘धुरंधर 2’ पहले से ही कई विवादों में घिरी हुई है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इसके कंटेंट को लेकर विरोध हो चुका है। कुछ नेताओं और संगठनों ने इसे प्रोपेगेंडा तक बताया है, जबकि कई दर्शकों ने भी फिल्म की राजनीतिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा तमिलनाडु में फिल्म के शोज भी पहले रद्द होने की खबरें सामने आई थीं। बताया गया कि सेंसर और कंटेंट से जुड़े विवादों के कारण कई थिएटरों में स्क्रीनिंग प्रभावित हुई, जिससे दर्शकों को टिकट रिफंड तक देना पड़ा। ‘धुरंधर 2’ एक पैन-इंडिया फिल्म है, जिसे हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज किया गया है। फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, लेकिन विवाद इसकी राह में लगातार अड़चन पैदा कर रहे हैं। फिलहाल सभी की नजर मद्रास हाईकोर्ट के अगले कदम पर टिकी है। अगर कोर्ट इस मामले में सुनवाई स्वीकार करता है, तो तमिलनाडु में फिल्म की रिलीज पर असर पड़ सकता है। वहीं, फिल्म इंडस्ट्री भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि चुनावी समय में फिल्मों पर इस तरह के विवाद भविष्य के लिए एक मिसाल बन सकते हैं।



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