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दिव्या भारती की 6 यादगार फिल्में, एक बार देखने बैठ गए तो बीच में उठ नहीं पाएंगे, 2 नंबर वाली थी सस्पेंस से भरपूर

दिव्या भारती की 6 यादगार फिल्में, एक बार देखने बैठ गए तो बीच में उठ नहीं पाएंगे, 2 नंबर वाली थी सस्पेंस से भरपूर


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बॉलीवुड के इतिहास में कई स्टार्स ने अपनी एक्टिंग से दर्शकों को दीवाना बनाया है, लेकिन दिव्या भारती एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने सिर्फ 3 साल के छोटे से करियर में वो पॉपुलैरिटी हासिल की जिसे पाने में दूसरों को दशकों लग जाते हैं. अपनी पैनी आंखों, मासूम चेहरे और बेमिसाल एक्टिंग की काबिलियत से उन्होंने 90 के दशक की शुरुआत में एक के बाद एक सुपरहिट फिल्में दीं. दिव्या भारती की कुछ फिल्में सस्पेंस, रोमांस और थ्रिलर का ऐसा अनोखा मिक्सचर हैं कि एक बार देखने के बाद आप आखिर तक स्क्रीन से अपनी नजरें नहीं हटा पाएंगे. खासकर उनकी लिस्ट की दूसरी फिल्म सस्पेंस और थ्रिलर का ऐसा मास्टरपीस है जिसे देखकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे. आइए दिव्या भारती की 6 यादगार फिल्मों के बारे में जानते हैं जिन्हें आज भी कल्ट माना जाता है.

नई दिल्ली. 90 के दशक की शुरुआत में हिंदी सिनेमा में एक बड़ा बदलाव आया. इसी दौर में एक ऐसी एक्ट्रेस आईं जिन्होंने पूरे बॉक्स ऑफिस इक्वेशन को बदल दिया. जब दिव्या भारती कैमरे के सामने आईं, तो उनकी एनर्जी और स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों का मन मोह लिया. उनकी फिल्में सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं थीं, बल्कि उनमें कहानी, म्यूजिक और एक्टिंग का ऐसा बैलेंस था कि दर्शक अपनी सीटों से चिपके रहते थे. अगर आप वीकेंड पर कुछ बेहतरीन, यादगार सिनेमा देखना चाहते हैं तो दिव्या भारती की ये 6 फिल्में आपकी बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए.

1. शोला और शबनम (1992): डायरेक्टर डेविड धवन की ‘शोला और शबनम’ दिव्या भारती के करियर में एक बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. इस फिल्म में उन्होंने उस समय के उभरते हुए स्टार गोविंदा के साथ जोड़ी बनाई थी. कहानी एक आम एनसीसी कैडेट (गोविंदा) और एक अमीर लड़की दिव्या (दिव्या भारती) के इर्द-गिर्द घूमती है. नोंक-झोंक, मासूम प्यार और विलेन (गुलशन ग्रोवर) द्वारा बनाया गया टेंशन फिल्म को बेहद रोमांचक बनाता है. इस फिल्म में दिव्या भारती ने एक चुलबुली, शरारती और जिद्दी लड़की का रोल इतनी जिंदादिली से किया कि वह रातोंरात युवाओं की पसंदीदा बन गईं. फिल्म का म्यूजिक, खासकर ‘तू पागल प्रेम आवारा’ आज भी बहुत पॉपुलर है. फिल्म कॉमेडी से शुरू होती है और एक हाई-वोल्टेज एक्शन थ्रिलर के साथ खत्म होती है जो आपको बीच में उठने का मन नहीं करेगा.

2. शतरंज (1993): इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर आने वाली ‘शतरंज’ सस्पेंस, थ्रिलर और फैमिली साजिश का एक अनोखा कॉम्बिनेशन है, जो आपको आखिरी सीन तक बांधे रखेगा. दिव्या भारती की अचानक और असमय मौत के कुछ महीनों बाद, दिसंबर 1993 में रिलीज हुई इस फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, जैकी श्रॉफ और जूही चावला लीड रोल में थे. कहानी दो भाइयों (जैकी श्रॉफ और मिथुन चक्रवर्ती) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी मां की बेइज्जती का बदला एक अमीर बिजनेसमैन (कादर खान) से लेना चाहते हैं. दिव्या भारती का कैरेक्टर (सपना) इस बदले के खेल में शामिल हो जाती है. सपना का कैरेक्टर भले ही मासूम और सीधा-सादा लगता है, लेकिन उसके अंदर कुछ गहरे राज और मकसद छिपे हैं जो कहानी का रुख तय करते हैं.

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3. दीवाना (1992): 1992 की फिल्म ‘दीवाना’ बॉलीवुड के इतिहास की सबसे आइकॉनिक रोमांटिक फिल्मों में से एक मानी जाती है. राज कंवर के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर सफल रही बल्कि बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के डेब्यू का भी जरिया बनी. कहानी काजल (दिव्या भारती) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक मशहूर सिंगर रवि (ऋषि कपूर) से शादी करती है. हालांकि, एक एक्सीडेंट में रवि की मौत की खबर सुनकर काजल टूट जाती है. फिर, राजा (शाहरुख खान) उसकी जिंदगी में आता है, जो उससे बहुत प्यार करता है. कहानी तब एक असली यू-टर्न लेती है जब उसका मरा हुआ पहला पति वापस आता है. इस फिल्म में दिव्या ने एक दुखी विधवा और फिर एक नई जिंदगी शुरू करने वाली महिला के मानसिक संघर्ष को खूबसूरती से दिखाया. नदीम-श्रवण के संगीत और दिव्या के अभिनय ने इस फिल्म को अमर बना दिया.

4. बलवान (1992): यह सुनील शेट्टी की लीड हीरो के तौर पर पहली फिल्म थी और मेकर्स को एक ऐसी एक्ट्रेस की जरूरत थी जो फिल्म का वजन उठा सके. दिव्या भारती ने यह जिम्मेदारी बहुत अच्छे से निभाई और ‘बलवान’ एक बड़ी हिट साबित हुई. यह एक जबरदस्त एक्शन ड्रामा थी जिसमें एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर की सोशल करप्शन और गैंगस्टरिज्म के खिलाफ लड़ाई दिखाई गई थी. हालांकि यह मुख्य रूप से एक एक्शन फिल्म थी, दिव्या भारती की मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस ने यह पक्का किया कि उन्हें सिर्फ एक ग्लैमर डॉल के तौर पर नहीं देखा गया. सुनील शेट्टी के साथ उनकी केमिस्ट्री को बहुत पसंद किया गया और फिल्म की रफ्तार इतनी तेज है कि ऑडियंस बोर नहीं होगी.

5. दिल का क्या कसूर (1992): अगर आपको बहुत इमोशनल और मेलोडियस सिनेमा पसंद है, तो ‘दिल का क्या कसूर’ एक बढ़िया च्वाइस है. पृथ्वी शॉ और दिव्या भारती स्टारिंग यह फिल्म म्यूजिक लवर्स के लिए एक ट्रीट है. फिल्म एक ऐसी लड़की की कहानी है जो एक उभरते हुए कवि और सिंगर से चुपके से प्यार करती है और अपनी पहचान बताए बिना, उसकी सफलता का जरिया बन जाती है. गलतफहमियों और बीमारी के बीच घूमती यह कहानी दर्शकों की आंखों में आंसू ला देती है. टाइटल ट्रैक और ‘गा रहा हूं इस महफिल में’ जैसे गाने आज भी हर दिल टूटे इंसान के लिए सहारा हैं. इस फिल्म में दिव्या भारती ने जो मासूमियत और दर्द दिखाया है, वह सीधे दर्शकों से जुड़ता है.

6. दिल आशना है (1992): हेमा मालिनी के डायरेक्शन में बनी ‘दिल आशना है’ दिव्या भारती की एक्टिंग का एक और बड़ा सबूत है. उन्होंने शाहरुख खान, मिथुन चक्रवर्ती, डिंपल कपाड़िया और अमृता सिंह जैसे बड़े एक्टर्स के साथ काम किया. कहानी लैला (दिव्या भारती) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक कैबरे डांसर है, जिसे पता चलता है कि वह एक गोद ली हुई बच्ची है. वह अपनी बायोलॉजिकल मां की तलाश में निकलती है, जो ऊंचे सोशल सर्कल की तीन अलग-अलग औरतें हो सकती हैं. इतने सारे जानेमाने और सीनियर एक्टर्स के बीच भी दिव्या भारती फिल्म का सेंटर फोकस बनी रहती हैं. अपनी पहचान बनाने की उनकी कोशिश और शाहरुख खान का सपोर्ट, फिल्म को एक बहुत ही दिलचस्प ड्रामा बनाता है जो दर्शकों को आखिर तक बांधे रखता है.

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