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जाह्नवी कपूर ने अपनी मां श्रीदेवी के निधन के बाद के मुश्किल समय को याद करते हुए बताया कि वह अपनी मां पर पूरी तरह निर्भर थीं और उनके जाने के बाद उन्हें अकेले फैसले लेना सीखना पड़ा. नुकसान के साथ-साथ जाह्नवी को लोगों की कड़ी आलोचना का भी सामना करना पड़ा. लोग उनके मुस्कुराने या पब्लिक प्लेस पर उनके मुस्कुराने पर ‘दुख’ की गहराई पर सवाल उठाते थे. मीडिया की नजरों ने उन्हें निजी तौर पर शोक मनाने का मौका नहीं दिया. इस मुश्किल अनुभव ने उन्हें आत्मनिर्भर और मानसिक रूप से मजबूत बनाया है.
श्रीदेवी बेटी जाह्नवी को फिल्म इंडस्ट्री से दूर रखना चाहती थीं.
नई दिल्ली: जाह्नवी कपूर ने हाल में अपनी मां श्रीदेवी के अचानक चले जाने के बाद के उस मुश्किल दौर को याद किया, जिसने उनकी पूरी दुनिया बदल कर रख दी थी. जाह्नवी कपूर बताती हैं कि वह अपनी मां पर इतनी ज्यादा निर्भर थीं कि उन्हें छोटे-छोटे फैसले लेने के लिए भी मां की जरूरत पड़ती थी- चाहे क्या पहनना हो या क्या सही है और क्या गलत. फरवरी 2018 में जब श्रीदेवी का निधन हुआ, तब जाह्नवी न सिर्फ इमोशनल रूप से टूट गई थीं, बल्कि व्यावहारिक तौर पर भी उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अकेले जिंदगी कैसे जीनी है. उन्हें इस बड़े नुकसान ने रातों-रात आत्मनिर्भर बनने पर मजबूर कर दिया, जिसके लिए वह मानसिक रूप से बिल्कुल तैयार नहीं थीं.
जाह्नवी के लिए दुख के उस दौर में सबसे बड़ी चुनौती लोगों की पैनी नजरें और उनकी कड़वी बातें थीं. जाह्नवी ने दर्द बयां करते हुए कहा कि लोग उनके दुख का भी ‘जजमेंट’ करने लगे थे. अगर वह कैमरे के सामने मुस्कुरा देतीं, तो लोग कहते कि वह उतनी दुखी नहीं हैं और अगर चुप रहतीं, तो भी उन पर सवाल उठाए जाते. दुनिया उन्हें टुकड़ों में बांटने की कोशिश कर रही थी, जिससे उन्हें निजी तौर पर शोक मनाने का मौका ही नहीं मिला. लगातार हो रही आलोचना ने उन्हें बहुत तकलीफ दी, लेकिन इसी दबाव ने उन्हें दूसरों की राय के बजाय अपनी खुद की पहचान बनाने के लिए भी प्रेरित किया.
राम चरण के साथ नजर आएंगी जाह्नवी
आज भी जाह्नवी के लिए उनकी मां एक ऐसी प्रेरणा हैं जिनकी जगह कोई नहीं ले सकता. वह श्रीदेवी को अपने परिवार की सबसे बड़ी ताकत की वजह मानती हैं. जाह्नवी का कहना है कि उनकी मां की वजह से ही उनका परिवार इतना मजबूत और खुशहाल था. वर्कफ्रंट की बात करें तो जाह्नवी अब अपनी अगली फिल्म ‘पेड्डी’ में राम चरण के साथ नजर आएंगी, लेकिन करियर की इस ऊंचाई पर भी वह अपनी मां की कमी को हर पल महसूस करती हैं. उनके लिए यह सफर सिर्फ सफलता का नहीं, बल्कि खुद को दोबारा खोजने और हिम्मत जुटाने की एक लंबी प्रक्रिया रही है.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

