नहाने के लिए पानी कैसा होना चाहिए? मौसम नहीं बॉडी टाइप के अनुसार होना चाहिए पानी

नहाने के लिए पानी कैसा होना चाहिए? मौसम नहीं बॉडी टाइप के अनुसार होना चाहिए पानी


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Nahane Ka Pani Kaisa hona Chahiye: आमतौर पर हम सभी नहाने का पानी मौसम के अनुसार चुनते हैं. यानी कि ठंड के दिनों में गर्म पानी और गर्मी के दिनों में ठंडा पानी. जबकि नहाने के पानी का टेंपरेचर शरीर की प्रकृति के अनुसार होना चाहिए.

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नहाने के लिए पानी कैसा होना चाहिए? जानें आयुर्वेदिक स्नान के नियमZoom

Nahane Ka Pani Kaisa hona Chahiye: नहाना हमारी रोज की दिनचर्या का अहम हिस्सा है, लेकिन सही तरीके से स्नान करना भी उतना ही जरूरी है. आयुर्वेद के अनुसार, स्नान सिर्फ शरीर की सफाई नहीं करता, बल्कि मन और शरीर को शांत और संतुलित भी बनाता है. हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है, इसलिए उसके अनुसार नहाने का पानी भी अलग होना चाहिए. गर्मी के मौसम में लगभग हर व्यक्ति नहाने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल करता है. ऐसे में हेल्दी रहने के लिए आयुर्वेद का ये नियम याद रखना जरूरी है.

आयुर्वेद में शरीर को तीन दोषों वात, पित्त और कफ में बांटा गया है इनका संतुलन सही रहेगा तभी शरीर भी स्वस्थ रहेगा. ऐसे में नहाने के पानी के टेंपरेचर पर भी ध्यान देना जरूरी हो जाता है. क्योंकि ये भी एक कारक है, जिससे शरीर में इन दोषों का संतुलन बिगड़ सकता है. याद रखें अगर आप अपनी प्रकृति के अनुसार सही पानी से स्नान करते हैं, तो इससे शरीर स्वस्थ रहता है और कई समस्याओं से भी बचाव होता है.

नहाने का पानी कैसा होना चाहिए?

वात प्रकृति वाले लोग
अगर आपकी त्वचा रूखी रहती है, हाथ-पैर ठंडे रहते हैं, तो आपकी प्रकृति वात हो सकती है. ऐसे लोगों को गुनगुने पानी से नहाना चाहिए. नहाने के बाद शरीर पर तेल लगाना बहुत फायदेमंद होता है. इससे त्वचा को नमी मिलती है और रूखापन कम होता है.

कफ प्रकृति वाले लोग
जिन लोगों को अक्सर भारीपन, सुस्ती या जुकाम की समस्या रहती है, उनकी प्रकृति कफ हो सकती है. ऐसे लोगों को गर्म पानी से स्नान करना चाहिए. ठंडे पानी से नहाने से कफ बढ़ सकता है. कफ प्रकृति वाले लोगों के लिए सुबह नहाना सबसे अच्छा होता है और दोपहर के बाद स्नान करने से बचना चाहिए.

पित्त प्रकृति वाले लोग
अगर आपको ज्यादा गर्मी लगती है, पसीना ज्यादा आता है, या मुंहासे और जलन की समस्या रहती है, तो आपकी प्रकृति पित्त हो सकती है. ऐसे में सामान्य या हल्के ठंडे पानी से नहाना बेहतर होता है. बहुत ज्यादा ठंडा पानी इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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