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बकायन एक औषधीय वृक्ष है. जिसके पत्ते, छाल, फल और फूल बवासीर, त्वचा रोगों (फोड़े-फुंसी), पेट दर्द, कीड़े, मुंह के छालों और आंखों के विकारों में अत्यंत फायदेमंद होते हैं. यह सूजन कम करने और रक्त साफ करने में सहायक है. इसका उपयोग बवासीर में सूजन और ब्लीडिंग कम करने के लिए भी किया जाता है.

बकायन जिसे ‘महानिम्ब’ भी कहते हैं. स्वास्थ्य के लिए नीम के समान ही फायदेमंद है. इसके फूल, फल, छाल और पत्तियां आयुर्वेद में बवासीर, त्वचा रोग, गठिया, आंखों की समस्या, पेट दर्द और किडनी से जुड़ी समस्याओं के इलाज में अत्यंत कारगर मानी जाती हैं. यह कफ-पित्त नाशक है और खून साफ करने में मदद करता है.

डॉक्टर गीतिका शर्मा ने बताया कि बकायन का पेड़ जोड़ों के दर्द, गठिया और सूजन के लिए एक प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि है. इसके पत्तों और बीजों का लेप दर्द और अकड़न में राहत देता हैं. इसकी छाल और बीजों का उपयोग सूजन कम करने और यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए काढ़े के रूप में किया जा सकता है.

बकायन की छाल और बीज आंतों को साफ कर परजीवियों को नष्ट करते हैं. यह पेट में कीड़े, अपच, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याओं में मदद करता है. बकायन पाचन तंत्र को मजबूत करने वाली औषधि है. जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है. इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें.
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बकायन के पत्तों का रस या लेप फोड़े-फुंसी, दाद, खुजली और त्वचा की एलर्जी में लाभकारी है. इसके एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण त्वचा को स्वस्थ बनाते हैं. पत्तों का लेप लगाने से त्वचा की समस्याएं कम होती हैं और आराम मिलता है.

बकायन की छाल का काढ़ा यूरिक एसिड और सीरम क्रिएटिनिन को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह किडनी की समस्याओं में लाभकारी हो सकता है. इसके एंटी-इफ्लेमेटरी गुण किडनी की सेहत को बेहतर बनाते हैं. डॉक्टर से सलाह लेकर इसका सेवन करें.

बकायन के पत्तों का रस आंखों की लाली, जलन और संक्रमण को कम करता है. इसके एंटी-इफ्लेमेटरी गुण आंखों को आराम देते हैं. पत्तों का रस लगाने से आंखों की समस्याएं कम होती हैं. डॉक्टर से सलाह लेकर इसका उपयोग करें.

बकायन के पेड़ की छाल और पत्तियां मुंह के छालों, मसूड़ों की समस्याओं और दुर्गंध के लिए अत्यंत फायदेमंद हैं. इसकी छाल को उबालकर कुल्ला करने या कत्थे के साथ चूर्ण बनाकर लगाने से छाले जल्दी ठीक होते हैं. यह त्वचा रोगों और पेट के कीड़ों के लिए भी एक बेहतरीन आयुर्वेदिक उपाय है.