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न्यूयॉर्क में सालाना 2 करोड़ या भारत में 60 लाख?:सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस; लोग बोले- जिंदगी को सिर्फ पैसों से नहीं माप सकते

न्यूयॉर्क में सालाना 2 करोड़ या भारत में 60 लाख?:सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस; लोग बोले- जिंदगी को सिर्फ पैसों से नहीं माप सकते




भारतीय युवाओं के बीच विदेश में नौकरी करने का सपना अब सिर्फ बड़ी सैलरी तक सीमित नहीं रह गया है। बेहतर लाइफस्टाइल, ग्लोबल एक्सपोजर और करिअर ग्रोथ के साथ अब लोग यह भी सोचने लगे हैं कि क्या विदेश जाकर वास्तव में जिंदगी बेहतर होती है। इसी सवाल ने सोशल मीडिया पर तब नई बहस छेड़ दी, जब एक भारतीय प्रोफेशनल ने न्यूयॉर्क की हाई-पेइंग जॉब और भारत में आरामदायक जिंदगी के बीच अपनी दुविधा साझा की। रेडिट पर ‘भारत में सालाना 60 लाख बनाम न्यूयॉर्क में 2 करोड़’ शीर्षक से लिखी गई पोस्ट वायरल हो गई। प्रोफेशनल ने बताया कि उन्हें न्यूयॉर्क में 2.2 लाख डॉलर सालाना यानी करीब ₹2 करोड़ का ऑफर मिला है, जो बढ़कर 2.3 लाख डॉलर (2.2 करोड़ रुपए) तक जा सकता है। दूसरी तरफ भारत में रहने पर प्रमोशन के बाद उनकी सालाना सैलरी करीब ₹80 लाख तक पहुंच सकती है। प्रोफेशनल ने बताया कि उनके ऊपर कोई कर्ज नहीं है, अच्छी-खासी बचत है और भारत में हर महीने करीब ₹3.4 लाख की पैसिव इनकम भी आती है, जो विदेश जाने पर भी जारी रह सकती है। यही वजह है कि पहले जो ऑफर ‘ड्रीम मूव’ लग रहा था, अब उसी पर संदेह होने लगा है। इस पर सोशल मीडिया पर लोगों की राय दो हिस्सों में बंटी नजर आई। कई यूजर्स ने कहा कि जिंदगी को सिर्फ पैसों से नहीं मापा जा सकता। कुछ लोगों ने लिखा कि ग्लोबल एक्सपोजर, नेटवर्किंग और करिअर के मौके लंबे समय में भारत की आरामदायक नौकरी से ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकते हैं। हालांकि दूसरी तरफ कई यूजर्स ने न्यूयॉर्क के महंगी जीवनशैली की याद दिलाई। कुछ ने कहा कि 2.3 लाख डॉलर सुनने में बड़ा पैकेज लगता है, लेकिन टैक्स और किराया निकालने के बाद वहां बचत आसान नहीं होती। कई भारतीय न्यू जर्सी में रहकर रोज न्यूयॉर्क आने-जाने को मजबूर होते हैं। इसीलिए यह चर्चा उस नई सोच के केंद्र में आ गई है जिसमें युवा ‘विदेश यानी बेहतर जिंदगी’ के फॉर्मूले पर दोबारा सोचने लगे हैं। करिअर ग्रोथ, बेतहाशा खर्च, वीसा…हर पहलू पर बहस का बाजार गर्म समर्थकों का तर्क – न्यूयॉर्क में काम करने से ग्लोबल एक्सपोजर और करिअर ग्रोथ के बड़े मौके मिलेंगे।
विरोध में राय – न्यूयॉर्क दुनिया के सबसे महंगे शहरों में शुमार है। भारी-भरकम टैक्स, ऊंचा घर किराया और रोजाना लंबी दूरी की यात्रा बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
वीसा को लेकर चिंता – कुछ यूजर्स ने याद दिलाया कि एच1बी या एल1 वीसा पर आय के अतिरिक्त स्रोत चलाना आसान नहीं होता।



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