Site icon Aaj Ki Baat

बच्चों में ईटिंग डिसऑर्डर, परफेक्ट बॉडी पाने, वजन बढ़ने की चिंता कारण तो नहीं? पेरेंट्स इन बातों पर रखें ध्यान

बच्चों में ईटिंग डिसऑर्डर, परफेक्ट बॉडी पाने, वजन बढ़ने की चिंता कारण तो नहीं? पेरेंट्स इन बातों पर रखें ध्यान


Eating Disorder in kids: आज की तेज रफ्तार जिंदगी और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के कारण बच्चों में मानसिक और शारीरिक समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. इन्हीं में से एक गंभीर समस्या है ईटिंग डिसऑर्डर (Eating Disorder). यह सिर्फ खाने-पीने की आदतों से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि बच्चे की मानसिक स्थिति और आत्मविश्वास पर भी गहरा असर डालती है. जानिए यहां क्या है ईटिंग डिसऑर्डर, इसके मुख्य कारण और लक्षण, ये बच्चों की मानसिक और शारीरिक सेहत को कैसे करता है प्रभावित?

क्या होता है ईटिंग डिसऑर्डर?

UNICEF के अनुसार, जब बच्चे का खाने, वजन या शरीर की बनावट के साथ रिश्ता अस्वस्थ हो जाता है, तो उसे ईटिंग डिसऑर्डर कहा जाता है. इस स्थिति में बच्चा अपनी पहचान और आत्म-मूल्य को वजन और दिखावट से जोड़ने लगता है. खाने को लेकर डर, तनाव या वजन बढ़ने की चिंता इसके सामान्य संकेत हो सकते हैं.

किन कारणों से बढ़ती है यह समस्या?

विशेषज्ञों के मुताबिक, ईटिंग डिसऑर्डर किसी एक वजह से नहीं होता, बल्कि कई कारण मिलकर इसे जन्म देते हैं.

बच्चों में ईटिंग डिसऑर्डर के मुख्य कारण
मानसिक तनाव और एंग्जायटी.
डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं.
परिवार में पहले से ऐसी समस्या होना.
सोशल मीडिया पर ‘परफेक्ट बॉडी’ का दबाव.
घर में खाने या वजन को लेकर गलत बातें.

माता-पिता को बच्चे के व्यवहार पर ध्यान देना चाहिए. कुछ लक्षण इस समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

ईटिंग डिसऑर्डर के सामान्य लक्षण
बार-बार कैलोरी गिनना.
कुछ खाद्य पदार्थ पूरी तरह छोड़ देना.
छिपकर खाना या खाने को लेकर झूठ बोलना.
जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना.
अपने शरीर या वजन को लेकर लगातार नाराज रहना.
खाने के समय चिंता या घबराहट महसूस करना.

बच्चे से कैसे करें बात?

माता-पिता को बच्चे से प्यार और समझदारी के साथ बात करनी चाहिए. उसे डांटने या शर्मिंदा करने की बजाय सहयोग और भरोसा देना ज्यादा जरूरी है. आप बच्चे को इस तरह से बात कह सकते हैं- ‘अच्छा खाना और खुद का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. हमें लगता है कि तुम्हें थोड़ी मदद की जरूरत है और हम तुम्हारे साथ हैं.’

घर पर अपनाएं ये आसान उपाय

खाने को ‘अच्छा’ या ‘खराब’ न कहें.

जंक फूड या खराब खाने की बजाय संतुलित और पौष्टिक भोजन की आदत पर जोर दें.

बच्चों के शारीरिक विकास के लिए क्या हेल्दी है, इसे उन्हें समझना सिखाएं.

बच्चे को बताएं कि भूख लगने पर खाना और पेट भरने पर रुकना सामान्य और स्वस्थ आदत है.

खुद बनें अच्छा उदाहरण. बतौरा पेरेंट्स खुद भी हेल्दी खान-पान और नियमित व्यायाम की आदत अपनाएं.

परिवार के साथ समय बिताएं. साथ में खाना बनाना और खाना बच्चे में सकारात्मक आदतें विकसित करता है.

एक्सपर्ट्स की सलाह

विशेषज्ञों के अनुसार, ईटिंग डिसऑर्डर बच्चे की गलती नहीं होती. सही समय पर प्यार, समर्थन और प्रोफेशनल मदद से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. माता-पिता की समझदारी और सतर्कता बच्चे को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में बड़ी भूमिका निभाती है.



Source link

Exit mobile version