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बॉलीवुड में मिली बड़ी पहचान, करियर के पीक पर छोड़ दी इंडस्ट्री, अब पहाड़ों में जी रहीं साध्वी वाली जिंदगी

बॉलीवुड में मिली बड़ी पहचान, करियर के पीक पर छोड़ दी इंडस्ट्री, अब पहाड़ों में जी रहीं साध्वी वाली जिंदगी


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हिंदी सिनेमा की वो खूबसूरत हसीना, जिसने अक्षय कुमार संग काम किया. करियर के पीक पर एक्ट्रेस ने एक्टिंग छोड़़ साध्वी बन अपना जीवन जीया. शोहरत और लग्जरी लाइफ के पीछे भागने के बजाय इस एक्ट्रेस ने पहाड़ों में जिंदगी जीना बेहतर समझा.

नई दिल्ली. बॉलीवुड की वो हसीना, जिसने एक्टिंग की दुनिया में आने के बाद भी अपने लिए अलग दिशा चुनी. 1994 में उन्होंने मिस इंडिया प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया. अक्षय कुमार संग भी काम किया. फिर साध्वी बन गईं.

वो जानी मानी एक्ट्रेस कोई और नहीं, बरखा मदान हैं. अपने करियर की शुरुआत उन्होंने मॉडलिंग से की थी. जिस दौरान ऐश्वर्या राय और सुष्मिता सेन ने ब्यूटी पेजेंट में पार्टिसिपेट किया, उस वक्त बरखा ने भी मिस टूरिज्म इंडिया का खिताब जीता था.

वह भारत को इंटरनेशनल लेवल पर रिप्रेजेंट कर चुकी हैं. इसके बाद उन्होंने एक्टिंग की दुनिया को चुना. साल 1996 में उन्होंने अक्षय कुमार की फिल्म खिलाड़ियों का खिलाड़ी से उन्होंने एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा.

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डेब्यू फिल्म में उनके काम को पसंद किया गया. उन्हें पहचान भी मिली.इसके बाद एक्टिंग की दुनिया में उनके आगे रास्ते खुल गए थे. राम गोपाल वर्मा की फिल्म भूत में भी वह नजर आई थीं.

इस फिल्म से उनकी एक्टिंग से ये साबित हुआ कि वह सिर्फ ग्लैमरस रोल्स तक सीमित नहीं हैं. लेकिन फिर भी बरखा को वो खुशी नहीं मिली, जो उस मुकाम पर आकर हर एक्ट्रेस को मिलनी चाहिए. देखते ही देखते उनका रुझान अध्यात्म की ओर बढ़ने लगा.

साल 2012 में बरखा मदान ने लोगों को हैरान कर ऐसा बड़ा कदम उठाया कि लोग यकीन ही नहीं कर पाए. वह बौद्ध भिक्षुणी बन गईं. अपनी पहचान तक उन्होंने मिटा दी थी और खुद को नया नाम ग्याल्टेन सामतेन दिया.

इस तरह बरखा ने एक्टिगं की दुनिया को अलविदा कह दिया. ये फैसला उन्होंने उस वक्त लिया, जब उनका करियर पीक पर था. अब बरखा पहाड़ों में मठों में रहकर जिंदगी बिता रही हैं. वह अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी स्पिरिचुअल जर्नी शेयर करती हैं.

बरखा के इस फैसले ने ये साबित किया कि सिर्फ पैसा और शोहरत पाना सुकून नहीं. सुकून का असली मतलब मन की खुशी है, जो बरखा को साध्वी जीवन जीने के बाद मिली. इस खुशी के लिए उन्होंने अपना सब कुछ त्याग दिया.

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