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मुस्लिम से शादी के लिए कुर्बान की एक्टिंग, मेकर्स के लौटा दिए पैसे, न चली शादी…करियर भी हुआ बर्बाद

मुस्लिम से शादी के लिए कुर्बान की एक्टिंग, मेकर्स के लौटा दिए पैसे, न चली शादी…करियर भी हुआ बर्बाद


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पूजा बेदी ने जो जीता वही सिकंदर के बाद शादी के लिए करियर छोड़ा, 12 साल बाद फरहान से तलाक लेकर भी पॉजिटिव रहीं, अब मानेक कॉन्ट्रैक्टर संग नई शुरुआत को तैयार

नई दिल्ली: भाग्यश्री अपनी डेब्यू फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से स्टार बन गई थीं, मगर प्यार के खातिर सिनेमा को अलविदा कह दिया और शादीशुदा जिंदगी में रम गईं. उनकी तरह कुछ और एक्ट्रेस हैं, जिनका बॉलीवुड में शानदार हुआ, मगर शादी-प्यार के चक्कर में चमकता करियर दांव पर लगा बैठीं. एक ऐसी ही हीरोइन हैं, जिनकी जिंदगी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. उन्होंने हाल में अपनी शादी और तलाक को लेकर खुलकर बात की और बताया कि कैसे उन्होंने अपने करियर के पीक पर शादी के लिए फिल्मों को अलविदा कह दिया था. पूजा बेदी ने अपनी शादीशुदा जिंदगी के 12 सालों और उसके बाद के सफर को बहुत ही पॉजिटिव अंदाज में पेश किया, जो आज के समय में काफी चर्चा बटोर रहा है.(फोटो साभार: Instagram@poojabediofficial/AI से जेनरेटेड इमेज)

बात 1994 की है, जब पूजा बेदी ने आमिर खान की मशहूर फिल्म ‘जो जीता वही सिकंदर’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. फिल्म हिट रही और उन्हें कई बड़े ऑफर मिलने लगे, लेकिन इसी दौरान उन्होंने फरहान फर्नीचरवाला से शादी करने का फैसला किया. पूजा बताती हैं कि उन्होंने एक मुस्लिम परिवार में शादी की थी, लेकिन उस वक्त आज जैसा माहौल नहीं था और लोग धर्म को लेकर इतने ज्यादा संवेदनशील नहीं थे. (फोटो साभार: Instagram@poojabediofficial)

पूजा बेदी के ससुरालवाले थोड़े ‘रूढ़िवादी’ और पारंपरिक थे. पूजा बेदी ने एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि अगर वह शादी के बाद भी फिल्मों में काम जारी रखती हैं, तो शायद उनके ससुरालवालों के लिए यह सहज नहीं होगा. अपनी नई भूमिका को पूरी ईमानदारी से निभाने के लिए उन्होंने फिल्मों से दूरी बनाने का फैसला कर लिया. उन्होंने बताया कि उस समय हीरोइनों के लिए शादी का मतलब करियर का खत्म होना ही माना जाता था, इसलिए उन्होंने एडवांस में लिए हुए पैसे तक लौटा दिए. (फोटो साभार: Instagram@poojabediofficial)

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शादी के 12 साल बाद जब पूजा को महसूस हुआ कि रिश्ता अब वैसा नहीं रहा जैसा होना चाहिए, तो उन्होंने अलग होने का फैसला किया. उस वक्त उनकी बेटी 5 साल की और बेटा महज 2 साल का था. पूजा का कहना है कि वह शादी में भी खुश थीं और तलाक लेकर भी खुश रहीं. उनका मानना है कि अगर 12 साल अच्छे बीते हैं, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आने वाले 50 साल खराब रिश्ते को ढोते हुए गुजारे जाएं.(फोटो साभार: Instagram@poojabediofficial)

पूजा के लिए तलाक का फैसला लेना आसान नहीं था, लेकिन उनकी परवरिश ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई. पूजा के माता-पिता, कबीर बेदी और प्रोतिमा का तलाक तब हुआ था, जब वह बहुत छोटी थीं. उन्होंने अपने माता-पिता को अलग होने के बाद भी एक-दूसरे का सम्मान करते और अच्छे दोस्त बने रहते देखा था. यही वजह थी कि पूजा के मन में तलाक को लेकर कोई कड़वाहट या डर नहीं था, बल्कि उन्होंने इसे एक नई शुरुआत की तरह देखा. (फोटो साभार: Instagram@poojabediofficial)

पूजा का बड़प्पन इस बात से भी झलकता है कि उनके रिश्ते फरहान की दूसरी पत्नी लैला के साथ भी बहुत मधुर हैं. वह लैला को बचपन से जानती हैं और उन्हें खुशी है कि उनके बच्चे भी अपनी ‘लैला आंटी’ से बहुत प्यार करते हैं. पूजा कहती हैं कि उनके अलग होने से परिवार टूटा नहीं, बल्कि और बड़ा हो गया है. बच्चों के लिए भी यह एक स्वस्थ माहौल है जहां दोनों तरफ से उन्हें भरपूर प्यार और सम्मान मिलता है. (फोटो साभार: Instagram@poojabediofficial)

आज पूजा बेदी अपनी जिंदगी में बहुत खुश हैं और मानेक कॉन्ट्रैक्टर के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने की तैयारी में हैं. पूजा बेदी के रिश्ते हमें सिखाते हैं कि शादी भले ही न टिकें, लेकिन उन्हें खत्म करने का तरीका गरिमापूर्ण हो सकता है. पूजा का मानना है कि जिंदगी खुश रहने के लिए है, न कि किसी मजबूरी के बोझ तले दबकर जीने के लिए और यही उनकी खुशी का सबसे बड़ा राज है.
(फोटो साभार: Instagram@poojabediofficial)

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