Site icon Aaj Ki Baat

मोहम्मद रफी का वो एवरगीन सुपरहिट गाना, किशोर कुमार पर पड़े भारी, जीता नेशनल अवॉर्ड

मोहम्मद रफी का वो एवरगीन सुपरहिट गाना, किशोर कुमार पर पड़े भारी, जीता नेशनल अवॉर्ड


Last Updated:

Mohammed Rafi Superhit Song : 1970 का दशक शुरू होने से पहले बॉलीवुड में गीत-संगीत की दुनिया में तेजी से बदलाव आया. 1969 में राजेश खन्ना की फिल्म ‘आराधना’ से किशोर कुमार का दौर शुरू हुआ. राजेश खन्ना सुपर स्टार बन गए. किशोर दा भी रातोंरात स्टार बन गए. यह पहला मौका था जब उन्होंने देवानंद के अलावा किसी और बॉलीवुड स्टार के लिए प्लेबैक सिंगिंग की थी. 1969 से 1971 तक राजेश खन्ना की 15 से ज्यादा फिल्में हिट साबित हुईं और इस दौरान किशोर दा के गाने छा गए. मोहम्मद रफी ने 70 के दशक में कम गाने गाए लेकिन जिन गानों को आवाज दी, वो कालजयी साबित हुए. 49 साल पहले आई ऐसी ही एक फिल्म में रफी साहब ने दर्दभरा एक ऐसा गाना गाया, जिसे आज तक टूटे दिल आशिक भुला नहीं पाए हैं. इस गाने के लिए मोहम्मद रफी को नेशनल अवॉर्ड भी मिला था. वो फिल्म कौन सी थी और वो गाना कौन सा था, आइये जानते हैं……

बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर-प्रोड्यूसर नासिर हुसैन ने 1977 में एक ऐसी मल्टीस्टारर मसाला फिल्म बनाई जिसके गीत-संगीत धूम मचा दी थी. फिल्म का नाम था : हम किसी से कम नहीं. फिल्म में वो सबकुछ था, जो एक फिल्म को हिट करवाने के लिए चाहिए. नासिर हुसैन वैसे भी म्यूजिक पर बहुत जोर थे. मॉर्डन म्यूजिक उनकी फिल्मों की पहचान था. ‘हम किसी से कम नहीं’ के लिए उन्होंने बिल्कुल मॉडर्न म्यूजिक आरडी बर्मन से तैयार कराया. इसी फिल्म के एक गाने के लिए मोहम्मद रफी को नेशनल अवॉर्ड मिला था. गाने के बोल थे ‘क्या हुआ तेरा वादा’.

कहा जाता है कि डायरेक्टर नासिर हुसैन को इस गाने की धुन पसंद नहीं आई थी. उन्होंने उसे रिजेक्ट कर दिया था. आरडी बर्मन ने यह धुन पसंद तैयार की थी. किस्मत का खेल देखिए कि इसी रिजेक्टेड धुन पर बना गाना सुपरहिट साबित हुआ. यह भी कहा जाता है कि नासिर हुसैन ने ही इस गाने को किशोर दा की बजाय मोहम्मफ रफी से रिकॉर्ड करवाने को कहा था. मोहम्मद रफी ने इस गाने को इतने जज्बात से गाया कि लोग सोचने लगे कि यह उनके जीवन का निजी अनुभव है. रफी साहब ने इस गाने में दर्द को आवाज दी. ‘क्या हुआ तेरा वादा’ गाना टूटे दिल और ठुकराए आशिकों के लिए मरहम सा काम करता है. गाना बजते ही पहले प्यार की यादें ताजा हो जाती हैं. इस कालजयी गीत को सुष्मा श्रेष्ठा और मोहम्मद रफी ने आवाज दी है. इस गाने में एक कशिश है. हर किसी को अपनापन महसूस होता है. 49 साल बाद भी ये पुराना नहीं हुआ.

रफी साहब ने इस दर्दभरे नगमे को बहुत ही इमोशनल अंदाज में गाया था. आज भी इस गाने को सुनकर लोग भावुक हो जाते हैं. यह मोहम्मद रफी के करियर के सबसे यादगार गानों में से एक है. पहली बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से उन्हें सम्मानित किया गया था. गाना ऋषि कपूर और काजल किरण पर फिल्माया गया था. इस गाने को आज भी बेवफाई और टूटे दिल की दास्तान का सबसे बेहतरीन उदाहरण माना जाता है. इसी गाने के लिए रफी ने उस साल का बेस्ट सिंगर का फिल्मफेयर अवार्ड भी जीता.

Add News18 as
Preferred Source on Google

‘हम किसी से कम नहीं’ को बेस्ट सिनेमैटोग्राफी और बेस्ट आर्ट डायरेक्शन का भी अवॉर्ड मिला था. ‘क्या हुआ तेरा वादा’ गाना से जुड़ा एक और किस्सा बेहद दिलचस्प है. 1974 की फिल्म ‘फिर कब मिलोगे’ में आरडी बर्मन ने म्यूजिक दिया था. इस फिल्म का एक गाना था ‘तुम मुझसे रूठे हो’. इस गाने की शुरुआत में जो धुन बजती है, उसे इलोबरेट करके आरडी बर्मन ने ‘क्या हुआ तेरा वादा’ गाने की ट्यून बनाई थी.

‘हम किसी से कम नहीं’ फिल्म में कुल 9 गाने थे. इनमें से चार गाने किशोर दा ने तो चार गाने मोहम्मद रफी ने गाए थे. फिल्म के पॉप्युलर गानों में ‘बचना ए हसीनों, लो मैं आ गया’ भी शामिल था जिसे किशोर कुमार ने आवाज दी थी. मोहम्मद रफी का इस फिल्म का हर गाना सदाबहार साबित हुआ. रफी साहब ने ‘है अगर दुश्मन जमाना, गम नहीं’, ‘ये लड़का हाय अल्ला कैसा है दीवाना’, ‘चांद मेरा दिल, चांदनी हो तुम’ इन गानों को भी अमर कर दिया. फिल्म के सदाबहार नगमें मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे. 49 साल बाद भी ये गाने आज भी बिल्कुल ताजा लगते हैं.

सबसे दिलचस्प बात यह है कि ‘तीसरी मंजिल’ (1966) के 11 साल बाद नासिर हुसैन , मजरूह सुल्तानपुरी और आरडी बर्मन की तिकड़ी फिल्म में थी. ‘हम किसी से कम नहीं’ 25 अगस्त 1977 को रिलीज हुई थी. ऋषि कपूर को इस फिल्म से खूब पॉप्युलैरिटी मिली. यह फिल्म ऐसे समय आई जब उनका करियर हिचकोले खा रहा था. फिल्म से हीरोइन काजल किरण ने डेब्यू किया था. फिल्म में तीसरा अहम किरदार तारिक हुसैन का था. तारिक और आमिर खान रिश्ते में चचेरे भाई हैं.

रोचक फैक्ट यह है कि ‘हम किसी से कम नहीं’ फिल्म भी ‘बिछड़ने और मिलने’ के फॉर्मूले पर बेस्ड थी. मनमोहन देसाई ने अपनी ज्यादातर फिल्में इसी फॉर्मूले पर बनाईं. वैसे हिंदी सिनेमा में इस फॉर्मूले की शुरुआत अशोक कुमार की फिल्म ‘किस्मत’ से मानी जाती है. ‘यादों की बारात’ और ‘अमर अकबर एंथनी’ के बाद यह फॉर्मूला ‘हम किसी से कम नहीं’ में भी आजमाया गया.

‘हम किसी से कम नहीं’ में जीनत अमान भी थीं. इस फिल्म के बाद ऋषि कपूर के साथ उनकी जोड़ी कभी नहीं बन पाई. यह फिल्म बेहद कामयाब रही. बतौर डायरेक्टर नासिर हुसैन की यह अंतिम हिट फिल्म थी. इस फिल्म का रीमेक 1997 में ‘बेताबी’ नाम से बनाया गया था लेकिन यह मूवी फ्लॉप रही थी.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।



Source link

Exit mobile version