रशियन मिल्ट्री पहन रही ‘मेड इन बिहार’ शू, माइनस 40 डिग्री के तापमान में भी सुरक्षित

रशियन मिल्ट्री पहन रही ‘मेड इन बिहार’ शू, माइनस 40 डिग्री के तापमान में भी सुरक्षित


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रशियन मिल्ट्री पहन रही ‘मेड इन बिहार’ शू, माइनस 40 डिग्री के तापमान में भी सुर

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यहां का बना जूता दुनिया की सबसे खतरनाक आर्मी में शामिल रशियन मिल्ट्री पहन कर दुश्मनों के दांत खट्टे कर रही है. जी हां हाजीपुर औधोगिक क्षेत्र में इनकंपिटेन्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी पिछले 6 साल से लेदर के ऐसे जूते बना रही है. जिसकी सप्लाई रशियन आर्मी को की जा रही है और अब तक हजारों जोड़ी जूते निर्यात किए जा चुके हैं.

जूता

बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की जा रही है. जिसकी वजह है कि बिहार को एक पिछड़ा प्रदेश माना जाता है. लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में ऐसे ऐसे काम हो रहे हैं, जिससे यह पिछड़ा प्रदेश भी दुनिया मे अपनी पहचान कायम कर रहा है. कुछ ऐसा ही काम इस बार बिहार के हाजीपुर में भी देखने को मिल रहा है.

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यहां का बना जूता दुनिया की सबसे खतरनाक आर्मी में शामिल रशियन मिल्ट्री पहन कर दुश्मनों के दांत खट्टे कर रही है. जी हां हाजीपुर औधोगिक क्षेत्र में इनकंपिटेन्स एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी पिछले 6 साल से लेदर के ऐसे जूते बना रही है. जिसकी सप्लाई रशियन आर्मी को की जा रही है और अब तक हजारों जोड़ी जूते निर्यात किए जा चुके हैं.

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दरअसल, इस कंपनी में 200 से अधिक महिला पुरुष वर्कर दिन रात मेहनत कर लेदर के सेफ्टी जूते बना रहे है. आलम यह है कि यहां के बने जूते पहनकर आप माइनस 40 डिग्री के तापमान में भी सुरक्षित रह सकते है और यह बड़ी वजह है कि रशियन मिल्ट्री को हाजीपुर के जूतों की जरूरत पड़ती है.

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कारखाने में लेदर के कटिंग से लेकर उसे बनाने तक मे अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है. खास बात यह है कि ठंड से बचाव के लिए जूते के ऊपरी हिस्से में फर लगाया जाता है. इतना ही नहीं यह जूता सुरक्षा के सभी मानकों पर शत प्रतिशत खड़ा उतरता है जिसके कारण ही हाजीपुर का जूता रशियन आर्मी को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है.

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अगले साल 100 करोड़ रुपये के टर्न ओवर है. जिसे बढ़ा कर 50 प्रतिशत अधिक करना है. इस कम्पनी की चर्चा अब देश लेबल पर हो रही है. इस कम्पनी में 70 प्रतिशत महिलाएं काम कर रही हैं.

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