Healthy Cooking Hacks: अधिकतर लोग इस बात पर काफी ध्यान देते हैं कि वे क्या खा रहे हैं, लेकिन इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं कि उन चीजों को कैसे पका रहे हैं. खाने-पीने की चीजों को पकाने का तरीका सही होगा, तो शरीर को ज्यादा पोषक तत्व मिल सकेंगे. न्यूट्रिशनिस्ट का मानना है कि गलत तरीके से खाना पकाने से सब्जियों और अनाज के 50% से 70% तक पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं. एक हेल्दी मील का मतलब सिर्फ सलाद खाना नहीं है, बल्कि खाना पकाने की उन वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाना है. कुकिंग से जुड़ी वे 5 बातें जानते हैं, जो आपके रोज के खाने को हेल्दी बना सकती हैं.
यूपी के गाजियाबाद की डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया कि खाना पकाने में सबसे बड़ी गलती तेल को उसके स्मोकिंग पॉइंट से ज्यादा गर्म करना है. जब तेल से धुआं निकलने लगता है, तो वह जहरीले तत्व छोड़ने लगता है और उसके अच्छे फैट नष्ट हो जाते हैं. कुकिंग के लिए सरसों का तेल, मूंगफली का तेल या घी का उपयोग करें, क्योंकि इनका स्मोकिंग पॉइंट अधिक होता है. एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि यह सेहत के लिए खतरनाक होता है.
डाइटिशियन ने बताया कि अक्सर लोग सब्जियों को काटने के बाद धोते हैं, जो पोषण के लिहाज से एक बड़ी गलती है. सब्जियों में विटामिन B और विटामिन C जैसे वॉटर सॉल्यूबल विटामिन होते हैं. अगर आप काटने के बाद सब्जियां धोते हैं, तो ये जरूरी पोषक तत्व पानी के साथ बह जाते हैं. हमेशा सब्जियों को पहले अच्छी तरह धो लें और उसके बाद ही काटें. इसके अलावा सब्जियों को बहुत छोटे टुकड़ों में काटने से भी बचें, क्योंकि हवा के संपर्क में आने से उनके एंटीऑक्सीडेंट्स कम हो जाते हैं.
एक्सपर्ट के मुताबिक तेज आंच पर खाना पकाने से खाने का स्वाद तो जल्दी आ जाता है, लेकिन उसके एंजाइम्स और विटामिन्स जल जाते हैं. हेल्दी कुकिंग के लिए स्टीमिंग, स्टिर-फ्राइंग या धीमी आंच पर ढंककर पकाना सबसे अच्छा माना जाता है. प्रेशर कुकर का उपयोग दालों और सख्त अनाज के लिए तो ठीक है, लेकिन हरी सब्जियों को खुले बर्तन में या हल्के भाप में पकाना बेहतर है ताकि उनका रंग और क्लोरोफिल बरकरार रहे.
मसाले सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं. हल्दी में मौजूद करक्यूमिन और काली मिर्च के गुण तब सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं, जब उन्हें सही तापमान पर डाला जाए. मसालों को बहुत ज्यादा देर तक तेल में भूनने से उनके तेल उड़ जाते हैं. एक्सपर्ट का सुझाव है कि मसालों को खाना पकने के बीच में या अंत में डालें, ताकि उनके स्वास्थ्य लाभ शरीर को मिल सकें. नमक का इस्तेमाल भी अंत में करना बेहतर है, ताकि आयोडीन की मात्रा बनी रहे.
आपको जानकर हैरानी होगी कि आधुनिक नॉन-स्टिक बर्तनों में इस्तेमाल होने वाली टेफ्लॉन कोटिंग अधिक गर्म होने पर सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है. इसकी जगह पारंपरिक लोहे की कढ़ाई या मिट्टी के बर्तनों का उपयोग करें. लोहे के बर्तन में खाना पकाने से भोजन में आयरन की मात्रा प्राकृतिक रूप से बढ़ जाती है, जो एनीमिया से बचाता है. मिट्टी के बर्तन खाने के pH लेवल को बनाए रखते हैं और खाने की पौष्टिकता को 100% तक सुरक्षित रखते हैं. एल्युमिनियम के बर्तनों का उपयोग कम से कम करें, क्योंकि यह शरीर में जमा होकर नुकसान पहुंचा सकता है.