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फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया है. जांच से सामने आया है कि बिश्नोई गैंग ने शूटरों की भर्ती करने वाले आरोपी गोलू पंडित को नेपाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के ‘हवाला नेटवर्क’ के जरिए मोटी रकम भेजी थी. गैंग ने बैंकिंग सिस्टम से बचकर यह लेनदेन किया, ताकि पुलिस की पकड़ में न आ सकें. पूछताछ में यह भी सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई ने खुद गोलू को पुलिस के सामने मुंह न खोलने की हिदायत दी थी. फिलहाल, 11 दिनों की रिमांड के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
रोहित शेट्टी फायरिंग केस में आया नया मोड़.
नई दिल्ली: मुंबई के जूहू इलाके में फिल्म डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग केस में नया मोड़ आया है. मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच से सामने आया है कि इस पूरी साजिश के पीछे बिश्नोई गैंग का हाथ था और शूटरों को तैयार करने वाले आरोपी गोलू पंडित को हवाला नेटवर्क के जरिए मोटी रकम मिली थी. पुलिस ने बताया कि यह पैसा बैंकिंग सिस्टम से न भेजकर नेपाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के सीक्रेट हवाला रास्तों से ट्रांसफर किया गया था, ताकि किसी भी जांच एजेंसी की नजर में न आए. इस लेनदेन में बिश्नोई गैंग के ऑपरेटर आरजू बिश्नोई की अहम भूमिका बताई जा रही है, जिसने अपने गुर्गों के जरिए गोलू पंडित तक पैसे पहुंचाए थे.
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि गोलू पंडित इस पूरी घटना की सबसे अहम कड़ी था. उसने न केवल शूटरों की भर्ती की, बल्कि उन्हें रहने-खाने और हथियार जुटाने जैसा लॉजिस्टिक सपोर्ट भी दिया. पकड़े जाने के डर से लॉरेंस बिश्नोई ने खुद आरजू बिश्नोई के जरिए गोलू को सख्त निर्देश दिए थे कि वह पुलिस के सामने अपना मुंह न खोले और गैंग के किसी भी साथी का नाम न ले. यही वजह है कि 12 दिनों की लंबी पुलिस रिमांड और कड़ी पूछताछ के बावजूद गोलू ने अब तक यह नहीं बताया है कि उसे असल में कितनी रकम मिली थी. हवाला के इस्तेमाल की वजह से पुलिस के लिए पैसों के सही आंकड़ों को ट्रैक करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया है.
हवाला ऑपरेटरों की तलाश कर रही पुलिस
पुलिस को शक है कि इस फायरिंग की प्लानिंग काफी समय पहले से चल रही थी और आरोपियों ने गिरफ्तारी की स्थिति के लिए ‘बैकअप प्लान’ भी तैयार कर रखा था. फिलहाल, कोर्ट ने 11 दिनों की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद गोलू पंडित को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. हालांकि क्राइम ब्रांच ने रिमांड बढ़ाने की मांग की थी, ताकि साजिश की और गहराई से जांच की जा सके, लेकिन अभी आरोपी जेल में है. पुलिस अब उन हवाला ऑपरेटरों की तलाश कर रही है जिन्होंने इस पूरी फंडिंग में गैंग की मदद की थी, ताकि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें

