Vitamin A and B Rich Foods: हमारे शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए विटामिन्स की जरूरत होती है. ये विटामिन किसी ईंधन से कम नहीं होते. इनमें विटामिन A और विटामिन B कॉम्प्लेक्स खास भूमिका निभाते हैं. ये न सिर्फ हमारी इम्यूनिटी को मजबूत रखते हैं, बल्कि एनर्जी लेवल, ब्रेन फंक्शन और शरीर की मरम्मत जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को भी कंट्रोल करते हैं. इनकी कमी धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना सकती है और कई गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है. इसलिए इनके फायदे, कमी के लक्षण और सही सोर्सेस को समझना बेहद जरूरी है.
नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की सीनियर डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया कि विटामिन A को रेटिनॉल भी कहा जाता है. यह आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है. यह रेटिना में पिगमेंट बनाने में मदद करता है, जिससे कम रोशनी में भी देखने की क्षमता बनी रहती है. इसके अलावा यह स्किन की कोशिकाओं के पुनर्निर्माण और हड्डियों के विकास में भी अहम भूमिका निभाता है. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है, जिससे हम संक्रमणों से बेहतर तरीके से लड़ पाते हैं. इसकी कमी का सबसे आम लक्षण नाइट ब्लाइंडनेस है, जिसमें अंधेरे में देखने में परेशानी होती है.
एक्सपर्ट ने बताया कि विटामिन B कोई एक नहीं, बल्कि 8 जरूरी विटामिनों का समूह है, जो मिलकर शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं. ये खाने को एनर्जी में बदलने का काम करते हैं और मेटाबॉलिज्म को सक्रिय रखते हैं. साथ ही यह तंत्रिका तंत्र और मस्तिष्क के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी हैं. खासकर विटामिन B12 लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और डीएनए सिंथेसिस में मदद करता है. इसकी कमी से थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनी और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत हो सकती है.
डाइटिशियन की मानें तो जब शरीर में विटामिन A की कमी होती है, तो आंखों में ड्राइनेस, त्वचा का रूखापन, बार-बार संक्रमण और घावों का देर से भरना जैसे संकेत दिखाई देते हैं. इससे बचने के लिए अपनी डाइट में रंग-बिरंगी सब्जियां और फल शामिल करना जरूरी है. गाजर, शकरकंद, कद्दू, पपीता और आम इसके बेहतरीन स्रोत हैं. हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक और मेथी भी इसमें मददगार हैं. मांसाहारी लोगों के लिए अंडा और मछली का तेल अच्छा विकल्प है. चूंकि यह फैट-सोल्यूबल विटामिन है, इसलिए इसे थोड़ा स्वस्थ वसा के साथ लेना अधिक फायदेमंद होता है.
विटामिन B की कमी के लक्षणों में मुंह के छाले, मांसपेशियों में कमजोरी, एनीमिया और याददाश्त में कमी शामिल हैं. यह पानी में घुलनशील विटामिन है, इसलिए शरीर इसे स्टोर नहीं कर पाता और रोजाना इसकी जरूरत होती है. इसकी पूर्ति के लिए साबुत अनाज ओट्स, दलिया, दालें, फलियां, दूध, दही और पनीर का सेवन करें. विटामिन B12 मुख्य रूप से नॉन वेज फूड्स में पाया जाता है, इसलिए शाकाहारी लोगों को डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स या फोर्टिफाइड फूड लेना चाहिए. अगर लगातार थकान, आंखों की समस्या या अन्य लक्षण दिखाई दें, तो जांच कराना और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.