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त्रिधा चौधरी ने अपने अभिनय करियर में टेलीविजन, वेब सीरीज और फिल्मों के जरिए एक अलग पहचान बनाई है. लेकिन उनकी मानें तो फिल्म इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना जितना ग्लैमरस दिखता है, उतना आसान बिल्कुल नहीं होता. नए कलाकारों को अक्सर ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं, जिनमें उत्साह और व्यावहारिकता दोनों का संतुलन जरूरी होता है.
नई दिल्ली. इंडस्ट्री में काम करने और अपनी जगह बनाने के बारे में बात करते हुए त्रिधा ने कहा कि इंडस्ट्री में नए कलाकारों को समझौते करने पड़ते हैं. हाल ही में आईएएनएस से बातचीत के दौरान त्रिधा ने नए कलाकारों के संघर्ष, फीस में समझौते और बड़े बैनर के साथ काम करने के अनुभव पर खुलकर बात की. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tridhac)
उन्होंने कहा कि आज की नई पीढ़ी पहले की तुलना में कहीं ज्यादा जागरूक है और किसी भी प्रोजेक्ट को साइन करने से पहले उसके हर पहलू को समझने की कोशिश करती है. त्रिधा ने बताया कि पहले अक्सर नए कलाकार सिर्फ मौका मिलने की खुशी में कॉन्ट्रैक्ट साइन कर लेते थे, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tridhac)
उनके अनुसार, आज कलाकार अपने करियर को लेकर ज्यादा सजग हैं और किसी भी प्रोजेक्ट के फायदे-नुकसान पर गंभीरता से विचार करते हैं.अभिनेत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने भी कई प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस के साथ काम किया है, जहां कभी-कभी फीस को लेकर समझौता करना पड़ा. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tridhac)
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त्रिधा ने कहा कि हमेशा समझौता करना उनकी मजबूरी नहीं होती थी. कई बार बड़े बैनर तले काम करने के उत्साह में वो वैसा करती थीं. वो कहती हैं कि कई बार बड़े और सम्मानित बैनर के साथ काम करने का अवसर खुद में इतना महत्वपूर्ण होता है कि कलाकार आर्थिक पक्ष पर कुछ लचीलापन दिखा देते हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tridhac)
त्रिधा के मुताबिक, ऐसे मौके करियर के लिए लंबे समय में काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं. बड़े बैनर न सिर्फ कलाकारों को मजबूत मंच देते हैं, बल्कि उनके काम को व्यापक पहचान भी दिलाते हैं. यही वजह है कि कई कलाकार शुरुआती दौर में कुछ समझौते करने के लिए तैयार हो जाते हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tridhac)
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि नए कलाकारों के लिए यह स्थिति कभी-कभी शोषण जैसी महसूस हो सकती है. इंडस्ट्री में कदम रखते समय हर कलाकार के मन में खुद को साबित करने की तीव्र इच्छा होती है. इसी उत्साह में वे कई बार ऐसी शर्तें स्वीकार कर लेते हैं, जिन्हें बाद में देखकर लगता है कि और बेहतर निर्णय लिया जा सकता था. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tridhac)
त्रिधा इस पूरी प्रक्रिया को केवल नकारात्मक नजरिए से नहीं देखतीं. उनका मानना है कि बड़े प्रोडक्शन हाउस कलाकारों के प्रमोशन, मार्केटिंग और ब्रांडिंग पर काफी निवेश करते हैं. वे नए चेहरों को दर्शकों तक पहुंचाने और उन्हें स्थापित करने में अहम भूमिका निभाते हैं. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tridhac)
वर्क फ्रंट की बात करें तो त्रिधा इन दिनों ‘आखिरी सवाल’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें वह संजय दत्त के साथ नजर आ रही हैं. अभिनेत्री ने कहा कि वो फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं देखती हैं, बल्कि उनके लिए ये शानदार अनुभव था. (फोटो साभार इंस्टाग्राम tridhac)

