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हर साल 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस सिर्फ एक जश्न नहीं, बल्कि महिलाओं के साहस, संघर्ष और उपलब्धियों को सलाम करने का मौका है. वक्त के साथ सिनेमा भी समाज का आईना बनता गया है और बॉलीवुड ने कई बार असली जिंदगी की प्रेरणादायक महिलाओं की कहानियों को बड़े पर्दे पर खूबसूरती से उतारा है.
नई दिल्ली. पिछले कुछ वर्षों में हिंदी सिनेमा में ऐसी कई फिल्में आई हैं, जिनमें असल जिंदगी के हीरो या यूं कहें कि ‘Shero’ पर बेस्ड है. इन फिल्मों में महिलाओं की प्रेरक कहानियों को दर्शाया गया है. इन कहानियों ने न सिर्फ दर्शकों को भावुक किया, बल्कि उन्हें हिम्मत और उम्मीद का संदेश भी दिया. इन फिल्मों के थिएटर्स में देख दर्शक न सिर्फ भावुक हो उठे बल्कि पूरा सिनेमाघर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. तो चलिए जानते हैं इन फिल्मों के बारे में-
विद्या बालन- ऐसी ही एक चर्चित फिल्म है ‘द डर्टी पिक्चर’, जिसमें विद्या बालन ने साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस सिल्क स्मिता से प्रेरित किरदार निभाया था. इस फिल्म में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई जो समाज की आलोचना और मुश्किलों के बावजूद अपने दम पर फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाती है. विद्या बालन के साहसी और दमदार अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा. ‘द डर्टी पिक्चर’ ने बॉक्स-ऑफिस पर जमकर कमाई की थी.(फोटो साभार इंस्टाग्राम)
इसके अलावा विद्या बालन ने फिल्म ‘शकुंतला देवी’ में प्रसिद्ध गणितज्ञ (मैथेमिटिशियन) शकुंतला देवी का किरदार निभाया, जिन्हें ह्यूमन कंप्यूटर कहा जाता था. इस फिल्म में दिखाया गया कि कैसे एक साधारण परिवार से आई महिला अपनी प्रतिभा के दम पर दुनियाभर में मशहूर हो जाती है.(फोटो साभार इंस्टाग्राम)
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प्रियंका चोपड़ा जोनस- खेल जगत की प्रेरणादायक कहानी पर बनी फिल्म ‘मैरी कॉम’ भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रही. इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा ने ओलंपिक मेडल विनर बॉक्सर मैरी कॉम की भूमिका निभाई थी. फिल्म में यह दिखाया गया कि मणिपुर के एक छोटे से गांव की लड़की किस तरह कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और हिम्मत से विश्व स्तर की खिलाड़ी बनती है. ‘मैरी कॉम’ बॉक्स-ऑफिस पर सफल रही थी. फिल्म में प्रियंका चोपड़ा के अभिनय को काफी सराहा गया था.(फोटो साभार इंस्टाग्राम)
आलिया भट्ट- आलिया भट्ट ने भी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित दो फिल्मों में यादगार अभिनय किया. फिल्म ‘राजी’ में उन्होंने एक भारतीय जासूस का किरदार निभाया, जो देश के लिए साल 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध केदौरान एकन पाकिस्तानी सैन्य परिवार में शादी कर लेती है. आलिया भट्ट के करियर में फिल्म ‘राजी’ मील का पत्थर साबित हुई थी.(फोटो साभार इंस्टाग्राम)
वहीं ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ में आलिया भट्ट ने गंगूबाई की कहानी को पर्दे पर जीवंत किया. यह कहानी मुंबई के कमाठीपुरा इलाके से जुड़ी उस महिला की है, जिसने बाद में महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और समाज में बदलाव लाने की कोशिश की.(फोटो साभार इंस्टाग्राम)
जाह्नवी कपूर- नई पीढ़ी की अभिनेत्रियों ने भी ऐसी प्रेरणादायक कहानियों को पर्दे पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. फिल्म ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ में जान्हवी कपूर ने भारतीय वायुसेना की पायलट गुंजन सक्सेना का किरदार निभाया. फिल्म में दिखाया गया कि कैसे गुंजन सक्सेना ने समाज की सोच और कई चुनौतियों का सामना करते हुए कारगिल युद्ध के दौरान उड़ान भरी और देश के लिए साहस का उदाहरण बनीं.(फोटो साभार इंस्टाग्राम)
सोनम कपूर- बहादुरी की मिसाल बनी एयर होस्टेस की कहानी फिल्म ‘नीरजा’ में दिखाई गई. इस फिल्म में सोनम कपूर ने नीरजा भनोट का किरदार निभाया, जिन्होंने एक विमान अपहरण के दौरान यात्रियों की जान बचाने के लिए अपनी जान तक कुर्बान कर दी थी. उनकी यह बहादुरी आज भी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. (फोटो साभार इंस्टाग्राम)

