Tips To Control Diabetes on Holi: होली का त्योहार रंगों और खुशियों का संगम होता है. इस त्योहार पर घरों में ढेर सारे पकवान बनते हैं और लोग जमकर इनका लुत्फ उठाते हैं. डायबिटीज के मरीज भी होली के रंग में रंग जाते हैं और अपनी सेहत को नजरअंदाज करते हुए जमकर पकवान खाते हैं. डॉक्टर्स की मानें तो होली का त्योहार डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी चैलेंजिंग होता है, क्योंकि चारों तरफ गुझिया, मिठाइयां और तले-भुने स्नैक्स होते हैं. ऐसे में खुद को कंट्रोल करना आसान काम नहीं है. कई मरीज उत्साह में सेहत और खान-पान को लेकर लापरवाही बरतते हैं, जिसका सीधा असर उनके ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो त्योहार पर छोटी-छोटी लापरवाही भी शुगर को बेकाबू कर सकती हैं. ऐसे में शुगर के मरीजों को कुछ गलतियों से बचना चाहिए, वरना उनकी तबीयत बिगड़ सकती है.
गुरुग्राम के मारेंगो एशिया हॉस्पिटल के एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. पारस अग्रवाल ने News18 को बताया कि होली पर अधिकतर लोग सुबह का नाश्ता स्किप कर देते हैं और लंबे समय तक खाली पेट रहकर होली खेलते हैं. डायबिटीज के मरीजों के लिए मील टाइमिंग बहुत जरूरी होती है. जब आप घंटों भूखे रहकर रंगों में मशगूल रहते हैं, तो शरीर में शुगर लेवल का एकदम गिरने का खतरा बढ़ जाता है. इसके बाद जब आप अचानक भारी पकवान खाते हैं, तो शुगर लेवल तेजी से स्पाइक करता है. यह उतार-चढ़ाव शरीर के अंगों पर बुरा असर डालता है. होली खेलने से पहले हेल्दी और हाई-फाइबर नाश्ता जरूर करें.
एक्सपर्ट के अनुसार होली पर गुझिया खाना सभी को अच्छा लगता है, लेकिन शुगर के मरीजों के लिए ज्यादा गुझिया खाना खतरनाक साबित हो सकता है. बाजार में मिलने वाली मिठाइयों में रिफाइंड शुगर और मैदा की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे शुगर लेवल में उछाल आ सकता है. डायबिटीज के पेशेंट्स को इन चीजों को अवॉइड करना चाहिए. मन बहुत ज्यादा हो, तो घर पर बनी शुगर-फ्री या स्टीविया वाली गुझिया खाएं. ज्यादा मात्रा में मीठा खाने की गलती न करें.
डॉक्टर ने बताया कि त्योहार पर मौज-मस्ती के चक्कर में अक्सर मरीज पानी पीना भूल जाते हैं. शरीर में पानी की कमी होने से डिहाड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा प्यास लगने पर लोग ठंडाई, कोल्ड ड्रिंक या शरबत का सहारा लेते हैं, जिनमें चीनी की मात्रा बहुत अधिक होती है. डायबिटीज के मरीजों के लिए ये गलतियां नुकसानदायक हो सकती हैं. शुगर के मरीजों को होली पर सादा पानी, नींबू पानी या छाछ का सेवन करना चाहिए. डिहाइड्रेशन से बचने के लिए हर घंटे में पानी जरूर पिएं.
त्योहार की व्यस्तता और मेहमानों की आवाजाही के बीच कई मरीज अपनी नियमित दवाओं या इंसुलिन की डोज लेना भूल जाते हैं. यह सबसे खतरनाक गलती हो सकती है. डॉक्टर चेतावनी देते हैं कि होली के दिन भले ही आपका रूटीन बदल जाए, लेकिन दवाओं का समय नहीं बदलना चाहिए. अपनी दवा की किट हमेशा पास रखें और अलार्म लगाकर समय पर दवा लें. घंटों खड़े होकर या दौड़कर होली खेलने से पैरों में सूजन और थकान हो सकती है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए ठीक नहीं है. बीच-बीच में आराम करें और तनाव मुक्त रहकर त्योहार का आनंद लें. चक्कर आना, बहुत ज्यादा प्यास लगना या धुंधला दिखने जैसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत अपना शुगर लेवल चेक करें और डॉक्टर से संपर्क करें.
डॉक्टर अग्रवाल ने बताया कि होली की पार्टियों में शराब और तली हुई चीजों जैसे पकौड़े, चिप्स और नमकीन का खूब चलन होता है. शराब न केवल शुगर लेवल को अनकंट्रोल करती है, बल्कि यह दवाओं के असर को भी प्रभावित कर सकती है. शुगर के मरीज होली पर बिल्कुल भी शराब न पिएं. इसके साथ ही डीप-फ्राइड खाना पचने में भारी होता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ावा देता है. अगर आप पार्टी में हैं, तो तले हुए स्नैक्स के बजाय भुने हुए मखाने, सलाद या उबले हुए चने जैसे स्वस्थ विकल्पों को चुनें. आपकी एक छोटी सी समझदारी आपको भविष्य की बड़ी जटिलताओं से बचा सकती है.