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नीतेश तिवारी की ‘रामायण’ में रणबीर कपूक ने भगवान राम का किरदार निभाया है. टीजर में इसकी पहली झलक देखने को मिली. इसके बाद से फिल्म को ऑडियंस से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है. कई लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं, तो कई लोग इसकी आलोचना भी कर रहे हैं. अब इस पर रामानंद सागर के बेटे मोती सागर ने प्रतिक्रिया दी है.
‘रामायण’ का टीजर रिलीज होने के बाद से लोग इसकी आलोचना कर रहे हैं. हालांकि, कई लोगों ने इसे सराहा भी है. लेकिन रणबीर कपूर को राम के किरदार में पसंद नहीं किया. टीजर में दिखाए गए वीएफएक्स की भी आलोचना हुई है. इन मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बीच दूरदर्शन की ‘रामायण’ बनाने वाले रामानंद सागर के बेटे मोती सागर ने भी इस बहस पर अपनी राय रखी है. मोती ने पिता के साथ मिलकर ‘रामायण’ का डायरेक्शन किया था. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
पीटीआई के मुताबिक, मोती सागर ने कहा कि केवल टीज़र के आधार पर फिल्म का आंकलन करना जल्दबाजी होगी. हालांकि, उन्होंने भगवान राम के किरदार में रणबीर कपूर की कास्टिंग पर भरोसा जताया. जबकि 1987 में आए टीवी शो ‘रामायण’ में राम का किरदार अरुण गोविल ने निभाया था. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
मोती सागर ने कहा, “मुझे ‘रामायण’ से बहुत उम्मीदें हैं क्योंकि रणबीर आज के सबसे बेहतरीन अभिनेताओं में से एक हैं, खासकर उनकी परफॉर्मेंस और इमोशंस को लेकर. वह बहुत क्लास एक्टर हैं और उनमें गहराई है. लेकिन इस टीजर से कुछ भी जज नहीं किया जा सकता. रणबीर की परफॉर्मेंस में बहुत गहराई है. उन्होंने इस किरदार में पूरी तरह डूबकर काम किया होगा. इसलिए मैं पूरी फिल्म देखना चाहूंगा और फिर अपनी राय दूंगा. मुझे इस फिल्म से बहुत उम्मीदें हैं.” (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
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मोती सागर ने नीतेश तिवारी की ‘रामायण’ और 1987 के टीवी शो ‘रामायण’ के बीच तुलना पर कहा कि फॉर्मेट और अवधि में फर्क होने के कारण ऐसी तुलना सही नहीं है. उन्होंने कहा, “लोग अक्सर भूल जाते हैं कि हमारी ‘रामायण’ 78 एपिसोड की थी, हर एपिसोड 30-40 मिनट का था, जबकि फिल्म सिर्फ तीन से चार घंटे की होगी. ऐसे में बहुत फर्क होगा, जैसे शो में हम बहुत डिटेल में जा सकते थे.” (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
मोती सागर ने यह भी कहा कि ओरिजिनल शो एक सांस्कृतिक फेनोमेनन इसलिए बना क्योंकि उसमें कहानी को विस्तार से दिखाने का समय और गहराई थी. अपने पिता की सोच को याद करते हुए उन्होंने बताया कि रामानंद सागर भगवान राम के बड़े भक्त थे और रामायण को अपनी जीवन की सबसे बड़ी महत्वाकांक्षा मानते थे. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
मोती सागर ने कहा, “मेरे पिता भगवान राम के भक्त थे. ‘विक्रम बेताल’ और ‘दादा-दादी की कहानियां’ बनाने के बाद उन्होंने हम चारों को बुलाया और कहा कि ‘रामायण’ मेरी जीवन की सबसे बड़ी महत्वाकांक्षा है. मुझे इसे करना ही है, चाहे इसके लिए मुझे अपना बंगला भी बेचना पड़े. उन्होंने यह भी कहा कि वह शो पैसे के लिए नहीं बना रहे… हम सब उनके साथ जुड़ गए और दो-तीन साल तक सिर्फ ‘रामायण’ ही हमारी जिंदगी थी. उन्होंने इसे जागरूकता और नैतिक मूल्यों के लिए बनाया था.” (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
मोती सागर ने यह भी बताया कि शो का बजट सिर्फ 9 लाख रुपये प्रति एपिसोड था और निर्माण के दौरान कई चुनौतियां आईं. उस समय सीजीआई नहीं था, तो टीम ने नए-नए तरीके अपनाए. उन्होंने कहा, “हमने स्पेशल इफेक्ट्स के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए. जैसे, धुंआ बनाने के लिए अगरबत्ती और धूप का इस्तेमाल किया, बादल के लिए रुई का इस्तेमाल किया. साथ ही, हमने एक नई मशीन SEG 2000, स्पेशल इफेक्ट्स जेनरेटर, का इस्तेमाल किया धनुष-बाण के सीन के लिए.” (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)
नीतेश तिवारी के निर्देशन में बन रही और नमित मल्होत्रा द्वारा समर्थित ‘रामायण’ में कई बड़े सितारे हैं. रणबीर कपूर के साथ फिल्म में साई पल्लवी सीता के रोल में, यश रावण के रोल में, सनी देओल हनुमान के रोल में और रवि दुबे लक्ष्मण के रोल में नजर आएंगे. दिलचस्प बात यह है कि अरुण गोविल भी फिल्म में एक अहम किरदार निभाते नजर आएंगे, उनके साथ कुणाल कपूर, आदिनाथ कोठारे और शीबा चड्ढा भी फिल्म में हैं. फिल्म का बजट कथित तौर पर 4000 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है. ‘रामायण’ का पहला भाग दिवाली 2026 में रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में आने की उम्मीद है. (फोटो साभारः यूट्यूब वीडियोग्रैब)

