What Is plogging| फिटनेस का नया ट्रेंड प्लॉगिंग क्या है?

What Is plogging| फिटनेस का नया ट्रेंड प्लॉगिंग क्या है?


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What Is plogging: प्लॉगिंग फिटनेस का एक नया ट्रेंड है. इसमें व्यक्ति वॉक या रनिंग करते हुए जो कि सेहत के लिए बहुत जरूरी है, कचरा उठाता है. ये ट्रेंड स्वीडन से शुरू हुआ है, जो न्यूयॉर्क से लेकर दिल्ली तक काफी पसंद किया जा रहा है.

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फिटनेस का नया ट्रेंड प्लॉगिंग क्या है? मिलिंद सोमन रनिंग के साथ कर रहे ये कामZoom

New Fitness Trend: फिटनेस को लेकर आजकल लोग बहुत जागरूक हो गए हैं. हर कुछ दिन में नया ट्रेंड आ जाता है. ऐसे में आजकल फिटनेस की दुनिया में एक नया ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसे “प्लॉगिंग” कहा जाता है. प्लॉगिंग का मतलब है दौड़ते या चलते समय रास्ते में पड़ा कचरा उठाना. यह एक ऐसा तरीका है जिसमें लोग अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए पर्यावरण को भी साफ रखने में योगदान देते हैं. इस ट्रेंड की शुरुआत स्वीडन से हुई थी, लेकिन अब यह पूरी दुनिया में फैल चुका है. न्यूयॉर्क से लेकर दिल्ली तक लोग इसे अपनाने लगे हैं. खासकर युवाओं में यह काफी तेजी से लोकप्रिय हो रहा है.

क्या है फिटनेस का नया ट्रेंड प्लॉगिंग 
प्लॉगिंग की सबसे खास बात यह है कि यह फिटनेस को एक सामाजिक अनुभव बना देता है. लोग समूह में दौड़ते हैं, बातचीत करते हैं, नए दोस्त बनाते हैं और साथ ही शहर को साफ रखने का काम भी करते हैं. इससे न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि समाज और पर्यावरण के लिए भी अच्छा काम होता है.

भारत में भी इस सोच को बढ़ावा मिल रहा है. मिलिंद सोमन जैसे फिटनेस आइकन बीच क्लीन-अप और रनिंग के जरिए लोगों को प्रेरित करते हैं. वहीं अक्षय कुमार भी स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े अभियानों में भाग लेते रहे हैं। इनके प्रयासों से लोगों में जागरूकता बढ़ी है. सरकारी स्तर पर भी साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाए गए हैं. नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छ भारत अभियान इस दिशा में एक बड़ा प्रयास है, जिसने लोगों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया है.

किसी उपकरण की जरूरत नहीं

प्लॉगिंग की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण इसकी सादगी है. इसमें किसी खास उपकरण या खर्च की जरूरत नहीं होती. बस दौड़ते समय कचरा उठाने की आदत अपनानी होती है. यही छोटी सी आदत बड़ा बदलाव ला सकती है. प्लॉगिंग सिर्फ एक फिटनेस एक्टिविटी नहीं है, बल्कि एक सोच है. यह हमें सिखाती है कि अगर हम छोटे-छोटे कदम उठाएं, तो हम अपने शरीर के साथ-साथ अपने आसपास के वातावरण को भी बेहतर बना सकते हैं.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें



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