Last Updated:
Health Tips: दोपहर के खाने के बाद एक गिलास छाछ पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. वहीं अगर इसमें भुना हुआ जीरा, काला नमक और पुदीना मिलाकर पीया जाए, तो इसका असर और भी बढ़ जाता है.
खंडवा. गर्मी के मौसम में अक्सर लोगों को पेट में जलन, गैस, अपच और भारीपन की शिकायत होने लगती है. इसकी वजह तला-भुना और मसालेदार खाना, कम पानी पीना और बिगड़ी लाइफस्टाइल होती है. आयुर्वेद के अनुसार, जब पाचन तंत्र ज्यादा सक्रिय हो जाता है, तो शरीर में गर्मी बढ़ जाती है, जिससे भूख कम लगना, सिरदर्द और स्किन पर भी असर दिखने लगता है.
लोकल 18 से बातचीत में मध्य प्रदेश के खंडवा के डॉ अनिल पटेल बताते हैं कि पेट की गर्मी को शांत करने के लिए सबसे आसान और असरदार उपाय छाछ (बटर मिल्क) है. यह एक ऐसा घरेलू नुस्खा है, जो सस्ता भी है और पूरी तरह सुरक्षित भी.
उन्होंने कहा कि छाछ की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर और पेट को अंदर से ठंडक देती है. इसमें मौजूद पाचन एंजाइम्स खाना जल्दी पचाने में मदद करते हैं, जिससे गैस और अपच की समस्या कम होती है. साथ ही इसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. गर्मियों में यह शरीर को हाइड्रेट भी रखती है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है.
छाछ कब और कैसे पिएं?
दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास छाछ पीना सबसे फायदेमंद माना जाता है. अगर इसमें भुना जीरा, काला नमक और पुदीना मिलाकर पीया जाए, तो इसका असर और बढ़ जाता है. गर्मियों में रोजाना एक बार छाछ का सेवन करने से पेट की गर्मी कंट्रोल में रहती है.
पेट की गर्मी से बचने के अन्य आसान उपाय
दिनभर में कम से कम 8 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं ताकि शरीर ठंडा रहे. तले-भुने और ज्यादा मसालेदार खाने से दूरी बनाएं. अपनी डाइट में पुदीना, खीरा और तरबूज जैसे ठंडक देने वाले फूड्स शामिल करें. एलोवेरा जूस और नारियल पानी भी पेट के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. साथ ही शीतली प्राणायाम करने से भी शरीर और पेट को ठंडक मिलती है. पेट की गर्मी एक आम लेकिन परेशान करने वाली समस्या है. अगर आप रोजाना छाछ का सेवन और कुछ आसान आदतें अपनाएं, तो इससे आसानी से राहत पाई जा सकती है.
About the Author
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.