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Cancer in Kids: भारत में 5 से 19 वर्ष की आयु के बच्चों और युवाओं में मृत्यु के शीर्ष 10 कारणों में कैंसर भी शामिल है यह एक ऐसा खुलासा है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है.

भारत में 5 से 19 साल के बच्चों और युवाओं की मौत के 10 बड़े कारणों में कैंसर भी शामिल है, जिससे लोग हैरान हैं. मशहूर ‘दि लान्सेट’ मेडिकल जर्नल में छपी ‘सुमायागुम वर्ल्डवाइड डिजीजेज – 2023’ रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है.

वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल और सेंट जूड चिल्ड्रन रिसर्च हॉस्पिटल के हेल्थ मेट्रिक्स इवैल्युएशन इंस्टीट्यूट के रिसर्चर्स की टीम ने यह स्टडी की है. इस स्टडी के मुताबिक, सिर्फ 2023 में दुनिया भर में 3.77 लाख बच्चों को कैंसर हुआ है. इसके अलावा 1.44 लाख बच्चों की मौत भी हुई है.

बच्चों की मौत के कारणों में दुनिया भर में कुपोषण, टीबी, एचआईवी/एड्स के बाद आठवें नंबर पर कैंसर आता है. भारत में बच्चों की मौत के कारणों में कैंसर दसवें नंबर पर है.
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दुनिया भर में कैंसर से होने वाली मौतों में से 20.5% सिर्फ दक्षिण एशिया में होती हैं. 1990 से 2023 के बीच, दक्षिण एशिया में बच्चों की कैंसर से मौत की दर दुनिया के मुकाबले 16.9% कम हुई है. सिर्फ भारत में 2023 में करीब 17,000 बच्चों की मौत कैंसर से हुई है.

सबसे ज्यादा असर करने वाले कैंसर में ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर, दिमाग और नसों का कैंसर, लिम्फ कैंसर, और शरीर की इम्यून सिस्टम को प्रभावित करने वाला कैंसर शामिल हैं.

दुनिया भर में कैंसर से मरने वाले बच्चों में 12% भारत के और 20.5% दक्षिण एशिया के हैं. यह बहुत ज्यादा संख्या मानी जाती है. मौत की दर में गिरावट: 1990 से 2023 तक भारत में बच्चों के कैंसर से मौत की दर 16.9% कम हुई है. ग्लोबल गिरावट से तुलना करें तो यह प्रगति दिखाता है, लेकिन असर अभी भी ज्यादा है. भले ही कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, बच्चों के कैंसर से मौत की दर कम हो रही है, यह राहत की बात है. फिर भी भारत और दक्षिण एशिया में इसका असर लगातार बढ़ना चिंता की बात है. भारत में पैदा होने वाले 10 लाख बच्चों में करीब 80 से 100 बच्चों को कैंसर होने का अनुमान है.