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Raw vs Ripe Mango : गर्मियों की दस्तक के साथ ही फलों के राजा ‘आम’ का बेसब्री से इंतजार शुरू हो जाता है. हम में से कई लोग कच्चे आम की चटनी और आम पन्ना के शौकीन होते हैं, तो कई लोग पके आम के रसीले स्वाद के दीवाने हैं. लेकिन स्वाद की इस जंग के बीच अक्सर यह सवाल उठता है कि सेहत के लिहाज से इन दोनों में से कौन सा विकल्प ज्यादा फायदेमंद है?

Raw Vs Ripe Mango Health Benefits : वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो कच्चा और पका आम, दोनों ही पोषक तत्वों का खजाना हैं, लेकिन दोनों की खूबियां अलग-अलग हैं. कच्चा आम विटामिन-सी (Vitamin C) का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है. एक छोटे से कच्चे आम में उतनी ही मात्रा में विटामिन-सी होता है, जितना कि तीन सेब या एक बड़े नारंगी में. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को बढ़ाने में जादुई तरीके से काम करता है. (All Image Credit: Canva)

वहीं दूसरी ओर, जब आम पक जाता है, तो इसमें मौजूद स्टार्च शुगर में बदल जाता है, जिससे इसका स्वाद मीठा हो जाता है. पके हुए आम में विटामिन-ए (Vitamin A) और बीटा-कैरोटीन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है. यह न केवल हमारी आंखों की रोशनी के लिए वरदान है, बल्कि त्वचा में प्राकृतिक निखार लाने में भी मददगार होता है. पके आम में एंटीऑक्सीडेंट्स भी भरपूर होते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं.

गर्मियों के दौरान ‘लू’ (Heatstroke) से बचने के लिए कच्चा आम सबसे भरोसेमंद साथी है. कच्चे आम का पना शरीर में नमक और पानी के संतुलन को बनाए रखता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा कम हो जाता है. अगर आप पाचन की समस्या जैसे एसिडिटी, कब्ज या सुबह के समय होने वाली जी मिचलाने की समस्या से परेशान हैं, तो काला नमक लगाकर कच्चा आम खाना आपके लिए किसी औषधि से कम नहीं है.
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पका हुआ आम एनर्जी का एक बड़ा स्रोत है. इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स शरीर को तुरंत एनर्जी प्रदान करते हैं. इसके अलावा, पके आम में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती है. हालांकि, पके आम में कैलोरी और शुगर की मात्रा अधिक होती है, इसलिए जो लोग वजन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन आहार हो सकता है.

आयुर्वेद के अनुसार, कच्चा आम जहाँ पित्त और वायु को संतुलित कर लू से बचाता है, वहीं पका हुआ आम वात को शांत कर शरीर को बल और ओज प्रदान करता है. प्रकृति ने हर रूप में इसे औषधि बनाया है.

लेकिन, आम खाने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जिनके बारे में सावधानी बरतना जरूरी है. डायबिटीज (शुगर) के मरीजों के लिए पका हुआ आम जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकता है. ऐसे मरीजों को आम का सेवन डॉक्टर की सलाह पर और बहुत ही सीमित मात्रा में करना चाहिए. इसके अलावा, आम की तासीर गर्म होती है, इसलिए अधिक मात्रा में खाने से चेहरे पर मुहांसे या फोड़े-फुंसी निकल सकते हैं.

गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को कच्चे आम के अधिक सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इसकी खटास दर्द को बढ़ा सकती है. साथ ही, कच्चे आम के ऊपरी हिस्से पर निकलने वाले सफेद चिपचिपे पदार्थ (चोप) को अच्छी तरह साफ किए बिना नहीं खाना चाहिए, वरना यह गले में संक्रमण, खुजली और खराश का कारण बन सकता है. कई बार इसे खाने से पेट में मरोड़ भी उठ सकती है.

कच्चा और पका आम दोनों ही अपनी-अपनी जगह सेहतमंद हैं. अगर आप वजन कम करना चाहते हैं और गर्मी से राहत पाना चाहते हैं, तो कच्चा आम चुनें. लेकिन अगर आप आंखों की रोशनी और एनर्जी बढ़ाना चाहते हैं, तो पका हुआ आम बेहतर है. बस ध्यान रखें कि ‘अति’ किसी भी चीज की बुरी होती है, इसलिए आम का आनंद सीमित और संतुलित मात्रा में ही लें.