प्रोटीन पाउडर रोज पी रहे हैं? कहीं मस्कुलर बॉडी बनाने के चक्कर में न हो जाए नुकसान, जान लें सच

प्रोटीन पाउडर रोज पी रहे हैं? कहीं मस्कुलर बॉडी बनाने के चक्कर में न हो जाए नुकसान, जान लें सच


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प्रोटीन पाउडर आजकल फिटनेस और हेल्थ के लिए काफी इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन इन्हें लेने से पहले इसके फायदे के साथ-साथ संभावित जोखिमों को समझना भी जरूरी है. सही जानकारी के बिना इसका अधिक सेवन सेहत पर असर डाल सकता है.

Adding protein powder to milk or smoothies may feel like an easy health boost, especially since protein is essential for muscle strength, bone health, and overall body function. Many people, especially older adults with reduced appetite, turn to protein powders to meet their daily protein needs quickly and conveniently.

दूध या स्मूदी में प्रोटीन पाउडर मिलाना एक आसान और हेल्दी तरीका लग सकता है, क्योंकि प्रोटीन मांसपेशियों की मजबूती, हड्डियों के स्वास्थ्य और पूरे शरीर के सही कामकाज के लिए जरूरी होता है. खासकर वे लोग, जिनकी भूख कम होती है, जैसे कि बुजुर्ग, वे अपनी रोजाना की प्रोटीन जरूरत पूरी करने के लिए प्रोटीन पाउडर का सहारा लेते हैं, क्योंकि यह जल्दी और सुविधाजनक तरीका होता है.

What Exactly Is Protein Powder? Protein powders are concentrated sources of protein derived from plants, eggs, or milk, often combined with added sugars, flavourings, thickeners, vitamins, and minerals.

प्रोटीन पाउडर प्रोटीन का एक कंसंट्रेटेड स्रोत होता है, जो आमतौर पर पौधों, अंडे या दूध से तैयार किया जाता है. इसमें कई बार स्वाद बढ़ाने के लिए चीनी, फ्लेवर, गाढ़ापन देने वाले तत्व, विटामिन और मिनरल्स भी मिलाए जाते हैं. हालांकि यह सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसके सेवन से जुड़े कुछ छिपे हुए स्वास्थ्य जोखिम भी हो सकते हैं, जिनके बारे में जानना जरूरी है.

: Not All Scoops Are Equal: The protein content in one scoop can vary widely, ranging from 10 to 30 grams, depending on whether it’s designed for muscle gain or weight loss.

प्रोटीन पाउडर के एक स्कूप में प्रोटीन की मात्रा काफी अलग-अलग हो सकती है. यह 10 ग्राम से लेकर 30 ग्राम तक हो सकती है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि वह मसल्स बढ़ाने के लिए बना है या वजन घटाने के लिए.

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Lack Of Strict Regulation: Protein powders are dietary supplements, which means manufacturers are responsible for safety and labelling, making it hard to verify what’s actually inside.

प्रोटीन पाउडर डाइटरी सप्लीमेंट्स की कैटेगरी में आते हैं, इसलिए इनके निर्माण और लेबलिंग की जिम्मेदारी कंपनियों पर ही होती है. ऐसे में कई बार यह जानना मुश्किल हो जाता है कि इसमें वास्तव में क्या-क्या मिलाया गया है.

Digestive Issues: Milk-based protein powders can cause bloating, discomfort, or digestive distress, especially in people with lactose intolerance or dairy sensitivities.

पाचन से जुड़ी समस्याएं: दूध से बने प्रोटीन पाउडर कुछ लोगों में पेट फूलना, गैस या असहजता पैदा कर सकते हैं. खासकर जिन्हें लैक्टोज इनटॉलरेंस या डेयरी से एलर्जी होती है, उन्हें इससे ज्यादा दिक्कत हो सकती है.

Hidden Sugars & Calories: Some protein powders contain high levels of added sugar and calories, which can lead to weight gain and spikes in blood sugar if consumed regularly.

छिपी हुई शुगर और ज्यादा कैलोरी- कई प्रोटीन पाउडर में अतिरिक्त शुगर और कैलोरी होती है, जो नियमित सेवन करने पर वजन बढ़ाने और ब्लड शुगर लेवल बढ़ाने का कारण बन सकती है.

लंबे समय के असर स्पष्ट नहीं- प्रोटीन सप्लीमेंट्स का लंबे समय तक ज्यादा मात्रा में सेवन करने के असर पर अभी पर्याप्त शोध उपलब्ध नहीं है. इसलिए इसे रोजाना लंबे समय तक लेने को लेकर कुछ चिंताएं बनी रहती हैं.

हालांकि प्रोटीन पाउडर इस्तेमाल में आसान होते हैं, लेकिन ये पूरी तरह जोखिम से मुक्त नहीं हैं. बेहतर और सुरक्षित तरीका यह है कि आप प्रोटीन प्राकृतिक खाद्य पदार्थों से लें और सप्लीमेंट्स का उपयोग समझदारी और सीमित मात्रा में करें.



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