तरबूज खाएं या खरबूजा? गर्मियों में कौन है असली ‘हेल्थ टॉनिक’, जानें कैंसर से बचाव और वजन घटाने के लिए क्या है बेस्ट!

तरबूज खाएं या खरबूजा? गर्मियों में कौन है असली ‘हेल्थ टॉनिक’, जानें कैंसर से बचाव और वजन घटाने के लिए क्या है बेस्ट!


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Watermelon Muskmelon Benefits: गर्मियों ने दस्तक दे दी है. इस मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. जब भी हम बाजार जाते हैं, तो दो फल हमें सबसे ज्यादा नजर आते हैं- लाल रसीला तरबूज (Watermelon) और खुशबूदार खरबूजा (Muskmelon). लेकिन अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि इन दोनों में से सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद कौन सा है? क्या ये सिर्फ प्यास बुझाते हैं या इनके पीछे कोई गहरा औषधीय गुण भी छिपा है? आइए, जानते हैं कि आपकी सेहत के लिए असली ‘हेल्थ टॉनिक’ कौन सा है.

Tarbuj-Kharbuja ke fayde : गर्मियों के इन दोनों सुपरफूड्स की सबसे बड़ी खूबी इनका वॉटर कंटेंट है. USDA के अनुसार, तरबूज में लगभग 92% पानी होता है, जो इसे डिहाइड्रेशन से लड़ने का सबसे शक्तिशाली हथियार बनाता है. दूसरी ओर, खरबूजे में करीब 90% पानी के साथ-साथ फाइबर की मात्रा थोड़ी अधिक होती है. अगर आप चिलचिलाती धूप से लौटकर आए हैं, तो तरबूज शरीर के तापमान को तुरंत कम करने में मदद करता है, जबकि खरबूजा आपके पाचन तंत्र को ठंडक पहुँचाने का काम करता है.

इम्यूनिटी बढ़ाने की बात करें, तो खरबूजा यहाँ बाजी मारता नजर आता है. खरबूजे में विटामिन C और विटामिन A प्रचुर मात्रा में होते हैं. विटामिन C न केवल संक्रमण से लड़ने वाली सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाता है, बल्कि आपकी त्वचा में कोलेजन के स्तर को भी बनाए रखता है. वहीं, तरबूज में मौजूद लाइकोपीन (Lycopene) एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है, जो कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाता है और शरीर की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है.

आजकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए लोग प्राकृतिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं. तरबूज का गहरा लाल रंग उसमें मौजूद लाइकोपीन की वजह से होता है. कई शोध बताते हैं कि लाइकोपीन प्रोस्टेट कैंसर और फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है. खरबूजा भी पीछे नहीं है; इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में जाकर विटामिन A में बदल जाता है, जो फ्री-रेडिकल्स से लड़ने में शरीर की मदद करता है और कैंसर जैसी स्थितियों के विरुद्ध सुरक्षा कवच तैयार करता है.

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अगर आपका लक्ष्य वजन घटाना (Weight Loss) है, तो ये दोनों ही फल आपके बेस्ट फ्रेंड बन सकते हैं. तरबूज में कैलोरी बहुत कम होती है (प्रति 100 ग्राम केवल 30 कैलोरी), और इसे खाने से पेट जल्दी भर जाता है. वहीं खरबूजा अपने उच्च फाइबर कंटेंट की वजह से आपको लंबे समय तक भूख का अहसास नहीं होने देता. अगर आपको मीठा खाने की क्रेविंग होती है, तो खरबूजा एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि यह तरबूज की तुलना में थोड़ा ज्यादा ‘फिलिंग’ महसूस होता है.

दिल की सेहत (Heart Health) के लिए तरबूज में मौजूद सिट्रुलिन (Citrulline) नाम का अमीनो एसिड रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होता है. यह धमनियों में रक्त के प्रवाह को सुचारू बनाता है. दूसरी तरफ, खरबूजे में पोटेशियम की मात्रा काफी अच्छी होती है, जो सोडियम के प्रभाव को कम कर ब्लड प्रेशर को स्थिर रखता है. यानी, अगर आप हाई बीपी के मरीज हैं, तो ये दोनों फल आपके लिए किसी टॉनिक से कम नहीं हैं.

आंखों की रोशनी और त्वचा की चमक के मामले में खरबूजा काफी प्रभावी माना जाता है. इसमें मौजूद विटामिन A आंखों की मासपेशियों को ताकत देता है. तरबूज आपकी स्किन को हाइड्रेटेड रखकर ‘नेचुरल ग्लो’ देता है और धूप से होने वाले सनबर्न के असर को कम करता है. एथलीट्स और जिम जाने वालों के लिए तरबूज का रस मांसपेशियों के दर्द (Muscle Soreness) को कम करने के लिए एक जादुई ड्रिंक की तरह काम करता है.

अंत में, सवाल वही है—किसे चुनें? असलियत यह है कि तरबूज और खरबूजा दोनों के अपने अलग फायदे हैं. अगर आपको ज्यादा प्यास लगती है और आप वर्कआउट करते हैं, तो तरबूज आपके लिए बेस्ट है.

लेकिन अगर आप पाचन सुधारना चाहते हैं और अपनी इम्यूनिटी पर ध्यान देना चाहते हैं, तो खरबूजा एक बेहतरीन चुनाव है. सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपनी डाइट में दोनों को शामिल करें, लेकिन ध्यान रहे कि इन्हें खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं और रात के समय इनके सेवन से बचें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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