Last Updated:
Asha Bhosle Death News : बॉलीवुड की लीजेंड सिंगर आशा भोसले और लता मंगेशकर ने एक से बढ़कर एक गाने गाए हैं. दोनों का नाम हिंदी सिनेमा के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है. लता मंगेशकर की आवाज जितनी खनकदार थी, आशा भोसले की आवाज उतनी ही मखमली और दिलकश थी. आशा भोसले का अंदाज लता दी से से बिल्कुल अलग था. लता मंगेशकर गानों में एक खास तरह की हरकत लाती थीं. वैसे तो दोनों बहनों के बीच प्रोफेशनल प्रतिद्वंदिता भी थी. दोनों बहनों ने कई बार मिलकर भी गाने गाए हैं. ऐसा ही एक गाना 80 के दशक में दोनों बहनों ने गाया था. इस गाने में आशा भोसले का अलाप सुनते ही लता मंगेशकर खुश हो गई थीं. रेखा पर फिल्माया गया यह गाना सुपरहिट रहा. यह मूवी कौन सी थी और वो एवरग्रीन गाना कौन सा था, आइये जानते हैं…………

Asha Bhosle Death Reason : बॉलीवुड की लीजेंड सिंगर आशा भोसले का निधन हो गया है. वह 8 दशक तक फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा रहीं. आशा भोसले की यह दिली चाहत थी कि उनकी बड़ी बहन लता दीदी उनके गाने की प्रशंसा करें. 80 के दौर में ऐसा मुकाम भी आया जब दोनों बहनों ने मिलकर एक गाना गाया. गाना बॉलीवुड एक्ट्रेस रेखा और अनुराधा पटेल पर फिल्माया गया था. इस सुपरहिट गाने के शुरुआत में जैसे ही आशा ताई ने अलाप लिया, लता मंगेशकर खुशी से झूम उठी थीं. बात हो रही है 21 दिसंबर 1984 में रिलीज हुई फिल्म ‘उत्सव’ की. वो कालजयी गाना था : हो मन क्यों बहका रे बहका, आधी रात को’ जिसे आशा भोसले-लता मंगेशकर ने मिलकर गाया था.

आशा भोसले ने अपने एक इंटरव्यू में इस गाने की रिकॉर्डिंग का दिलचस्प किस्सा शेयर किया था. उन्होंने कहा था, ‘इस गाने की शुरुआती लाइन ‘मन क्यों बहका रे बहका, आधी रात को’ दीदी ने गाई थी. फिर ‘बेला महका रे महका आधी रात को’ जैसे ही मैंने गाया, दीदी ने चश्मा नीचे किया और बहुत अच्छे का इशारा किया. जिस तरह से मेरी बहन ने तारीफ की, मुझे बहुत खुशी हुई.’

आशा ताई ने अपने एक और इंटरव्यू में बताया था, ‘हम दोनों बहनों ने करीब 80-90 गाने मिलकर गाए हैं. जब भी हम दोनो बहनें ड्यूट गाती थीं तो नजरों से एकदूसरे को इशारा करके बताते थे कि गाना कहां से उठाना है. मैं जब भी गाती थी तो यही सोचती थी कि दीदी से कम ना पड़ूं.’
Add News18 as
Preferred Source on Google

‘उत्सव’ फिल्म में रेखा, शेखर सुमन और अनुराधा पटेल मुख्य भूमिकाओं में थे. अमजद खान, शशि कपूर और शंकर नाग सपोर्टिव रोल में थे. म्यूजिक लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया था. गीत वसंत देव ने लिखे थे. फिल्म का डायरेक्शन गिरीश कर्नाड ने किया था. प्रोड्यूसर शशि कपूर थे. यह एक आर्ट फिल्म थी जो कि शुद्रक के नाटक मृच्छकटिका पर बेस्ड थी. मृच्छकटीकम संस्कृत भाषा का एक नाटक था जो कि सबसे शानदार नाटको में गिना जाता है. फिल्म में महर्षि वात्सायन को भी दिखाया गया है.

इस फिल्म में पहले अमिताभ बच्चन-रेखा को काम करना था. बच्चन और शशि कपू इससे पहले सुहाग फिल्म में भी नजर आए थे. फिर अमिताभ ने काम करने से इनकार कर दिया. शशि कपूर की ओर निर्मित यह तीसरी फिल्म थी जिसमें रेखा ने काम किया था. इससे पहले ‘कलयुग’ और ‘विजेता’ में भी काम किया था.

अमिताभ बच्चन के इनकार करने के बाद शशि कपूर ने उस रोल को निभाया. वही फिल्म के प्रोड्यूसर थे. फिल्म डिले होती गई और ओवर बजट हो गई. शशि कपूर ने अपने रोल के लिए वजन बढ़ाया. सबसे दुखद बात यह रही कि इस फिल्म के दौरान उनकी पत्नी जेनिफर की मौत हो गई. फिल्म भी फ्लॉप हो गई.

रेखा शेखर सुमन के एक बयान पर बहुत गुस्सा हुई थीं. दरअसल, शेखर सुमन ने अपने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच अफेयर शुरू हो गया था. बाद में शेखर सुमन ने अपने इस बयान के लिए लिखित में माफी भी मांगी थी.

‘उत्सव’ फिल्म की आज कल्ट क्लासिक फिल्मों में होती है. फिल्म में बोल्ड सीन की भरमार थी. उत्सव फिल्म के ट्रायल शो के दौरान शेखर सुमन और उनकी पत्नी के बीच जबर्दस्त झगड़ा हुआ था. रेखा-शेखर सुमन के इंटीमेट सीन देखकर अलका स्क्रीनिंग अधूरी छोड़कर घर चली गई थीं.