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नई दिल्ली2 मिनट पहले
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यूट्यूब ने ‘टाइम मैनेजमेंट’ का नया फीचर जारी किया है। इसके जरिए अब आप एप पर शॉर्ट्स देखने की समय सीमा को ‘जीरो’ पर सेट कर सकते हैं। इससे शॉर्ट्स फीड पूरी तरह से हट जाएगी। इसका मकसद स्क्रीन टाइम को बेहतर तरीके से मैनेज करने में मदद करना है।
यूट्यूब ने पिछले साल अक्टूबर में शॉर्ट्स के लिए टाइमर फीचर पेश किया था, जिसमें न्यूनतम समय सीमा 15 मिनट थी। जनवरी में इस फीचर का विस्तार करते हुए माता-पिता को बच्चों के स्क्रीन टाइम पर कंट्रोल देने के लिए ‘जीरो मिनट’ का विकल्प लाने की घोषणा की गई थी।
सभी अकाउंट के लिए फीचर रोलआउट
यूट्यूब की प्रवक्ता मैकेंजी स्पिलर के मुताबिक, अब यह विकल्प सभी पैरेंट्स के लिए लाइव हो चुका है और धीरे-धीरे सामान्य एडल्ट अकाउंट्स के लिए भी रोल आउट किया जा रहा है।
होम स्क्रीन से भी शॉर्ट्स के सुझाव हट जाएंगे
जैसे ही आप ‘जीरो मिनिट’ की लिमिट चुनेंगे, शॉर्ट्स टैब पर कोई वीडियो नहीं दिखेगा। वहां केवल एक नोटिफिकेशन दिखाई देगा कि आपने अपनी ‘शॉर्ट्स फीड लिमिट’ पूरी कर ली है। लिमिट सेट करने के बाद होम स्क्रीन से भी शॉर्ट्स के सुझाव हट जाएंगे।
बिंज वॉचिंग और रील की लत छुड़ाने में मदद मिलेगी
भारत में यूट्यूब के करोड़ों यूजर्स हैं और शॉर्ट्स का क्रेज बहुत ज्यादा है। ऐसे में यह फीचर उन लोगों के लिए काफी मददगार साबित होगा जो डूम स्क्रॉलिंग यानी अनचाहे स्क्रॉलिंग की आदत छोड़ना चाहते हैं। डिजिटल वेलबीइंग की दिशा में यह यूट्यूब का एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
- फोकस और प्रोडक्टिविटी: जो छात्र या प्रोफेशनल केवल काम की चीजें या लंबे ट्यूटोरियल देखने यूट्यूब पर आते हैं, उनका ध्यान अब शॉर्ट्स के सुझावों से नहीं भटकेगा।
- बच्चों के लिए सुरक्षित: माता-पिता अब बच्चों के फोन में शॉर्ट्स को पूरी तरह ब्लॉक कर सकेंगे, जिससे वे केवल वही कंटेंट देख पाएंगे जिसकी अनुमति दी गई है।
- बेहतर यूजर एक्सपीरियंस: एप की होम स्क्रीन साफ-सुथरी हो जाएगी। अगर आपको शॉर्ट्स पसंद नहीं हैं, तो अब आपको जबरदस्ती फीड में वीडियो के थंबनेल नहीं देखने पड़ेंगे।
फीचर ऑन करने लिए 3 स्टेप्स फॉलो करें
- यूट्यूब एप की सेटिंग्स में जाकर टाइम मैनेजमेंट का विकल्प चुनें।
- अब ‘शॉर्ट्स फीड लिमिट’ को टॉगल ऑन करें।
- समय सीमा में जाकर ‘0 मिनट’ का चुनाव करें।

नॉलेज पार्ट: क्या है डूमस्क्रॉलिंग
लगातार छोटे वीडियो स्क्रॉल करते रहने की आदत को डूमस्क्रॉलिंग कहते हैं। इससे न सिर्फ समय की बर्बादी होती है, बल्कि मानसिक तनाव और नींद न आने जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
