जीसीसी में नियुक्तियां 14% बढ़ीं, पर जेनजी नहीं टिक रहे:कंपनियां 2.5 गुना तक ज्यादा सैलरी देने को तैयार, हैदराबाद सबसे तेज उभरता हब

जीसीसी में नियुक्तियां 14% बढ़ीं, पर जेनजी नहीं टिक रहे:कंपनियां 2.5 गुना तक ज्यादा सैलरी देने को तैयार, हैदराबाद सबसे तेज उभरता हब




देश के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में नौकरियों का बाजार फिर चमकने लगा है। साल 2026 की चौथी मार्च तिमाही में भर्तियों में 12 से 14% की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। क्वेस कॉर्प की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ग्रोथ पिछले तिमाही के 4-6% के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है। हालांकि एआई और डेटा जैसे एडवांस स्किल्स में 42% तक टैलेंट की कमी है। इसी वजह से कंपनियां एक्सपर्ट्स को आकर्षित करने के लिए 1.5 से 2.5 गुना तक ज्यादा सैलरी पैकेज ऑफर कर रही हैं। भर्तियों के मामले में टियर-1 शहरों का दबदबा बरकरार है। कुल भर्तियों में 88-90% हिस्सा मेट्रो शहरों का है। हैदराबाद सबसे तेजी से उभरते हुए हब के रूप में सामने आया है। बेंगलुरु नियुक्तियों के मामले में अब भी नंबर-1 बना हुआ है। टियर-2 शहरों अपनी बढ़त बढ़ा रहे हैं। कोयंबटूर, जयपुर, कोच्चि और अहमदाबाद जैसे शहरों की हिस्सेदारी बढ़कर 10-12% हो गई है। हालांकि, हाई-कॉम्प्लेक्सिटी वाले बड़े काम अब भी मेट्रो शहरों में ही सिमटे हैं। 3 बड़े बदलाव, रिप्लेसमेंट हायरिंग बढ़ी, कन्ट्रैक्ट जॉब्स का बढ़ रहा क्रेज – जेन-जी वर्कफोर्स किसी भी रोल में औसतन 24 महीने से भी कम समय तक टिक रही है। छोटे एम्प्लॉयमेंट साइकिल की वजह से टैलेंट रोक कर रखने की चुनौती बढ़ गई है। – एआई और प्लेटफॉर्म ट्रांसफॉर्मेशन जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए कंपनियां अब पक्की नौकरी के बजाय फ्लेक्सिबल स्टाफिंग अपना रही हैं। इस तिमाही में 25% भर्तियां कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर हुईं। – कुल भर्तियों में 40% हिस्सा ‘रिप्लेसमेंट’ का है। यानी कंपनियां नए पद कम सृजित कर रही हैं, बल्कि नौकरी छोड़ने वालों की जगह नई भर्तियां ज्यादा कर रही हैं। एआई में बड़ा स्किल गैप रिपोर्ट के अनुसार, करीब 60% नई नौकरियां एआई, डेटा और प्लेटफॉर्म स्किल्स से जुड़ी हैं। मांग और सप्लाई के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है: सेक्टर/स्किल- टैलेंट की कमी एआई-डेटा- 38%-42% प्लेटफॉर्म इंजीनियरिंग- 32%-36% क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर- 28%-32% आईटी ही नहीं, रियल एस्टेट और इंफ्रा सेक्टर में भी तेजी जीसीसी में हो रही यह रिकवरी अब केवल आईटी या टेक सेक्टर तक सीमित नहीं रह गई। इनमें सबसे आगे रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर है, जहां 18% की ग्रोथ देखी गई है। इसके बाद प्रोफेशनल सर्विसेज में 16% और कंस्ट्रक्शन व इंजीनियरिंग सेक्टर में 15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ट्रैवल और सामान की आवाजाही से जुड़े हॉस्पिटैलिटी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी 13% ज्यादा भर्तियां हुई हैं। यह ट्रेंड संकेत दे रहा है कि बाजार में चौतरफा रिकवरी लौट रही है। अब सपोर्ट नहीं रणनीतिक हब बन रहे देश के जीसीसी आईटी स्टाफिंग के सीईओ कपिल जोशी का मानना है कि भारत में मौजूद ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के काम करने के तरीके में बदलाव आया है। ये केंद्र बैक-ऑफिस सपोर्ट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया भर के बिजनेस के लिए स्ट्रैटेजिक फैसले ले रहे हैं।



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