Nirav Modi Brothers Declared Fugitive? Court Issues Notice

Nirav Modi Brothers Declared Fugitive? Court Issues Notice


नई दिल्ली3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के ₹23,780 करोड़ के घोटाले में अब मुख्य आरोपी नीरव मोदी के परिवार की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट ने नीरव मोदी के दो भाइयों, नीशाल और निहाल मोदी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने उनसे पूछा है कि उन्हें ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ (FEO) क्यों न घोषित किया जाए?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोर्ट में अर्जी लगाकर दोनों भाइयों को भगोड़ा घोषित करने की मांग की थी। विशेष जज एवी गुजराती ने बुधवार को नोटिस जारी किए। कोर्ट ने न सिर्फ भाइयों को, बल्कि नीरव मोदी की कंपनी के सीनियर अधिकारियों- आदित्य नानावती और संदीप मिस्त्री को भी इसी तरह के नोटिस भेजे हैं। इन सभी को 7 मई तक अपना जवाब देना होगा।

क्या है PNB घोटाला?

यह देश के बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक है। हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी पर बैंक अधिकारियों को रिश्वत देकर फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoUs) और फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट (FLCs) के जरिए ₹23,780 करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी करने का आरोप है।

नीरव मोदी: फिलहाल लंदन की जेल में बंद है।

मेहुल चोकसी: बेल्जियम में प्रत्यर्पण की कार्रवाई का सामना कर रहा है।

निहाल और नीशाल पर क्या हैं आरोप? ED की चार्जशीट के मुताबिक, नीरव मोदी के दोनों भाइयों ने घोटाले की रकम को ठिकाने लगाने में अहम भूमिका निभाई थी:

निहाल मोदी: ED का दावा है कि निहाल ने फर्जी कंपनियों और विदेशी ट्रांजेक्शन के जरिए नीरव मोदी के करोड़ों रुपए छिपाने और इधर-उधर करने में मदद की। निहाल को 2025 में अमेरिका में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल वहां प्रत्यर्पण की कार्रवाई का सामना कर रहा है।

नीशाल मोदी: जांच एजेंसी के अनुसार, नीशाल दुबई स्थित फर्जी कंपनियों में डमी पार्टनर्स की नियुक्ति में शामिल था। 2011 से 2013 के बीच वह कई फर्जी कंपनियों में सिग्नेटरी या बेनेफिशियरी (लाभार्थी) रहा है।

7 मई की तारीख क्यों है अहम?

अदालत ने नीरव मोदी के करीबियों को 7 मई तक का समय दिया है। यदि वे संतोषजनक जवाब नहीं देते हैं या कोर्ट के सामने पेश नहीं होते हैं, तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। इसके बाद भारत सरकार उनकी वैश्विक संपत्तियों को पूरी तरह से जब्त करने की प्रक्रिया तेज कर सकेगी।

क्या होगा भगोड़ा घोषित होने पर?

एक बार जब कोर्ट किसी व्यक्ति को आधिकारिक तौर पर ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित कर देती है, तो जांच एजेंसियों को उस व्यक्ति की देश और दुनिया में मौजूद संपत्तियों को कुर्क या जब्त करने का कानूनी अधिकार मिल जाता है। नीरव मोदी को अदालत ने साल 2019 में ही भगोड़ा घोषित कर दिया था, जबकि उसके मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ ऐसी ही अर्जी अभी पेंडिंग है।

——————

ये खबर भी पढ़ें…

भगोड़े नीरव मोदी की प्रत्यर्पण रोकने के लिए नई अपील: 6,498 करोड़ के PNB घोटाले में भारत नहीं आना चाहता; ब्रिटिश कोर्ट पहले ही मंजूरी दे चुकी

भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी ने लंदन की एक कोर्ट में अपने प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की नई अपील दाखिल की है। भारत की ED और CBI की टीमें भी लंदन में मौजूद हैं। वो क्राउन प्रॉसीक्यूशन सर्विस (CPS) की मदद कर रही हैं ताकि नीरव की अपील का विरोध किया जा सके।

नीरव को भारत में भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया है और वो पंजाब नेशनल बैंक फ्रॉड केस में ट्रायल का सामना करने के लिए वांटेड है। नीरव पर 6,498 करोड़ रुपए से ज्यादा के फ्रॉड का आरोप है। ब्रिटेन की एक कोर्ट ने पहले ही भारत सरकार के पक्ष में उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *