आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलते खानपान का लोगों की सेहत पर गहरा असर पड़ रहा है. पहले जहां हाई कोलेस्ट्रॉल को उम्रदराज लोगों की समस्या माना जाता था, वहीं अब यह कम उम्र के युवाओं में भी तेजी से देखने को मिल रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते खानपान और जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया, तो यह समस्या आगे चलकर दिल की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है.
क्यों बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल
कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना केवल फैट के सेवन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि हम किस प्रकार का फैट खा रहे हैं. सभी फैट हानिकारक नहीं होते. कुछ हेल्दी फैट्स शरीर के लिए जरूरी होते हैं, जो अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं. इसलिए डाइट में एवोकाडो, अखरोट, बादाम और ऑलिव ऑयल से बनी हल्की सब्जियों को शामिल करना फायदेमंद हो सकता है.
हर एक घंटे के बाद कम से कम 5 मिनट तक टहलना जरूरी
इस विषय पर लोकल 18 की टीम ने अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. मीनाक्षी शर्मा से बातचीत की. उन्होंने बताया कि आजकल लोगों की जीवनशैली काफी बदल गई है और अधिकांश लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं. ऐसे में हर एक घंटे के बाद कम से कम 5 मिनट तक टहलना जरूरी है, ताकि शरीर सक्रिय और स्वस्थ बना रहे.
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या खाएं-पीएं
उन्होंने सलाह दी कि खानपान से रिफाइंड ऑयल को हटाकर सरसों का तेल, नारियल तेल और देसी गाय का घी इस्तेमाल करना बेहतर होता है. कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने के लिए रात में अलसी का पाउडर लेना फायदेमंद है. साथ ही, लहसुन की 3-4 कलियां रात में पानी में भिगोकर सुबह सेवन करने से भी लाभ मिलता है.
डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि जिन लोगों को गैस की समस्या रहती है, वे लहसुन का सेवन भोजन के बाद कर सकते हैं. इसके अलावा मेथी दाना और दालचीनी का उपयोग भी आयुर्वेद में लाभकारी माना गया है. अर्जुन की छाल का काढ़ा भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में मदद करता है.
उन्होंने एक घरेलू उपाय भी बताया कि एक कप दूध में एक कप पानी और 3-4 लहसुन की कलियां डालकर अच्छी तरह उबालें. जब पानी पूरी तरह सूख जाए, तो इस दूध का सेवन करने से भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है. इसके अलावा भोजन में चुकंदर का सलाद शामिल करना भी फायदेमंद है.
डिनर को लेकर विशेष सावधानी बरतें
डिनर को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि रात का भोजन सीधे पाचन और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है. इसलिए रात का खाना हल्का, संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर होना चाहिए. फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं. ओट्स, दलिया, पालक, लौकी और तोरई जैसी हरी सब्जियों को डिनर में शामिल करना लाभकारी होता है.
इसके साथ ही खीरा, टमाटर और गाजर जैसे सलाद पाचन को बेहतर बनाते हैं. प्रोटीन भी संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए रात के समय हल्का लेकिन प्रोटीन युक्त भोजन लेना चाहिए. मूंग दाल, मसूर दाल, ग्रिल्ड पनीर, टोफू, उबले चने और स्प्राउट्स जैसे विकल्प डिनर के लिए उपयुक्त माने जाते हैं.
कोलेस्ट्रॉल में क्या न खाएं
वहीं, तला-भुना खाना, फास्ट फूड, अधिक नमक और चीनी का सेवन कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ा सकता है. रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड से भी दूरी बनाना जरूरी है. विशेषज्ञों का कहना है कि रात के भोजन में जितना संभव हो, सादा और घर का बना खाना ही लेना चाहिए, ताकि दिल की सेहत बनी रहे.