Last Updated:
आपको हम बॉलीवुड की उन 5 बड़ी फिल्मों के बारे में बताते हैं, जो शूटिंग के बावजूद कभी रिलीज नहीं हो सकीं. इनमें शाहरुख खान की ‘शिखर’, गोविंदा की ‘बंदा ये बिंदास है’ और आमिर खान की ‘टाइम मशीन’ शामिल हैं. साथ ही, अमिताभ बच्चन की ‘शूबाइट’ और ‘मुन्ना भाई चले अमेरिका’ भी प्रोडक्शन हाउस के झगड़ों और निजी कारणों से ठंडे बस्ते में चली गईं.

नई दिल्ली: बॉलीवुड में हर साल सैकड़ों फिल्में बनती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई ऐसी फिल्में भी थीं जिनका शोर तो बहुत हुआ पर वो कभी पर्दे तक पहुँच ही नहीं पाईं? इन ‘अधूरी कहानियों’ में बड़े-बड़े सुपरस्टार्स का नाम जुड़ा था, पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. चलिए, आज बात करते हैं उन 5 बड़ी फिल्मों की जो अनाउंस तो हुईं, शूट भी हुईं, लेकिन रिलीज के मामले में ‘डब्बा बंद’ होकर रह गईं.

सबसे पहले बात करते हैं सुभाष घई की फिल्म ‘शिखर’ की. 1990 के दौर में इस फिल्म का ऐलान हुआ था, जिसमें शाहरुख खान और जैकी श्रॉफ लीड रोल में थे. इस फिल्म की कहानी वॉर पर बनी थी और इसके कुछ गाने भी रिकॉर्ड कर लिए गए थे. लेकिन अफसोस, सुभाष घई की फिल्म ‘त्रिमूर्ति’ फ्लॉप हो गई, जिससे बजट का संकट खड़ा हो गया और ‘शिखर’ को ठंडे बस्ते में डालना पड़ा. इसी फिल्म की जगह बाद में ‘परदेस’ बनाई गई.

गोविंदा की फिल्म ‘बंदा ये बिंदास है’ भी थियेटर का मुंह नहीं देख पाई. रवि चोपड़ा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में गोविंदा के साथ तब्बू और लारा दत्ता जैसे कलाकार थे. हैरानी की बात यह है कि फिल्म पूरी तरह शूट हो चुकी थी, लेकिन यह कानूनी पचड़ों में ऐसी फंसी कि बाहर ही नहीं आ पाई. हॉलीवुड प्रोडक्शन हाउस 20वीं सेंचुरी फॉक्स ने दावा किया कि इसकी कहानी उनकी फिल्म ‘माई कजिन विन्नी’ से काफी मिलती-जुलती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

90 के दशक में आमिर खान और रवीना टंडन की जोड़ी भी एक अनोखी फिल्म के साथ आने वाली थी, जिसका नाम था ‘टाइम मशीन’. शेखर कपूर जैसे दिग्गज डायरेक्टर इसे बना रहे थे और फिल्म में नसीरुद्दीन शाह और रेखा जैसे मंझे हुए कलाकार भी थे. यह भारत की शुरुआती साइंस-फिक्शन फिल्मों में से एक होने वाली थी, लेकिन पैसों की भारी तंगी और बजट बिगड़ने की वजह से बीच में ही इसका काम रुक गया और यह कभी पूरी नहीं हो सकी.

अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘शूबाइट’ तो आज भी चर्चा में रहती है. शूजित सरकार के निर्देशन में बनी यह फिल्म 2012 के आसपास ही पूरी हो गई थी, लेकिन प्रोडक्शन हाउस के आपसी विवादों ने इसे रिलीज नहीं होने दिया. बिग बी ने कई बार सोशल मीडिया पर मेकर्स से गुहार लगाई है कि इस बेहतरीन कहानी को दुनिया के सामने लाया जाए. फिल्म की कहानी एक बुजुर्ग शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी कोमा में गई पत्नी के लिए एक इमोशनल सफर पर निकलता है.

मुन्ना भाई और सर्किट की जोड़ी को भला कौन भूल सकता है? ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ की जबरदस्त सफलता के बाद मेकर्स ने ‘मुन्ना भाई चले अमेरिका’ का टीजर तक जारी कर दिया था. लोग बेसब्री से इसका इंतजार कर रहे थे, लेकिन संजय दत्त के कानूनी मामलों और स्क्रिप्ट में आ रही दिक्कतों की वजह से फिल्म आगे नहीं बढ़ पाई. बाद में राजकुमार हिरानी दूसरे प्रोजेक्ट्स में बिजी हो गए और फैंस का यह सपना अधूरा ही रह गया.

अधूरी फिल्में आज भी सिने प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती हैं. सोचिए, अगर शाहरुख की ‘शिखर’ या आमिर की ‘टाइम मशीन’ उस दौर में रिलीज हो जाती, तो शायद आज बॉलीवुड का इतिहास कुछ और ही होता. बजट, कानूनी लड़ाई या निजी समस्याएं अक्सर बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स को रोक देती हैं, लेकिन इन फिल्मों की चर्चा इन्हें हमेशा जिंदा रखती है.

फिल्म बनाना सिर्फ क्रिएटिविटी का काम नहीं, बल्कि मैनेजमेंट और किस्मत का खेल भी है. इन पांचों फिल्मों की लिस्ट देखकर समझ आता है कि बड़े नाम और अच्छी कहानी होने के बावजूद कभी-कभी चीजें हमारे हाथ में नहीं होतीं. आज ये फिल्में भले ही रिलीज न हुई हों, लेकिन बॉलीवुड की यादों के गलियारों में इनका नाम हमेशा दर्ज रहेगा.

कहना गलत नहीं होगा कि ‘शो मस्ट गो ऑन’ के मंत्र पर चलने वाला बॉलीवुड भले ही आगे बढ़ गया हो, पर ‘शूबाइट’ या ‘मुन्ना भाई’ के अगले पार्ट जैसी फिल्मों के लिए आज भी दर्शकों के दिल में एक छोटी सी उम्मीद बाकी है. क्या पता, कभी कोई कानूनी मसला सुलझ जाए और इनमें से कोई फिल्म ओटीटी पर ही देखने को मिल जाए! फिलहाल तो ये सिर्फ बॉलीवुड की भूली-बिसरी कहानियों का हिस्सा बनकर रह गई हैं.