पाली. कहते हैं कि पुराने समय में जब बीमारियां होती थीं, तब हमारे बुजुर्गों के पास ऐसे कई जादुई आयुर्वेदिक नुस्खे होते थे, जिनसे वे बिना दवाइयों के ही कई रोगों को दूर कर देते थे. माना जाता है कि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज छिपा है, बस जरूरत सही पहचान की होती है. आज हम आपको एक ऐसे ही करिश्माई पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका नाम ही उसकी खासियत बयां करता है ‘पत्थरचट्टा’. नाम से ही साफ है, पत्थर को चट कर जाने वाला. अगर आप या आपका कोई अपना पथरी की समस्या से परेशान है, तो यह छोटा सा पौधा बड़े काम का साबित हो सकता है.
क्यों कहते हैं इसे ‘पत्थरचट्टा’?
आयुर्वेद में इस पौधे का नाम इसके सबसे बड़े गुण के कारण पड़ा है. इसको ‘पत्थर को चटकाने वाला’ कहा जाता है. इसमें शरीर के भीतर मौजूद स्टोन (पथरी) को धीरे-धीरे घोलकर (Dissolve) बाहर निकालने की अद्भुत शक्ति होती है. इसके साथ ही पत्थरचट्टा केवल एक पौधा नहीं, बल्कि बायोएक्टिव कंपाउंड्स की एक प्रयोगशाला है. एल्कलॉइड्स, फ्लेवोनोइड्स, ग्लाइकोसाइड्स, लिपिड और स्टेरॉयड. आयरन, कॉपर, जिंक, पोटेशियम, कैल्शियम और सोडियम.इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भी पाया जाता है.
पथरी हो तो ऑपरेशन की नहीं पड़ती जरूरत
वर्षों से नर्सरी का संचालन करने वाले विशेषज्ञ दिनेश प्रजापत ने कहा कि पत्थर चट्टा का पौधा स्वास्थ्य के लिए काफी अच्छा माना जाता है. कई तरह के रोगों में यह राहत प्रदान करता है. खासकर जिनको पथरी होती है उन लोगों को अगर इसके पत्तों को पानी के साथ मिलाकर दिया जाए तो उनकी पथरी भी ठीक हो जाती है ओर किसी प्रकार के ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं पड़ती है.
जानिए पत्थरचट्टा के चमत्कारी फायदे
किडनी और यूरीनरी हेल्थ: पत्थरचट्टा किडनी स्टोन को खत्म करने के साथ-साथ यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) को दूर करने में बेहद असरदार है. यह पेशाब की जलन और रुक-रुक कर आने वाली समस्या में राहत देता है.
जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत: एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर पत्थरचट्टा हड्डियों के टिशूज को हेल्दी रखता है. यह जोड़ों की सूजन को कम कर दर्द में स्थायी राहत दिलाता है.
कैंसर और अल्सर की रोकथाम: वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, यह कैंसर पैदा करने वाली सेल्स के प्रभाव को कम कर सकता है. साथ ही, यह पेट में अल्सर बनने की प्रक्रिया को रोकता है.
शुगर और इम्यूनिटी: यह ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत करने में सहायक है. इसमें एंटी-फंगल और एंटी-माइक्रोबियल गुण भी होते हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.