भीषण गर्मी और लू से कैसे बचें, आ गई आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी, क्या खाएं, क्या पीएं?

भीषण गर्मी और लू से कैसे बचें, आ गई आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी, क्या खाएं, क्या पीएं?


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भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए आयुष मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है. इस दौरान आयुष ने आयुर्वेद सहित कई च‍िक‍ित्‍सा पद्धत‍ियों में द‍िए गए उपायों के बारे में जानकारी दी है. इस दौरान हल्के कपड़े, शीतल पेय, मौसमी फल खाने की सलाह, संवेदनशील समूहों पर खास ध्यान, हीटस्ट्रोक पर 108/102 कॉल करने की सलाह दी है.

भीषण गर्मी और लू से कैसे बचें, आ गई आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी, क्या खाएं? Zoom

हीटवेव को लेकर आयुष मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी. कैसे करें बचाव.

Ayush Advisory on Heat: झुलसाते मौसम का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. भीषण गर्मी और लू से शरीरों का पानी सुखा रही है. इससे लोगों में कई मौसम संबंधी गभीर बीमारियां भी हो रही हैं. हालांकि इसे लेकर अब आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी आ गई है. जिसमें इस मौसम में खुद को बचाने के लिए अलग-अलग पद्धतियों में दी गई सलाह लोगों को दी गई है.

इस एडवाइजरी में आम लोगों से लेकर संवेदनशील समूहों, कंपनियों, मजदूरों और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों या खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले लोगों के लिए गर्मी से होने वाले तनाव और गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए सिफारिशें की गई हैं.

लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय में सीधे सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने तथा मौसमी फलों और इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी गई है.

इन लोगों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत
परामर्श में यह भी बताया गया है कि शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व्यक्ति, खुले में काम करने वाले श्रमिक और हृदय रोग तथा उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति लू की स्थिति में विशेष रूप से अधिक संवेदनशील होते हैं तथा उन्हें अतिरिक्‍त देखभाल एवं निगरानी की आवश्यकता होती है.

ये हैं डिहाइड्रेशन के लक्षण

  • चक्कर आना,
  • सिरदर्द,
  • मतली,
  • मानसिक स्थिति में बदलाव,
  • शरीर का अत्‍यधिक तापमान,
  • निर्जलीकरण,
  • दौरे पडना-बेहोशी

ये है आपातकालीन हेल्पलाइन
हीटस्ट्रोक एक चिकित्सा इमरजेंसी है. इसके लिए तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है. अगर आपको ऐसा कोई गंभीर मामला दिखाई दे तो तुरंत 108/102 आपातकालीन हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं.

सभी पद्धतियों में ये हैं बचाव के उपाय

  1. आयुर्वेद विभाग की मानें तो इस मौसम में शीतल आहार लेना जरूरी है. इस दौरान मठ्ठा, नारियल पानी और नींबू आधारित पेय जैसे शरीर को तरलता प्रदान करते हैं. इसके अलावा निम्बुकफला पनाका, आम्र प्रपनाका और चिंचा पनाका सहित पारंपरिक चीजें भी उपयोग करने की सलाह दी जाती है. ताकि अत्‍यधिक गर्मी के दौरान शरीर का तापमान नियंत्रित करने में सहायता मिले.
  2. सिद्ध और योग पद्धति में ठंडक देने वाले पेय और प्राणायामों की सलाह दी गई है. इनमें शीतली प्राणायाम और हल्‍के योग अभ्‍यासों को अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर में संतुलित बना रहे और गर्मी के तनाव को कम किया जा सके.
  3. यूनानी पद्धति धूप से झुलसने और डीहाईड्रेशन को रोकने के लिए पारंपरिक ठंडे पेय और हर्बल लेप की सलाह देती है, जबकि होम्योपैथी अत्‍यधिक भीषण गर्मी के दौरान एहतियाती उपाय करने की सिफारिश करती है.

ये चीजें अपने आहार में शामिल करें
लोगों को गर्मी के मौसम में अपने दैनिक आहार में खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, लौकी और टमाटर जैसी हाइड्रेटिंग और शीतलता देने वाले पारंपरिक खाद्य सामग्रि‍यों को शामिल करने की सलाह दी जाती है.

इसके साथ ही नागरिकों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी अनुमानों पर नियमित रूप से ध्‍यान देने और लू संबंधी चेतावनियों के दौरान जरूरी सावधानियां बरतने की भी सलाह दी गई है.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें



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