क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता हैं:ट्रम्प का दावा- ईरान जंग खत्म करने का समझौता लगभग फाइनल, मुस्लिम देशों के नेताओं से बात की

क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता हैं:ट्रम्प का दावा- ईरान जंग खत्म करने का समझौता लगभग फाइनल, मुस्लिम देशों के नेताओं से बात की




यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान जंग खत्म करने का समझौता ‘लगभग फाइनल’ हो चुका है। दोनों देशों के बीच अभी आखिरी डिटेल्स पर काम चल रहा है। खाड़ी देशों के नेताओं और इजरायली प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद ये समझौता फाइनल हो रहा है। ट्रम्प ने कहा कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जाएगा। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस खबर के आने के बाद अब सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। ट्रम्प ने ओवल ऑफिस से कई देशों के नेताओं से की बात राष्ट्रपति ट्रम्प ने ओवल ऑफिस से एक जॉइंट कॉल की। इसमें उन्होंनें मुस्लिम देशों के नेताओं से बात की। ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं, कहा- रुख बदल लेते हैं एक तरफ जहां पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल मतभेदों को कम करने के लिए तेहरान में है, वहीं ईरान ने ट्रम्प प्रशासन की विश्वसनीयता पर शक जताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा, “हम कह सकते हैं कि हम समझौते के बहुत दूर भी हैं और बहुत करीब भी। हमारे पास अमेरिकी पक्ष का पुराना अनुभव है, जो अपनी ही बातों का खंडन करता है और रुख बदल लेता है। हम पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो सकते कि उनका यह नजरिया फिर नहीं बदलेगा।” न्यूक्लियर प्रोग्राम जैसे विवादित मुद्दों पर स्थिति साफ नहीं ट्रम्प ने जंग खत्म करने को लेकर पहले भी कई दावे किए हैं, लेकिन इस बार भी यह साफ नहीं है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कोई समाधान निकला है या नहीं। 28 फरवरी को शुरू हुई थी जंग, अप्रैल में हुआ था सीजफायर मिडिल ईस्ट में यह विवाद तब बढ़ा था, जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद अप्रैल की शुरुआत में दोनों देश युद्धविराम के लिए राजी हुए और तब से पर्दे के पीछे से शांति समझौते की बातचीत चल रही है। होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से कच्चे तेल का दाम गिर सकते हैं इस जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को ईरान ने बंद कर दिया था। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए लाइफलाइन की तरह है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां (20%) हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इस रास्ते के दोबारा खुलने की उम्मीद से ही कच्चे तेल के बाजारों में नरमी के संकेत मिलने लगे हैं। 28 फरवरी को जब जंग की शुरुआत हुई थी तो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था। मार्च-अप्रैल तक दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। फिर सीजफायर के ऐलान के बाद दामों में उतार-चढ़ाव रहा और ये 100 डॉलर से नीचे आ गए। अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब है।



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