2 मिनट पहले
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मिडल ईस्ट में अमेरिका-ईरान और इजराइल के बीच जारी जंग से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) के दाम साढ़े तीन साल के हाई पर पहुंच गए हैं।
रविवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई है। इससे पहले 2022 में कच्चा तेल 100 डॉलर के पार निकला था।
शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज पर ट्रेडिंग शुरू होते ही ब्रेंट क्रूड 16.5% की उछाल के साथ 108 डॉलर पर पहुंच गया, जो शुक्रवार को 93 डॉलर पर बंद हुआ था।
जंग के दौरान यानी 10 दिन में ही कच्चा तेज करीब 48% महंगा हो चुका है। हालांकि भारत सरकार का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त तेज है, इससे भारत में पेट्रोल-डीजल महंगे नहीं होंगे।
9 दिनों में कच्च तेल की कीमत
| तारीख | कच्चे तेल का दाम |
| 28 फरवरी | 93 डॉलर प्रति बैरल |
| 8 मार्च | 108 डॉलर प्रति बैरल |
हॉर्मुज जल मार्ग बंद होने से संकट गहराया दुनिया के कुल तेल व्यापार का एक बड़ा हिस्सा ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ से होकर गुजरता है। ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के कारण यह समुद्री रास्ता प्रभावी रूप से बंद हो गया है। इसके चलते खाड़ी देशों से होने वाली तेल की सप्लाई ठप हो गई है। यूएई (UAE) और कुवैत जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों ने भी अपना प्रोडक्शन कम करना शुरू कर दिया है, क्योंकि सप्लाई रूट बंद होने से एक्सपोर्ट करना मुश्किल हो रहा है।
भारत सरकार बोली: हमारे पास पर्याप्त तेज, पेट्रोल-डीजल महंगे नहीं होंगे इससे पहले कल यानी रविवार को भारत सरकार ने कहा था कि भारत को कच्चे तेल की कमी नहीं होगी। भारत के पास अभी कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का 25 करोड़ बैरल (लगभग 4,000 करोड़ लीटर) से ज्यादा का स्टॉक है।
सरकार की रिपोर्ट के अनुसार यह बैकअप इतना है कि अगर सप्लाई पूरी तरह रुक भी जाए, तो भी देश की पूरी सप्लाई चेन 7 से 8 हफ्तों तक आसानी से चल सकती है। यानी आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल और दूसरे पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कमी की कोई टेंशन नहीं है। वहीं शनिवार को सरकार ने कहा था कि वो पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाएगी।
रूस से कच्चा तेल खरीदेगा भारत अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने भारतीय रिफाइनरियों को 30 दिन का स्पेशल लाइसेंस दिया है। ये लाइसेंस 3 अप्रैल तक वैलिड रहेगा। इससे भारत में कच्चे तेल की कमी की संभावना नहीं है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का संकट फिलहाल खत्म हो गया है।
4 साल से स्थिर हैं कीमतें: पाकिस्तान में 55% तो जर्मनी में 22% बढ़ा दाम पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के आंकड़ों के हवाले से बताया गया कि भारत में पिछले चार सालों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। फरवरी 2022 से फरवरी 2026 के बीच दिल्ली में पेट्रोल की कीमतों में 0.67% की मामूली गिरावट आई है। इसके विपरीत, इसी दौरान पाकिस्तान में पेट्रोल 55% और जर्मनी में 22% महंगा हुआ है।

घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़े सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा किया है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम की LPG गैस अब 913 रुपए की मिल रहा है। पहले यह 853 रुपए की थी। वहीं 19 किग्रा वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपए का इजाफा किया गया है। यह अब 1883 रुपए का मिल रहा है। बढ़ी हुई कीमतें 7 मार्च से लागू हो गई है।


