Last Updated:
Health Tips: आमतौर पर पलाश के पेड़ों पर फरवरी-मार्च में फूलों का खिलना बसंत ऋतु का आगमन माना जाता है. वहीं, आयुर्वेद के मुताबिक, पलाश के फूलों से बना काढ़ा या जूस शरीर के लिए काफी फायदेमंद है. खासकर डायबिटीज और बढ़े कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में यह मदद कर सकता है.
Health Tips: डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की समस्या अब आम हो गई है. हर तीसरा-चौथा व्यक्ति शुगर कम-ज्यादा होने की शिकायत से पीड़ित है. डॉक्टरों को दिखाने और दवा खाने के बाद भी बीमारियां समाप्त नहीं होतीं, जबकि प्राचीन काल में जब हॉस्पिटल नहीं थे, तब लोग अपने आसपास मौजूद पेड़-पौधों को औषधि के रूप में उपयोग कर कई बीमारियों से खुद ही इलाज करके ठीक हो जाया करते थे. पलाश भी एक ऐसा ही पेड़ है, जो आज भी शुगर और बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को जड़ से खत्म करने में रामबाण मना जाता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि आयुर्वेद में हर छोटा-बड़ा पेड़-पौधा औषधि गुणों से भरा है. इनका उपयोग जड़ी-बूटी के तौर पर किसी न किसी बीमारी के इलाज में प्राचीन समय से किया जाता रहा है. आज भी बिना पेड़-पौधों के कोई भी दवा बनना संभव नहीं है. पलाश भी एक ऐसा ही औषधि पेड़ है. इसके फूल, पत्ते, छाल और गोंद सबकुछ औषधि के रूप में इस्तेमाल होते हैं, जिससे कई गंभीर बीमारियों को ठीक किया जाता है. खरगोन के आयुर्वेदाचार्य ने पालाश से जुड़ी खास बातें बताईं.
पलाश का हर अंग फायदेमंद
बता दें कि मध्य प्रदेश के खरगोन में इन दिनों पलाश के पेड़ों पर फूलों की बहार छाई है. हर जगह चटकदार नारंगी रंग के फूल ही फूल दिखाई दे रहे हैं. आमतौर पर पलाश के पेड़ों पर फरवरी-मार्च में फूलों का खिलना बसंत ऋतु का आगमन माना जाता है. वहीं, आयुर्वेद के मुताबिक, पलाश के फूलों से बना काढ़ा या जूस शरीर के लिए काफी फायदेमंद है. खासकर डायबिटीज और बढ़े कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में यह मदद कर सकता है. सही तरीके और सीमित मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो शरीर के लिए लाभकारी साबित हो सकता है.
डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल में मददगार
आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ. संतोष मौर्य बताते हैं कि पलाश के फूलों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं. साथ ही यह शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक माना जाता है. इसी कारण आयुर्वेद में इसके काढ़े और जूस का सेवन करने की सलाह दी जाती है. चूंकि, पलाश के फूलों का काढ़ा शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करता है. इससे ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है. इसके अलावा यह शरीर में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक माना जाता है.
फूलों से काढ़ा बनाने का तरीका
ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग इसे घरेलू नुस्खे के रूप में आज भी अपनाते हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि काढ़ा बनाने के लिए 5 से 6 पलाश के ताजे फूल लें. इन्हें एक गिलास पानी में डालकर धीमी आंच पर करीब 10 से 15 मिनट तक उबालें. जब पानी आधा रह जाए तो गैस बंद कर दें और इसे छान लें. हल्का गुनगुना होने पर इस काढ़े का सेवन करें. सुबह खाली पेट इसका सेवन करना ज्यादा लाभकारी माना जाता है.
जूस बनाने का तरीका
अगर आप जूस के रूप में सेवन करना चाहें तो पलाश के ताजे फूलों को पहले साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इसके बाद इन्हें मिक्सर में थोड़ा पानी डालकर पीस लें. तैयार मिश्रण को छानकर इसका जूस अलग कर लें. इस जूस को सुबह या दिन में एक बार पिया जा सकता है. कुछ लोग स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें थोड़ा शहद या नींबू भी मिलाते हैं.
About the Author
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.