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पानी पीना सेहत के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन अक्सर लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि पानी किस बर्तन में पीना बेहतर होता है. घरों में आमतौर पर स्टील, कांच और तांबे के बर्तन इस्तेमाल किए जाते हैं और हर एक के अपने फायदे होते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इन तीनों में से कौनसा बर्तन पानी पीने के लिए ज्यादा सुरक्षित और सेहत के लिहाज से बेहतर माना जाता है.

फोटो AI से जेनरेट की गई है.
पानी शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक है, लेकिन कई बार लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते कि पानी किस बर्तन में पीना ज्यादा बेहतर होता है. अलग-अलग तरह के बर्तनों में पानी रखने से उसके गुणों पर असर पड़ सकता है. घरों में आमतौर पर स्टील, कांच और तांबे के बर्तन इस्तेमाल किए जाते हैं. हर बर्तन की अपनी खासियत होती है और अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह सेहत के लिए फायदेमंद भी साबित हो सकता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि किस बर्तन में पानी पीना ज्यादा सुरक्षित और सही माना जाता है.
आज के समय में स्टेनलेस स्टील के गिलास और बोतल सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाते हैं. स्टील मजबूत होता है और इसमें जंग लगने की संभावना भी कम होती है. सबसे खास बात यह है कि स्टील पानी के साथ किसी तरह की खतरनाक केमिकल रिएक्शन नहीं करता. यही कारण है कि इसे रोजाना इस्तेमाल के लिए सुरक्षित माना जाता है. स्टील के बर्तन साफ करना भी आसान होता है और सही तरह से धोने पर इनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा कम रहता है. इसलिए रोजमर्रा की जिंदगी में पानी पीने के लिए स्टील एक अच्छा और भरोसेमंद विकल्प माना जाता है.
कांच के गिलास में पानी पीने के फायदे
कांच यानी ग्लास के बर्तन भी पानी पीने के लिए काफी अच्छे माने जाते हैं. कांच एक न्यूट्रल मटेरियल होता है, जिससे पानी के स्वाद या गुणवत्ता में कोई बदलाव नहीं होता. कई हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि कांच में रखा पानी बिल्कुल शुद्ध स्वाद देता है. इसके अलावा कांच में कोई केमिकल नहीं मिलते, इसलिए यह भी सुरक्षित माना जाता है. हालांकि कांच के बर्तन नाजुक होते हैं और गिरने पर टूट सकते हैं, इसलिए इन्हें संभालकर इस्तेमाल करना पड़ता है. साफ-सफाई का ध्यान रखा जाए तो कांच का गिलास भी पानी पीने के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है.
तांबे के बर्तन में पानी पीने की परंपरा
भारत में तांबे के बर्तन में पानी पीने की परंपरा काफी पुरानी है. आयुर्वेद के अनुसार तांबे के पात्र में रखा पानी शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है. कहा जाता है कि तांबे में हल्के एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पानी में मौजूद कुछ बैक्टीरिया को कम करने में मदद कर सकते हैं. आमतौर पर तांबे के बर्तन में पानी को 6 से 8 घंटे तक रखने के बाद पीना बेहतर माना जाता है. हालांकि इसका ज्यादा इस्तेमाल भी सही नहीं माना जाता, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही इस्तेमाल करना चाहिए.
आखिर सबसे सुरक्षित विकल्प कौनसा है
अगर रोजमर्रा के इस्तेमाल की बात करें तो स्टील और कांच दोनों ही पानी पीने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प माने जाते हैं. वहीं तांबे के बर्तन का पानी भी फायदेमंद हो सकता है, लेकिन उसे सही तरीके से और सीमित मात्रा में ही पीना चाहिए. सबसे जरूरी बात यह है कि जिस भी बर्तन में पानी रखें, उसे हमेशा साफ रखें. साफ बर्तन और शुद्ध पानी ही शरीर को सही तरीके से हाइड्रेट रखने और सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें