पंजाब: मोमोज खाने से दो बच्चों की मौत, जंक फूड्स पर सवाल eating momos can cause death

पंजाब: मोमोज खाने से दो बच्चों की मौत, जंक फूड्स पर सवाल eating momos can cause death


हाल ही में पंजाब के तरनतारन में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें मोमोज खाने से दो सगे भाई-बहनों की मौत हो गई. माता-पिता की ओर से बताया गया कि शनिवार शाम को मोमोज और सोया चाप खाने के बाद बच्चों के पेट में भीषण दर्द उठा और उल्टियां होने लगीं. दोनों बच्चों की हालत बिगड़ती देख उन्हें घर पर रखी उल्टी रोकने की दवा दे दी और वे सो गए लेकिन रविवार सुबह उनकी मौत हो गई.

जंक फूड के लगभग ऐसे ही दो मामले कुछ दिन पहले यूपी से भी आए थे जब पेरेंट्स ने बताया था कि उनकी बेटी ज्यादा चाऊमीन-बर्गर खाने की लत के चलते बीमार हुई और फिर उसकी मौत हो गई. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जंक फूड्स अब जानलेवा होते जा रहे हैं? मोमोज हो या चाऊमीन-बर्गर क्या ये चीजें खाने के तुरंत बाद किसी की जान ले सकती हैं? आईए सर गंगाराम अस्पताल नई दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी एंड पैनक्रिएटिको बिलियरी साइंसेज के वाइस चेयरपर्सन डॉ. पीयूष रंजन और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में डायटीशियन मनीषा वर्मा से जानते हैं उनकी राय..

व‍िशेषज्ञों से जानें मोमोज, बर्गर आद‍ि जंक फूड क‍ितने नुकसानदेह हैं?

डॉ. पीयूष रंजन कहते हैं कि मोमोज वाले मामले में क्लिनिकल डिटेल्स ज्यादा नहीं मालूम है इसलिए पूरी तरह ये बताना तो मुश्किल है कि बच्चों की मौत की असली वजह क्या है, हालांकि मौत के पीछे खाना नहीं बल्कि इससे या किसी और चीज से होने वाला इन्फेक्शन वजह हो सकता है.

बाहर के खाने पीने की चीजों में अगर गंदगी है और हाईजीन का अभाव होता है तो बच्चों को टाइफॉइड हो सकता है, ज्यादा गंभीर स्थिति में ब्लीडिंग हो सकती है, आंतें फट सकती हैं. इन्फेक्टेड खाने से एक्यूट डायरिया हो सकता है, जिसमें पेट में दर्द और उल्टी होती हैं. संक्रमण के बाद एक और जो खराब चीज हो सकती है वह है रैपिडली किडनी का शट डाउन होना. किडनी शट डाउन 24 घंटे या उससे थोड़े ज्यादा समय में भी हो सकता है.

वहीं डायटिशियन मनीषा कहती हैं कि जंक फूड नुकसानदेह तो होता ही है लेकिन सिर्फ मोमोज खाने भर से किसी की मृत्यु हो जाए ये संभव नहीं लगता. हालांकि बच्चों की मौत के पीछे मोमोज में मौजूद कोई टॉक्सिक चीज वजह हो सकती है. मोमोज बनाने से लेकर रखरखाव तक क्या उसमें किसी तरह की अनहाइजेनिक कंडीशन, टॉक्सिक चीजें या मिलावट की गई है तो वह संक्रमण पैदा कर सकती है, शरीर में जहरीले तत्व पहुंच सकते हैं और तब उससे जान जा सकती है.

डॉ. रंजन आगे कहते हैं कि फूड पॉइजनिंग का मामला अगर हो भी तो उससे मौत की संभावना कम दिखती है. डिहाइड्रेशन से भी इतनी जल्दी जान नहीं जा सकती है. मामोज खाने और बच्चों की मौत होने का पीरियड इतना छोटा है कि इसमें किसी प्रकार के संक्रमण और किडनी शट डाउन की संभावना हो सकती हैं, हालांकि ये सभी संभावनाएं हैं और ऐसे केसेज में ऐसी चीजें हो सकती हैं लेकिन एक्जेक्टली हुआ क्या है यह तो जांच का विषय है.

वहीं मनीषा कहती हैं कि इस चीज का खुलासा तो बच्चों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट या फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकता है कि उन मोमोज में ऐसा क्या था. क्या उसमें खराब मीट या चिकन का इस्तेमाल हुआ, या अगर वेज मोमोज थे तो उनमें किसी प्रकार की खराब या अनहाइजेनिक चीजें मिली थीं या उनके रखरखाव के समय उसमें कुछ गड़बड़ हुई.

क्या जंक फूड हैं नुकसानदेह
डायटीशियन मनीषा कहती हैं, हालांकि जंक फूड सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह होते हैं और ये लंबे समय तक खाने से शरीर को काफी नुकसान पहुंचाते हैं. सबसे बड़ी बात है कि आपको नहीं पता कि ये कैसे बनाए गए हैं, इन्हें कैसे रखा गया है, कितनी साफ-सफाई का ध्यान रखा गया है या नहीं रखा गया है, कैसा पानी इस्तेमाल हुआ है, क्या संक्रमित चीजें इनके प्रभाव में आई हैं. इसलिए बाहर के खाने को अवॉइड करें या सिर्फ वहीं से खरीदें जहां आपको साफ-सफाई का भरोसा हो. सड़क किनारे कहीं भी मिलने वाले फूड्स को न खाएं.



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