गौ सेवा के साथ ही शुरू कर दिया स्वरोजगार, तीन गाय से बढ़कर हो गईं 40 गाय, कमाई सुन उड़ जाएंगे होश

गौ सेवा के साथ ही शुरू कर दिया स्वरोजगार, तीन गाय से बढ़कर हो गईं 40 गाय, कमाई सुन उड़ जाएंगे होश


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गौ सेवा के साथ ही शुरू कर दिया स्वरोजगार, तीन गाय से बढ़कर हो गईं 40 गाय, कमाई

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महीने में दूध बेचकर 60000 रुपए करते हैं कमाई। बताते हैं कि गोपालन 11 साल से कर रहे हैं तीन गाय से शुरू किया था गोपालन आज 40 गाय के हैं मालिक

गौ पालन

बांका के रहने वाले प्रवीण कुमार की माली स्थिति किसी समय में ठीक नहीं थी. फिर उन्होंने गौ पालन का बिजनेस शुरू किया. आज वो 40 गायों के पालक और दूध के बिजनेस से अच्छी कमाई कर रहे है. प्रवीण ने बताया कि घर की माली हालत ठीक नहीं थी तभी एक गाय खरीद ली वो 3 लीटर दूध देती थी, उसी में से कुछ दूध बेच लिया करते थे.

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इसी दौरान दूध के कारोबार का आईडिया मिला और वह आज 40 से ज्यादा गाय के मालिक है, महीने में दूध बेचकर 60000 रुपए की कमाई करते हैं. बताते हैं कि गोपालन 11 साल से कर रहे हैं तीन गाय से शुरू किया था गोपालन आज 40 गाय के मालिक हैं. संचालक प्रवीण कुमार बताते हैं कि हमारे गौशाला में साहीवाल गिर प्रिजियन जर्सी और देसी गाय है. जिसका पालन 11 साल से कर रहे हैं.

गौ पालन

बताते हैं कि गाय पालने की आईडिया तब आई जब घर के बच्चों को खिलाने के लिए शुद्ध दूध नहीं मिल पा रहा था तो मैंने सोचा कि क्यों ना एक गाय पाला जाए जिससे बच्चों को शुद्ध दूध दे सकेंगे. इसके बाद आसपास के लोगों के द्वारा दूध की डिमांड से लगा कि क्यों ना गोपालन ही कर लोगों को शुद्ध दूध दिया जाए. इसके बाद एक-एक कर आज 40 गए है हमारे पास.

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गौ पालन

प्रवीण कुमार बांका जिला के समुखिया गांव के निवासी है, यही उनकी डेयरी भी है उनके पास इस वक्त करीबन 40 गाय हैं जो रोजाना 100 – 150 लीटर दूध होता है, उनकी महीने के औसतन कमाई 60 हजार रूपए हैं.जो मौसम और दूध उत्पादन के अनुरूप घटती बढ़ती रहती है. वो बताते है की मौजूदा समय में 40 गए से 100 – 120 लीटर दूध होता है जो प्रति लीटर 50 से 60 लीटर दूध बेचते है साथ ही बताते है की गर्मियों के मौसम में दूध का उत्पादन घटता है वही ठंडियों में अपेक्षाकृत ज्यादा होता है.

गौ पालन

प्रवीण ने बताया कि गाय को समय-समय पर चारा पानी दिया जाता है और दुधारी गाय को चारा के साथ दाना चोकर दिया जाता है. जिससे दूध उत्पादन में वृद्धि होती है. वहीं 4 दिन में एक दिन गाय की सफाई की जाती है. जिससे गायों में होने वाले बीमारियों पर नियंत्रण रहता है समय-समय पर टीकाकरण की जाती है और बरसात के मौसम गौशाला को डिटोल पानी से साफ किया जाता है, जिससे इंफेक्शन होने से बचा जा सके.

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