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What Is Tinnitus: टिनिटस मामूली लग सकता है, लेकिन यह अक्सर शरीर का एक चेतावनी संकेत होता है. इसे नजरअंदाज करने से समस्या बढ़ सकती है और समय पर इलाज का मौका भी छूट सकता है. इसलिए अगर कानों में लगातार आवाज सुनाई दे, तो समय पर डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है.

Kaan Me Seeti ki Awaz Kyu Aati Hai: कई लोगों को कभी-कभी कानों में हल्की घंटी, भनभनाहट या सीटी जैसी आवाज सुनाई देती है. अक्सर लोग इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार टिनिटस कई बार किसी बड़ी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है.
डॉक्टर नेहा सूद जो कि बीएलके-मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ई एन टी और कॉक्लियर इम्प्लांट डायरेक्टर हैं, बताते हैं कि टिनिटस ऐसी स्थिति है जिसमें बिना किसी बाहरी आवाज के भी कानों में आवाज सुनाई देती है. यह आवाज घंटी, सीटी, भनभनाहट या गुनगुनाहट जैसी हो सकती है. यह समस्या एक कान या दोनों कानों में हो सकती है और कभी-कभी थोड़े समय के लिए होती है, जबकि कुछ लोगों में यह लंबे समय तक बनी रहती है. लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
सिर्फ आवाज नहीं एक संकेत (What Cause Tinnitus )
डॉक्टर के अनुसार टिनिटस खुद में कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह श्रवण प्रणाली में किसी समस्या का लक्षण हो सकता है. इसके कुछ सामान्य कारण जैसे- तेज आवाज के संपर्क में आना (जैसे तेज म्यूज़िक, हेडफोन या मशीनें), उम्र के साथ सुनने की क्षमता कम होना, कान में संक्रमण या मैल (वैक्स) जमा होना, कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट, ज्यादा तनाव और खराब जीवनशैली. इसके अलावा कभी-कभी यह नर्वस सिस्टम या रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याओं का संकेत भी हो सकता है.
टिनिटस नजरअंदाज क्यों नहीं करना चाहिए?
समय के साथ समस्या बढ़ सकती है. शुरुआत में हल्की आवाज बाद में लगातार और ज्यादा परेशान करने वाली बन सकती है. ऐसे में चिंता और तनाव, नींद की परेशानी और डिप्रेशन जैसी जीवन की गुणवत्ता पर असर डालने वाली समस्याएं बड़ सकती है.
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
विशेषज्ञ के अनुसार यदि आपके कान में सीटी बजने या घंटी की तेज आवाज कभी-कभी सुनाई देती है जो कुछ समय में ठीक हो जाती है तो इसके लिए चेकअप की जरूरत नहीं है. लेकिन तुरंत डॉक्टर से सलाह लें अगर- कानों में आवाज कुछ हफ्तों से ज्यादा समय तक बनी रहे, आवाज अचानक या बहुत तेज हो इसके साथ चक्कर या सुनने में कमी महसूस हो.इलाज के लिए डॉक्टर साउंड थेरेपी, जीवनशैली में बदलाव या मूल बीमारी का उपचार सुझा सकते हैं.
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शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें
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