मुंबई57 मिनट पहले
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फोनपे ने अपना डिजिटल पेमेंट एप 2016 में लॉन्च किया था।
डिजिटल पेमेंट सेक्टर की कंपनी फोनपे ने फिलहाल अपनी पब्लिक मार्केट लिस्टिंग यानी IPO की प्रोसेस को रोक दिया है। कंपनी ने सोमवार को घोषणा की कि ग्लोबल लेवल पर जारी जियोपॉलिटिकल टेंशन और बाजार में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
कंपनी ने साफ किया है कि जब ग्लोबल कैपिटल मार्केट में स्थिरता आएगी, तब वह लिस्टिंग की प्रोसेस को दोबारा शुरू करेगी। फोनपे के सीईओ (CEO) समीर निगम ने इस फैसले पर कहा, ‘हम प्रभावित सेक्टरों में जल्द से जल्द शांति बहाली की उम्मीद करते हैं।
हालांकि, हमने अपने लिस्टिंग के प्लान को अभी टाल दिया है, लेकिन हम भारत में ही पब्लिक लिस्टिंग के लिए पूरी तरह कमिटेड हैं।’ निगम के बयान से स्पष्ट है कि कंपनी भारतीय शेयर बाजार में ही लिस्ट होने की तैयारी में है, लेकिन फिलहाल सही समय का इंतजार कर रही है।
साल 2016 में हुई थी शुरुआत, 65 करोड़ का यूजर बेस
फोनपे लिमिटेड (पूर्व में फोनपे प्राइवेट लिमिटेड) भारत की एक प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनी है। कंपनी का मुख्यालय भारत में ही है। फोनपे ने अपना डिजिटल पेमेंट एप 2016 में लॉन्च किया था।
30 सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, फोनपे के पास 65 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स हैं। इसके अलावा, कंपनी का डिजिटल पेमेंट एक्सेप्टेंस नेटवर्क 4.7 करोड़ से ज्यादा मर्चेंट्स तक फैला हुआ है।

पेमेंट से लेकर इंश्योरेंस तक कई वर्टिकल में काम कर रही कंपनी
फोनपे केवल पेमेंट एप तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कई अन्य सेक्टरों में भी विस्तार कर चुकी है। इसके प्रमुख वर्टिकल इस प्रकार हैं…
- कंज्यूमर पेमेंट्स: इसमें डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज शामिल हैं।
- मर्चेंट पेमेंट्स: व्यापारियों के लिए पेमेंट सॉल्यूशंस।
- लेंडिंग और इंश्योरेंस: कंपनी लोन और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन की सेवाएं भी देती है।
- शेयर मार्केट: कंपनी का अपना स्टॉक ब्रोकिंग और म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म है।
- इंडस ऐपस्टोर: फोनपे ने एंड्रॉइड बेस्ड मोबाइल एप मार्केटप्लेस ‘इंडस ऐपस्टोर’ भी लॉन्च किया है।
क्यों टाला गया IPO?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन और मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन और इन्वेस्टर सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक उभरते बाजारों में पैसा लगाने से हिचक रहे हैं।
फोनपे जैसी बड़ी वैल्यूएशन वाली कंपनी के लिए यह जरूरी है कि जब वह बाजार में उतरे, तो निवेशकों का उत्साह बना रहे।
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भारत की सबसे बड़ी डिजिटल पेमेंट कंपनी फोनपे ने अपने IPO के लिए नए डॉक्यूमेंट्स यानी अपडेटेड DRHP (UDRHP) फाइल किया है। मार्केट रेगुलेटर सेबी ने कंपनी को बाजार में लिस्ट होने की मंजूरी भी दे दी है। यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) होगा, यानी कंपनी कोई नए शेयर जारी नहीं करेगी। बल्कि इसके पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। कंपनी की इस IPO के जरिए करीब 12,000 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी है। पूरी खबर पढें…
