Last Updated:
शहतूत में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. यह कब्ज की समस्या में राहत देता है और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. साथ ही इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकते हैं.नियमित सेवन से हृदय रोगों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है.

शहतूत स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना है. काले, लाल या बैंगनी रंग का यह छोटा सा फल पोषक तत्वों से भरपूर होता है. आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में शहतूत को कई रोगों में लाभकारी माना गया है. नियमित और संतुलित मात्रा में इसका सेवन शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है.

दरअसल रायबरेली जिले के आयुष चिकित्सा विशेषज्ञ स्मिता श्रीवास्तव लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि शहतूत में विटामिन C, विटामिन K, आयरन, पोटैशियम और फाइबर का अच्छा स्रोत है.इसमें एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं.

स्मिता श्रीवास्तव के मुताबिक शहतूत में आयरन की मात्रा अच्छी होती है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती है.एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए यह फल लाभकारी माना जाता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

शहतूत में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. यह कब्ज की समस्या में राहत देता है और आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है. साथ ही इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकते हैं.नियमित सेवन से हृदय रोगों के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है.

विटामिन C से भरपूर शहतूत त्वचा को चमकदार बनाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. यह शरीर को मौसमी संक्रमण से बचाने में भी सहायक माना जाता है.

शहतूत के पत्तों और फल में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं.हालांकि, मधुमेह के मरीजों को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए.