Asha Bhosle Childhood Indore Memories

Asha Bhosle Childhood Indore Memories


इंदौर8 घंटे पहले

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भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। रविवार दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। शनिवार शाम उन्हें यहां भर्ती कराया गया था।

मध्य प्रदेश से उनका गहरा और भावनात्मक रिश्ता रहा। उनका बचपन इंदौर की छावनी इलाके के मुराई मोहल्ले में बीता, जिसकी यादें वे अक्सर साझा करती थीं। इंदौर की संस्कृति और माहौल का उनके व्यक्तित्व पर गहरा असर रहा।

इंदौर निवासी रिश्तेदार मनोज बिनवाले के मुताबिक, आशा ताई को सीहोर के शरबती गेहूं की रोटियां बेहद पसंद थीं और वे कई बार इंदौर से गेहूं मंगवाती थीं। इंदौर के खान-पान से उनका खास लगाव था। सराफा की खाऊ गली के गुलाब जामुन, रबड़ी और दही बड़े उन्हें बेहद पसंद थे। बचपन में वे सराफा चौपाटी जाया करती थीं।

आशाजी और लताजी की बचपन की तस्वीर।

आशाजी और लताजी की बचपन की तस्वीर।

17 साल पहले आईं थी इंदौर

करीब 17 साल पहले एक कार्यक्रम में इंदौर आईं तो सयाजी होटल में ठहरीं। उन्होंने रिश्तेदारों से घर का खाना मंगवाया था। वे खुद भी नए-नए व्यंजन बनाने की शौकीन थीं।

इंदौर में रहने वाले रिश्तेदार मनोज बिनवाले बताते हैं कि बचपन में आशा भोसले, उनकी बहनें लता मंगेशकर और मीना व मां के साथ छावनी से तोपखाना तक करीब 2.5 किमी पैदल चलकर एक समय का भोजन करने जाती थीं।

उनके मुताबिक, आशा ताई का इंदौर से लगाव लता मंगेशकर से भी ज्यादा था। वे इंदौर ज्यादा बार आती थीं। कम उम्र में शादी होने के कारण यहां ज्यादा समय नहीं बिता सकीं, लेकिन इंदौर का नमकीन, सराफा के मिष्ठान और सीहोर का शरबती गेहूं उन्हें हमेशा पसंद रहा।

बचपन में आशाजी उनकी बहन मीना के साथ।

बचपन में आशाजी उनकी बहन मीना के साथ।

विजयवर्गीय बोले-इंदौर से आत्मीय रिश्ता

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने उनके निधन पर शोक जताते हुए कहा कि आशा भोसले की आवाज ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और इंदौर से उनका जुड़ाव शहर के लिए गर्व का विषय रहा। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर की नाटक कंपनी के साथ परिवार कुछ समय इंदौर में रहा था। इसी दौरान उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर का जन्म इंदौर में हुआ।

12 हजार से ज्यादा गानों की विरासत

आशा भोसले ने 20 से अधिक भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गाने गाए। उनके ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने’, ‘इन आंखों की मस्ती’ जैसे गीत आज भी लोकप्रिय हैं। उन्होंने गजल, भजन, पॉप और क्लासिकल हर शैली में अपनी पहचान बनाई और ओपी नैयर, आरडी बर्मन, एआर रहमान जैसे संगीतकारों के साथ काम किया।

संघर्षों से भरा निजी जीवन 8 सितंबर 1933 को जन्मीं आशा भोसले, पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। 9 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद उन्होंने परिवार संभालने के लिए गायन शुरू किया।

उन्होंने पहला गीत 1943 में मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ में और हिंदी सिनेमा में 1948 की फिल्म ‘चुनरिया’ में गाया। कम उम्र में की गई पहली शादी 11 साल बाद टूट गई। इसके बाद उन्होंने लंबा समय अकेले बिताया और फिर संगीतकार आर.डी. बर्मन से शादी की।

गिनीज बुक में नाम है दर्ज आशा भोसले को दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय पुरस्कार और कई फिल्मफेयर अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया। उनका नाम गिनीज बुक में भी दर्ज है। वे ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने वाली पहली भारतीय सिंगर भी थीं।

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सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन

सिंगर आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन हो गया है। रविवार दोपहर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उन्हें शनिवार शाम को यहां भर्ती किया गया था।

ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल के डॉ. प्रतीत समदानी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि आशा भोसले को कई मेडिकल समस्याएं थीं और मल्टी-ऑर्गन फेल्योर यानी उनके कई अंग फेल होने के कारण उनका निधन हुआ। पढ़ें पूरी खबर…

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